राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जारी की निकोलस मादुरो की पहली तस्वीर, हथकड़ी और आंखों पर पट्टी बांधे वेनेजुएला के राष्ट्रपति

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 4, 2026 06:44 IST2026-01-04T06:43:45+5:302026-01-04T06:44:30+5:30

ट्रंप ने कहा, ‘‘हम लातिन अमेरिकी देश की बागडोर तबतक संभालेंगे जब तक हम एक सुरक्षित, उचित और विवेकपूर्ण सत्ता हस्तांतरण नहीं कर लेते।’’

Trump Releases 1st Picture Of Nicolas Maduro On Board US Warship picture handcuffed blindfolded gray sweatshirt and sweatpants | राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जारी की निकोलस मादुरो की पहली तस्वीर, हथकड़ी और आंखों पर पट्टी बांधे वेनेजुएला के राष्ट्रपति

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Highlightsराष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि वेनेजुएला में सुरक्षित सत्ता हस्तांतरण होने तक अमेरिका उस देश का प्रशासन संभालेगा।अमेरिका की यह कार्रवाई तेल समृद्ध लातिन अमेरिकी देश पर महीनों से बढ़ाए जा रहे दबाव की परिणति है।ट्रंप ने कहा कि सत्ता हस्तांतरण होने तक अमेरिका वेनेजुएला का प्रशासन चलाएगा।

वाशिंगटनः अमेरिकी सेना द्वारा एक साहसिक सैन्य अभियान में पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'ट्रुथ सोशल' पर हथकड़ी और आंखों पर पट्टी बांधे वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की एक अमेरिकी युद्धपोत पर ली गई तस्वीर पोस्ट की। तस्वीर में 63 वर्षीय दक्षिण अमेरिकी नेता ग्रे स्वेटशर्ट और स्वेटपैंट पहने, बड़े हेडफोन लगाए हुए, एक प्लास्टिक की पानी की बोतल पकड़े हुए दिखाई दे रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि वेनेजुएला में सुरक्षित सत्ता हस्तांतरण होने तक अमेरिका उस देश का प्रशासन संभालेगा।

 

अमेरिका ने शनिवार तड़के एक आश्चर्यजनक सैन्य अभियान में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया और उन्हें देश से बाहर ले गया। इस अभियान में एक सत्तारूढ़ राष्ट्राध्यक्ष को पद से हटा दिया गया। अमेरिका की यह कार्रवाई तेल समृद्ध लातिन अमेरिकी देश पर महीनों से बढ़ाए जा रहे दबाव की परिणति है।

ट्रंप ने कहा कि सत्ता हस्तांतरण होने तक अमेरिका वेनेजुएला का प्रशासन चलाएगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी उपस्थिति पहले से ही स्थापित है, हालांकि इस बात के तत्काल कोई संकेत नहीं थे कि अमेरिका देश चला रहा है। ट्रंप ने कहा, ‘‘हम लातिन अमेरिकी देश की बागडोर तबतक संभालेंगे जब तक हम एक सुरक्षित, उचित और विवेकपूर्ण सत्ता हस्तांतरण नहीं कर लेते।’’

ट्रंप ने दावा किया कि विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने वेनेजुएला के उपराष्ट्रपति से उस देश को 'फिर से महान बनाने' के बारे में बात की है। ट्रंप ने ‘मार-ए-लागो’ में एक संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि यह ‘‘अत्यंत सफल अभियान किसी भी ऐसे व्यक्ति के लिए चेतावनी के रूप में काम करना चाहिए, जो अमेरिकी संप्रभुता को खतरा पहुंचाना चाहता है या अमेरिकी जीवन को खतरे में डालना चाहता है।’’

ट्रंप ने मार-ए-लागो में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि यह ‘‘अत्यंत सफल अभियान किसी के लिए भी चेतावनी होनी चाहिए, जो अमेरिकी संप्रभुता को खतरे में डालने या अमेरिकी नागरिकों की जान को जोखिम में डालने की कोशिश करे’’। हालांकि, वेनेजुएला सरकार की ओर से ट्रंप के दावों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। वेनेजुएला के सरकारी टीवी ने काराकस में विरोध प्रदर्शन करते हुए मादुरो समर्थकों के छोटे समूहों की लाइव तस्वीरें प्रसारित कीं।

अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला किया; कहा- मादुरो को पकड़कर देश से बाहर ले जाया गया

अमेरिका ने शुक्रवार देर रात को वेनेजुएला पर ‘‘बड़े पैमाने पर हमले’’ किये और कहा कि देश के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया गया है और देश से बाहर ले जाया गया है। मादुरो और उनकी पत्नी को सैन्य अड्डे स्थित उनके घर से रात में पकड़ा गया। उन्हें एक अमेरिकी युद्धपोत पर बैठाकर न्यूयॉर्क ले जाया जा रहा है, जहां उन्हें आपराधिक आरोपों का सामना करना था।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को ‘फॉक्स न्यूज’ पर कहा कि अमेरिका अब वेनेजुएला के लिए आगे के कदमों का आकलन कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम इसमें पूरी तरह से शामिल रहेंगे। हम इसका जोखिम नहीं उठा सकते कि कोई और कमान संभाले।’’ हमले के लिए विधिक प्राधिकार और क्या ट्रंप ने इससे पहले कांग्रेस से परामर्श किया था- अभी तत्काल स्पष्ट नहीं है।

किसी देश के वर्तमान नेता को पद से हटाने की यह चौंकाने वाली, त्वरित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई 1990 में पनामा के अमेरिकी आक्रमण की याद दिलाती है। पनामा पर हमले के दौरान उसके नेता मैनुएल एंटोनियो नोरिएगा ने आत्मसमर्पण किया था और उन्हें पकड़ लिया गया था।

अमेरिकी सरकार मादुरो को मान्यता नहीं देती थी, जो आखिरी बार शुक्रवार को काराकस में चीनी अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करते हुए सरकारी टेलीविजन पर दिखाई दिए थे। मादुरो और अन्य वेनेजुएला अधिकारियों को 2020 में "नार्को-आतंकवाद" साजिश के आरोप में अभ्यारोपित किया गया था, लेकिन न्याय विभाग ने शनिवार को मादुरो और उनकी पत्नी, सिलिया फ्लोरेस के खिलाफ एक नया अभियोग जारी किया, जिसमें उन पर नार्को-आतंकवाद साजिश में भूमिका निभाने का आरोप लगाया गया है।

अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी ने कहा है कि न्यूयॉर्क में अभ्यारोपित होने के बाद वेनेजुएला के अपदस्थ नेता निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को आपराधिक आरोपों का सामना करना पड़ेगा। बोंडी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘दंपति को जल्द ही अमेरिकी धरती पर अमेरिकी अदालतों में अमेरिकी न्याय का सामना करना पड़ेगा।’’

ट्रंप ने कहा कि दंपति अमेरिकी युद्धपोत इवो जिमा पर सवार हैं और न्यूयॉर्क की ओर बढ़ रहे हैं। ट्रंप शनिवार सुबह संबोधन देने वाले थे। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर मादुरो की आंखों पर पट्टी बांधे और ट्रैकसूट पहने हुए जहाज पर ली गई एक तस्वीर पोस्ट की। इससे पहले विस्फोट की कई आवाजें सुनाई दीं और कम ऊंचाई पर उड़ान भरते विमान राजधानी काराकस के ऊपर से गुजरे।

वहीं मादुरो की सरकार ने तत्काल ही अमेरिका पर नागरिक और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला करने का आरोप लगाया। वेनेजुएला की सरकार ने इसे ‘‘साम्राज्यवादी हमला’’ करार दिया और नागरिकों से सड़कों पर उतरने का आह्वान किया। यह हमला 30 मिनट से भी कम समय तक चला और इस दौरान कम से कम सात धमाके हुए जिसकी वजह से लोगों को सड़कों पर भागने पर मजबूर होना पड़ा।

वहीं, अन्य लोगों ने सोशल मीडिया पर हालात की जानकारी साझा की। वेनेजुएला के उपराष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिग्ज ने कहा कि वेनेज़ुएला के कुछ नागरिक और सैन्यकर्मी मारे गए, हालांकि उन्होंने कोई संख्या नहीं बतायी। ट्रंप ने कहा कि वेनेज़ुएला में कुछ अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, लेकिन उनका मानना ​​है कि कोई भी मारा नहीं गया है। काराकस और एक अज्ञात तटीय शहर से प्राप्त वीडियो में आसमान में रोशनी और धुआं दिखा, जबकि लगातार विस्फोटों से रात के समय आसमान रोशन हो गया था।

अन्य फुटेज में शहरी परिदृश्य दिखा, जहां एक हाइवे पर वाहन गुजर रहे हैं और उनके पीछे की पहाड़ियों पर विस्फोट से वहां रोशनी हो रही है। इन वीडियो की पुष्टि एसोसिएटेड प्रेस द्वारा की गई। काराकस के एक सैन्य अड्डे के हैंगर से धुआं उठते देखा गया, जबकि राजधानी के एक अन्य सैन्य प्रतिष्ठान में बिजली गुल थी।

रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञों ने शनिवार को वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर अमेरिकी हमलों और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़े जाने के घटनाक्रम को “अविश्वसनीय” करार दिया और कहा कि इससे एक “बुरी मिसाल” कायम होगी, क्योंकि अन्य शक्तियां अमेरिकी कदम का हवाला देते हुए भविष्य में इसी तरह की कार्रवाई करने की कोशिश कर सकती हैं।

विशेषज्ञों ने इसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की ओर से उठाया गया “बेहद खतरनाक” और “आक्रामक कदम” भी बताया। ट्रंप ने शनिवार तड़के सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर जारी एक पोस्ट में कहा, “अमेरिका ने वेनेजुएला के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमले किए हैं और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर देश से बाहर ले जाया गया है।”

पूर्व राजनयिक और रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ राजीव डोगरा ने ‘पीटीआई वीडियो’ के साथ बातचीत में कहा, “सच कहूं तो यह अविश्वसनीय है। मेरा मतलब है कि यह अभी तक हजम नहीं हो पाया है, क्योंकि एक तरह से हाल के समय में यह अभूतपूर्व है।” उन्होंने कहा कि ऐसा पिछली शताब्दियों में हुआ होगा,

जब कोई “देशों पर आक्रमण करता था”, उनके नेताओं को पकड़ लेता था या उनकी हत्या कर देता था, लेकिन हाल के समय में “हमने किसी भी देश के बारे में यह नहीं सुना है कि वह कानून, परंपरा या तर्क की इतनी कम परवाह करता है”। डोगरा ने आरोप लगाया, “ट्रंप ने इस तरह के कृत्यों में लिप्त होकर सभी परंपराओं को तोड़ दिया है,

संप्रभुता की पवित्र सीमाओं को लांघ दिया है।” उन्होंने कहा कि वेनेजुएला के लोग राष्ट्रपति मादुरो को पसंद करते हैं या नहीं, यह “एक अलग बात” है, जिसका फैसला “वेनेजुएला के लोगों को ही करना चाहिए”, लेकिन ट्रंप का अपने बलों को मादुरो को पकड़कर वेनेजुएला से बाहर ले जाने का आदेश देना बिल्कुल भी तर्कसंगत नहीं है।

वेनेजुएला में भारत के पूर्व राजदूत दीपक भोजवानी ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ बातचीत में कहा कि राष्ट्रपति मादुरो “अमेरिकी प्रशासन के निशाने पर रहे हैं” और अमेरिका को उन्हें “अपदस्थ करने” में बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा। भोजवानी ने कहा कि ऐसा इसलिए है, क्योंकि मादुरो देश की सेना को नियंत्रित करते थे और उन्होंने “एक तरह से तानाशाही हुकूमत कायम कर रखी थी।”

उन्होंने कहा कि मादुरो के खिलाफ “बहुत ही विश्वसनीय आरोप हैं कि उन्होंने लोकतांत्रिक प्रथाओं का पालन नहीं किया।” भोजवानी ने ट्रंप प्रशासन की ओर से मादुरो पर लगाए गए “नार्को-आतंकवाद” के आरोपों का भी जिक्र किया। डोगरा ने अमेरिकी कार्रवाई के बारे में बात करते हुए कहा, “मुझे नहीं लगता कि इस हमले को अमेरिकी सीनेट या अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की मंजूरी हासिल हुई होगी और न ही इसे अमेरिकी कानून के तहत वैध ठहराया जा सकता है। यह कार्रवाई एक बहुत ही गलत मिसाल कायम करेगी, क्योंकि इसी तरह की अशांत प्रवृत्ति वाले कुछ अन्य देश भी इसका अनुसरण कर सकते हैं।”

डोगरा ने कहा कि कोई भी देश या ताकत कल आसानी से कह सकती है कि अगर अमेरिका वेनेजुएला में ऐसा कर सकता है, तो वह किसी अन्य देश या किसी अन्य स्थान पर ऐसा क्यों नहीं कर सकती। उन्होंने कहा, “इसलिए ट्रंप ने एक गलत मिसाल कायम की है।” डोगरा ने कहा कि वह इस बात से दुखी हैं कि ऐसी घटना ऐसे युग और समय में घटी है, जब दुनिया अधिक आर्थिक और तकनीकी प्रगति की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा, “लेकिन पिछले साल जनवरी में दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद से ट्रंप ने दुनिया को उलट-पुलटकर रख दिया है।”

रणनीतिक मामलों के एक अन्य विशेषज्ञ ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) राहुल के भोंसले ने देहरादून में ‘पीटीआई वीडियो’ से बातचीत में कहा, “ट्रंप प्रशासन ने एक बहुत ही खतरनाक और आक्रामक कदम उठाया है। हमें देखना होगा कि इसका क्या परिणाम होता है।” भोंसले ने कहा, “अमेरिकी प्रशासन और मादुरो प्रशासन के बीच तनाव काफी समय से पनप रहा था। यह (पूर्व राष्ट्रपति) बाइडन के शासनकाल में भी मौजूद था, लेकिन ट्रंप प्रशासन खास तौर पर आक्रामक रहा है।”

उन्होंने कहा कि यह ट्रंप प्रशासन का एक “बेहद खतरनाक” कदम है और मादुरो सरकार एक ऐसी सरकार नहीं है, जो अमेरिका की सक्रिय सैन्य विरोधी है। भोंसले ने कहा कि इस कार्रवाई के लिए मूल रूप से “नशीले पदार्थों की तस्करी और आतंकवाद से जुड़ी चुनौतियां” जिम्मेदार हैं, जिनके बारे में अमेरिका का कहना है कि मादुरो सरकार इनमें लिप्त है।

उन्होंने आगाह किया, “लेकिन ऐसे शासन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करना बेहद खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता है। कल कई अन्य शक्तियां भी इसका हवाला देकर इसी तरह की कार्रवाई करने की कोशिश कर सकती हैं।”

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