लाइव न्यूज़ :

अमेरिका सरकार ने तहव्वुर राणा की रिहाई का विरोध किया, कहा देश से भागने का खतरा

By भाषा | Updated: December 1, 2020 17:16 IST

Open in App

ललित के. झा

वाशिंगटन, एक दिसंबर अमेरिका सरकार ने कैलिफोर्निया की फेडरल अदालत में अर्जी देकर 2008 के मुंबई आतंकवादी हमला मामले में भारत द्वारा भगोड़ा घोषित पाकिस्तानी मूल के कनाडाई व्यापारी तहव्वुर राणा की रिहाई का विरोध किया है और कहा है कि उसके देश छोड़कर भागने का खतरा है।

डेविड कोलमैन हेडली के बचपन के दोस्त राणा (59) को भारत के अनुरोध पर 10 जून को लॉस एंजिलिस से फिर से गिरफ्तार किया गया। भारत ने 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के सिलसिले में राणा के प्रत्यर्पण का अनुरोध किया है। हमले में छह अमेरिकी नागरिकों सहित 166 लोग मारे गए थे।

लश्कर-ए-तैयबा का पाकिस्तानी-अमेरिकी सदस्य हेडली 2008 मुंबई आतंकवादी हमले के षड्यंत्र में शामिल था। वह इस मामले में सरकारी गवाह बन गया था और फिलहाल हमले में अपनी भूमिका के लिए अमेरिका की जेल में 35 साल की सजा काट रहा है।

राणा को भारत ने भगोड़ा घोषित किया हुआ है और उसके प्रत्यर्पण पर सुनवाई 12 फरवरी को होनी है।

लॉस एंजिलिस के अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की जज जैकलीन शेलोनियन की अदालत में सोमवार को दी गई अर्जी में अमेरिकी अधिवक्ता निकोला टी. हना ने अदालत से राणा को रिहा करने का आवेदन खारिज करने का अनुरोध किया। वकील ने कहा कि राणा यह साबित करने में असफल रहे हैं कि वह देश छोड़कर नहीं भागेंगे और उनके प्रत्यर्पण की अर्जी लंबित होने के कारण विशेष परिस्थिति बन रही है और उसे हिरासत में रखना आवश्यक है।

राणा कोविड-19 महामारी का लाभ उठाकर प्रत्यर्पण से पहले हिरासत से अपनी रिहाई का प्रयास कर रहा है जबकि हना ने अर्जी देकर उसे फरवरी में सुनवाई होने तक हिरासत में ही रखने का अनुरोध किया है।

राणा के वकील ने अनुरोध किया है कि महामारी के मद्देनजर उसे रिहा कर दिया जाए।

वहीं सरकारी वकीन हना का कहना है कि प्रत्यर्पण का सामना कर रहे एक भगोड़े अपराधी को उसी सूरत में जमानत मिल सकती है जब वह साबित करे कि उसके देश छोड़कर भागने का खतरा नहीं है और उसे हिरासत से रिहा करने के लिए कोई ‘विशेष परिस्थिति’ बन रही है।

राणा ने अदालत में दी गई अपनी अर्जी में कहा है कि ब्यूरो ऑफ प्रिजन कोविड-19 का प्रभावी प्रबंधन करने की क्षमता नहीं रखता है इसलिए उसे हिरासत से रिहा किया जाए।

हना ने दलील दी है कि ब्यूरो कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई के लिए प्रतिबद्ध है और हिरासत में मौजूद सभी बंदियों की सुरक्षा कर रहा है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टतुम काले हो, मेरे लायक नहीं, मैं तुमसे बेहतर किसी के?, पत्नी प्रियंका और प्रेमी कमलेश ने पति पुरोहित देवकृष्ण को धारदार हथियार से काट डाला

विश्वUS-ईरान वार्ता से पहले पाकिस्तान में अलर्ट, इस्लामाबाद में 'रेड जोन' सील किया; सब कुछ बंद

क्राइम अलर्टतस्वीरें और सेल्फी वीडियो ने ली जान?, तेज बहाव के बीच चट्टान पर चढ़ी तृषा, रत्ना कुमारी और पवित्रा, फिसलकर पानी में गिरीं और, वीडियो

कारोबारनेपाल में पेट्रोल 17, किरोसिन-डीजल 25 रुपया महंगा?, सिलेंडर की कीमत में 100 रुपये की बढ़ोतरी, नई दरें 10 अप्रैल से लागू

क्राइम अलर्टबजरी से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर पलटा, नीचे दबकर 3 मजदूरों की मौत और 2 घायल

विश्व अधिक खबरें

विश्वभारत-US संबंधों का नया अध्याय; मार्को रूबियो का भारत दौरा, क्वाड और क्रिटिकल मिनरल्स पर जोर

विश्वIran-Israel War: क्या इस्लामाबाद वार्ता बचा पाएगी शांति? लेबनान हमले और कीर स्टार्मर के खाड़ी दौरे से जुड़ी हर अपडेट, जानें यहां

विश्वअविश्वास के घने कोहरे में विश्वास की खोज !

विश्वअमेरिका-ईरान युद्धविरामः डोनाल्ड ट्रंप को नहीं पाक पीएम शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को नोबेल शांति पुरस्कार दो?, पाकिस्तान ने मांग उठाई?

विश्वअमेरिका-इजराइल और ईरानः युद्धविराम पर खतरा मंडराने से भरोसा टूटा?