अभिषेक बच्चन ने बताया कि बॉलीवुड में डेब्यू करना उनके लिए कितना मुश्किल था। एक दौर था जब वह डायरेक्टर्स और प्रोड्यूसर्स के पास चक्कर लगाया करते थे, लेकिन उन्हें काम नहीं मिलता था। ...
आज सभी का जीवन आपाधापी और भाग-दौड़ से भरा हुआ है. ऐसे में जरूरी है कि एक बार फिर चिंतन किया जाए कि तन के साथ मन को भी स्वस्थ रखने के लिए क्या करना जरूरी है. पढ़िए गिरीश्वर मिश्र का ब्लॉग ...
गलवान घाटी में जिस रात भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसा हुई, उसके बाद तीन दिनों तक अमेरिका की चुप्पी रही। पहले भी कई मौकों पर अमेरिका का रवैया ऐसा रहा है कि कोई देश उसके बारे में अतिम राय नहीं बना सकता। ...
करीब तीन महीने से लॉकडाउन के कारण सभी काम बंद है। ऐसे में छोटे-मोटे रोल करने वाले कलाकारों को गुजारा करने के लिए कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ...
भारत में कोरोना संक्रमण के साथ-साथ मंदी की बढ़ती खाई भी बड़ी समस्या बनती जा रही है. ऐसे में सरकार को बहुत सोच-समझकर जमीनी समस्याओं पर भी ध्यान देना होगा। ...
चीन साठ के दशक में भी अपनी बादशाहत को दिमाग में रखकर दुनिया पर अपनी ताकत का वर्चस्व रखना चाहता था. आज भी कम्युनिस्ट कहलाते हुए भी उसकी रणनीति साम्राज्यवादी मानसिकता की है. इसलिए वह जापान, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, नेपाल के साथ भारत को दबाव में रखना ...
नालासोपारा में एक पिता के अपने ही तीन बच्चों की गला रेतकर हत्या और फिर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है. पुलिस घरेलू विवाद का संदेह जता रही है. ...
व्यंग्य जीवन की विसंगतियों का आईना है. बड़े व्यंग्यकार कह गए हैं कि जिस तरह ईश्वर कण-कण में निवास करता है, उसी तरह विसंगति कण-कण उर्फ मुद्दा, घटना, व्यक्ति, वस्तु वगैरह सब जगह निवास करती है. उसे देखने के लिए सिर्फ व्यंग्य दृष्टि चाहिए. जिस तरह सच्चा ...