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अमेरिका ने बगदाद ड्रोन हमले में ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी को मार गिराया, ट्रंप के निर्देश पर किया गया हमला

By भाषा | Updated: January 4, 2020 18:24 IST

पेंटागन ने इराक में सुलेमानी की मौत की पुष्टि की और कहा कि यह हमला ट्रंप के निर्देश पर किया गया था। पेंटागन ने एक बयान में कहा, ‘‘विदेश में अमेरिकी कर्मियों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट रक्षात्मक कार्रवाई करते हुए अमेरिकी सेना ने राष्ट्रपति के निर्देश पर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर-कुद्स फोर्स के प्रमुख कासिम सुलेमानी को मार गिराया। इस संगठन को अमेरिका ने प्रतिबंधित विदेशी आतंकवादी संगठन की सूची में डाल रखा है।’’

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अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन ने शुक्रवार को कहा कि विदेश में अमेरिकी नागरिकों की रक्षा को लेकर किए गए ड्रोन हमले में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के शक्तिशाली कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी मारे गए हैं। अमेरिका के इस कदम से दोनों कट्टर प्रतिद्वंद्वियों के बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव नाटकीय रूप से बढ़ गया है। वहीं पहले से ही अशांत फारस खाड़ी क्षेत्र में तनाव में इजाफा हुआ है। जनरल सुलेमानी ईरान के अल-कुद्स बल के प्रमुख और इसके क्षेत्रीय सुरक्षा उपकरण समूहों के रचयिता थे।

शुक्रवार को बगदाद अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा से रवाना हुए उनके काफिले पर किए गए अमेरिकी ड्रोन हमले में वह मारे गए। हमले में ईरान के शक्तिशाली हशद अल-शाबी अर्द्धसैनिक बल के उप प्रमुख और कुछ अन्य ईरान समर्थित स्थानीय मिलिशिया भी मारे गए।

जनरल सुलेमानी (62) को अयातुल्ला खामेनी के बाद ईरान में सबसे ताकतवर माना जाता था। उनका कुद्स फोर्स ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की एक इकाई था जो सीधे-सीधे अयातुल्ला को रिपोर्ट करता है और उन्हें देश के नायक के तौर पर सराहा जाता है।

पेंटागन ने इराक में सुलेमानी की मौत की पुष्टि की और कहा कि यह हमला ट्रंप के निर्देश पर किया गया था। पेंटागन ने एक बयान में कहा, ‘‘विदेश में अमेरिकी कर्मियों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट रक्षात्मक कार्रवाई करते हुए अमेरिकी सेना ने राष्ट्रपति के निर्देश पर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर-कुद्स फोर्स के प्रमुख कासिम सुलेमानी को मार गिराया। इस संगठन को अमेरिका ने प्रतिबंधित विदेशी आतंकवादी संगठन की सूची में डाल रखा है।’’

सुलेमानी की मौत के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी झंडे की तस्वीर ट्वीट करने के अलावा तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की। ट्रंप फिलहाल फ्लोरिडा में छुट्टी मना रहे हैं। इस हमले से कुछ दिन पहले कट्टर हशद गुट पर अमेरिका के भीषण हवाई हमले के बाद ईरान में सरकार समर्थित बल के इराकी समर्थकों ने बगदाद में अमेरिकी दूतावास की घेराबंदी की थी, जिसके बाद ट्रंप ने ईरान को नतीजे भुगतने की धमकी दी थी।

जनरल सुलेमानी और ईरान समर्थित मिलिशिया के अधिकारी दो कारों में बगदाद हवाईअड्डे से जा रहे थे तभी कार्गो इलाके में अमेरिकी ड्रोन हमला हुआ। बगदाद से मीडिया खबरों के अनुसार वह कथित रूप से लेबनान या सीरिया से आए थे। कई मिसाइलों से काफिले पर हमला हुआ और माना जाता है कि सात लोग इस हमले में मारे गए हैं।

पेंटागन ने कहा कि इस हमले का मकसद भविष्य में ईरान की हमले की मंशा को रोकना था। इसने कहा, ‘‘जनरल सुलेमानी इराक एवं समूचे क्षेत्र में अमेरिकी राजनयिकों और कार्यरत लोगों पर हमले की साजिश रचता था। जनरल सुलेमानी और उनका कुद्स फोर्स सैकड़ों अमेरिकी नागरिकों और गठबंधन देशों के कर्मियों की मौत तथा हजारों लोगों को घायल करने का जिम्मेदार है।’’

पेंटागन ने कहा कि सुलेमानी ने 27 दिसंबर के हमले समेत बीते कुछ महीनों में इराक में गठबंधन के सैन्य अड्डों पर हमले की ‘‘साजिश’’ रची, जिसके नतीजतन अतिरिक्त अमेरिकी एवं इराकी सैनिकों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए। इसके अनुसार, ‘‘जनरल सुलेमानी ने इस सप्ताह बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर हुए हमले की भी साजिश रची थी।’’

इसके अनुसार, ‘‘दुनिया में कहीं जब भी जरूरत पड़ेगी तब अमेरिका अपने नागरिकों की सुरक्षा एवं अपने हितों की रक्षा के लिए तमाम जरूरी कदम उठाता रहेगा।’’ तेहरान में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनी ने कहा कि इन हमलों के ‘‘अपराधियों से बदले का इंतजार है’’।

उन्होंने तीन दिवसीय राष्ट्रीय शोक की भी घोषणा की। खामेनी ने सुलेमानी की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश के लिए शहादत जनरल की बड़ी ख्वाहिश थी। उन्होंने कहा, ‘‘बरसों से उनकी यही ख्वाहिश थी कि वह शहीद हों और आखिरकार अल्लाह ने उनकी मुराद पूरी की।’’

सुलेमानी की मौत पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के राष्ट्रपति हसन रुहानी ने कहा कि देश और ‘‘क्षेत्र के स्वतंत्र राष्ट्र’’ अमेरिका से इसका बदला लेंगे। राष्ट्रपति रुहानी ने पश्चिम एशिया में ईरान के सहयोगी देशों का हवाला देते हुए कहा, ‘‘इसमें कोई संदेह नहीं है कि ईरान और क्षेत्र के अन्य तीन देश अपराधी अमेरिका से इस क्रूर अपराध का बदला लेंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उनकी मौत ने ईरान और अन्य स्वतंत्र देशों की अमेरिका की दादागिरी खिलाफ खड़ा होने और इस्लामी मूल्यों की रक्षा के दृढ़संकल्प को दोगुना कर दिया है।’’ इस बीच हमलों के मद्देनजर तेल की वैश्विक कीमतों में चार प्रतिशत से अधिक उछाल आया। सुलेमानी की मौत की खबर पर अमेरिका में कई लोगों ने ट्रंप और डेमोक्रेट की प्रशंसा की, हालांकि कई लोगों ने हमले की वैधता और इसके नतीजों को लेकर चिंता भी प्रकट की। ट्रंप के सहयोगी दक्षिण कैरोलिना से सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने ट्वीट किया, ‘‘ईरान की आक्रामकता के खिलाफ इस कड़े कदम के लिए मैं डोनाल्ड ट्रंप की सराहना करता हूं।’’

उन्होंने अगला ट्वीट किया, ‘‘ईरान सरकार के लिए : अगर आप और अधिक चाहते हैं तो आपको और अधिक मिलेगा।’’ ट्रंप के इस फैसले का उनकी पूर्व कैबिनेट सहयोगी एवं संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका दूत भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक निक्की हेली ने समर्थन किया है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘कासिम सुलेमानी एक कट्टर आतंकवादी था, जिसके हाथ अमेरिकी नागरिकों के खून से रंगे हैं। उसकी मौत पर उन सभी को प्रशंसा सराहना करनी चाहिए जो शांति और न्याय चाहते हैं। ऐसा मजबूत और सही कदम उठाने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप पर गर्व है।’’ सदन की स्पीकर एवं शीर्ष डेमोक्रेट नेता नैंसी पेलोसी ने चेतावनी दी कि ‘‘अमेरिका ऐसे भड़काऊ और अनुचित कार्यों से अमेरिकी नागरिकों, कर्मियों एवं राजनयिकों की जान को खतरे में नहीं डाल सकता।’’

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