निखिल बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले हैं. राजनीति और खेल पत्रकारिता की गहरी समझ रखते हैं. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से हिंदी में ग्रेजुएट और आईआईएमसी दिल्ली से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा हैं. हिंदी पट्टी के जनआंदोलनों से भी जुड़े रहे हैं. मनमौजी और घुमक्कड़ स्वभाव के निखिल बेहतरीन खाना बनाने के भी शौकीन हैं.Read More
2008 में हुए परिसीमन के बाद पटना जिले के छह विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर पाटलिपुत्र संसदीय सीट बनाया गया था। लोकसभा चुनाव 2009 में इस सीट पर जेडीयू के रंजन प्रसाद यादव ने लालू यादव को करीब 24 हजार वोटों से हराया था। ...
पूर्वांचल में बीजेपी की परंपरागत सीटों की बात की जाए तो उनमें से गोरखपुर एक है। इस सीट पर अब तक 18 बार लोकसभा चुनाव हुए हैं, जिसमें से 9 बार गोरक्षपीठ का ही कब्जा रहा है। ...
हिन्दी पट्टी के सभी राज्यों में परचम लहरा चुकी बीजेपी पश्चिम बंगाल में अपनी राजनीतिक जमीन बनाने के लिए लोकसभा चुनाव 2014 के बाद से ही लगी हुई है। खुद अमित शाह कई बार कह चुके हैं, जब तक पश्चिम बंगाल और केरल में पार्टी की सरकार नहीं बन जाती, बीजेपी का ...
अश्विनी चौबे बिहार के भागलपुर जिले के रहने वाले हैं जबकि जगदानंद सिंह का जन्म कैमूर में हुआ है। महागठबंधन अश्विनी चौबे के बाहरी होने का मुद्दा जोर-शोर से उठा रहा है। ...
अभिषेक मुन सिंघवी ने राहुल गांधी के दो जगह से चुनाव लड़ने, प्रियंका के वाराणसी से चुनाव नहीं लड़ने, कांग्रेस को संभावित लाभ देने वाले राज्यों सहित कई अहम बिंदुओं पर लोकमत समाचार से खुलकर बातचीत की. ...
आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव महागठबंधन में टिकट बंटवारे से पहले अपने दो करीबी सहयोगियों जहानाबाद से चंद्र प्रकाश और शिवहर लोकसभा सीट से अंगेश को राजद द्वारा उम्मीदवार बनाए जाने के लिए दबाव बना रहे थे। हालांकि आरजेडी की ...
कांग्रेस ने सोनीपत से पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, अंबाला से पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा, सिरसा से प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर, रोहतक से वर्तमान सांसद दीपेंद्र हुड्डा और कुरुक्षेत्र से पूर्व मंत्री निर्मल सिंह को उतारा है। ...
कुरुक्षेत्र संसदीय सीट का गठन 1977 में हुआ था, इससे पहले ये सीट कैथल में आती थी। जाट बहुल कुरुक्षेत्र में बीजेपी को पहली बार इस सीट पर राजकुमार सैनी ने 2014 में जीत दिलाई थी। ...