Iran-Israel War: ईरान पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी जारी, वैश्विक तेल सप्लाई पर संकट के बादल
By अंजली चौहान | Updated: April 30, 2026 09:06 IST2026-04-30T09:05:21+5:302026-04-30T09:06:26+5:30
Iran-Israel War: ईरान के नौसेना कमांडर ने दावा किया है कि ईरानी सेना ने अमेरिकी विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन के खिलाफ कम से कम "सात मिसाइल हमले" किए हैं।

Iran-Israel War: ईरान पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी जारी, वैश्विक तेल सप्लाई पर संकट के बादल
Iran-Israel War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे यूएस नेवी ब्लॉकेड की सराहना की है। उन्होंने कहा कि तेहरान को हार माननी पड़ेगी, साथ ही किसी भी एग्रीमेंट से इनकार किया जब तक कि वह अपने न्यूक्लियर एम्बिशन को नहीं छोड़ता। ट्रंप ने कहा, "ब्लॉकेड जीनियस है। ब्लॉकेड 100% फुलप्रूफ रहा है। यह दिखाता है कि हमारी नेवी कितनी अच्छी है, मैं आपको यह बता सकता हूं। कोई भी गेम नहीं खेलेगा। हमारे पास दुनिया की सबसे बड़ी मिलिट्री है और मैंने अपने पहले टर्म में इसका बहुत कुछ बनाया था और हम तब से इसे बना रहे हैं और दुनिया में कहीं भी सबसे बड़ी, कोई भी इसके आस-पास भी नहीं है।"
Tensions between #Washington and #Tehran continue to escalate as the White House signals readiness to sustain a naval blockade of Iranian ports for an extended period.
— All India Radio News (@airnewsalerts) April 30, 2026
According to Pentagon assessments, the financial cost to the #UnitedStates has now crossed $25 billion.
US… pic.twitter.com/I2iYUgEYa0
तेहरान पर आर्थिक दबाव के बारे में बताते हुए ट्रंप ने कहा, "हमारे पास एक ज़बरदस्त मिलिट्री है। अब, उन्हें बस इतना कहना है, 'हम हार मानते हैं। हम हार मानते हैं।' लेकिन उनकी इकॉनमी सच में मुश्किल में है, इसलिए यह एक डेड इकॉनमी है।" चल रही डिप्लोमैटिक कोशिशों पर उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता, यह डिपेंड करता है। हमारी बातचीत होती है, हम अभी उनसे बातचीत कर रहे हैं और हम अब हर बार कागज़ का एक टुकड़ा देखने के लिए 18 घंटे की फ़्लाइट नहीं लेते। हम इसे टेलीफ़ोन पर कर रहे हैं और यह बहुत अच्छा है। मैं कॉल करता हूँ या मेरे लोग कॉल करते हैं और आप जवाब जानते हैं... मुझे हमेशा आमने-सामने बात करना पसंद है, मैं इसे बेहतर मानता हूँ।"
अमेरिकी सैना की नाकाबंदी से ईरान के तेवर सख्त होने के आसार है। क थिंक टैंक—'इंस्टीट्यूट फ़ॉर द स्टडी ऑफ वॉर' द्वारा किए गए एक अध्ययन में यह बताया गया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका के सामने रखे गए अपने नए प्रस्तावों में तेहरान के अब और ज्यादा झुकने की संभावना नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, IRGC के प्रमुख मेजर जनरल अहमद वाहिदी द्वारा जिस सख़्त रुख़ की वकालत की जा रही है, अब वही तेहरान में सबसे ज़्यादा हावी विचार बन गया है। इस विश्लेषण में कहा गया है कि ऐसा प्रतीत होता है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य और अपने परमाणु कार्यक्रम पर से अपना नियंत्रण छोड़ने को तैयार नहीं है।
U.S. President @realDonaldTrump has told Axios that he's going to keep Iran under a naval blockade until the regime agrees to a deal that addresses U.S. concerns about its nuclear program, rejecting an Iranian proposal to first open the Strait of #Hormuz and lift the blockade,… pic.twitter.com/RZDDJG4glT
— Upendrra Rai (@UpendrraRai) April 30, 2026
ईरान के मुख्यधारा के राजनेता अब इस फ़ैसले पर एकजुट हो रहे हैं कि जब तक अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी नौसैनिक नाकेबंदी को हटा नहीं लेता, तब तक परमाणु मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं की जाएगी। यह वही नीतिगत परिणाम था जिसे वाहिदी सबसे ज़्यादा पसंद करते थे।
US forces enforcing Iran blockade for 2+ weeks: 42nd vessel redirected. 41 tankers stuck with 69M barrels oil ($6B+).
— AL Khammas (@ALkhammas2) April 29, 2026
“Outstanding work… Blockade highly effective.” - Adm. Brad Cooper, CENTCOM pic.twitter.com/9rbV4ER5xX
विश्लेषण के अनुसार, ईरानी शासन संभवतः होर्मुज जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले जहाज़ों पर टोल (शुल्क) वसूलने की एक योजना में ओमान को भी शामिल करके, इस जलडमरूमध्य पर अपनी संप्रभुता स्थापित करने की अपनी योजना को संशोधित करने और उसे वैधता प्रदान करने का प्रयास कर रहा है। ऐसा करने से ईरान अमेरिका के सामने एक "नया प्रस्ताव" पेश कर पाएगा, और उसे अपनी किसी भी "रेड लाइन" (अति-संवेदनशील सीमा) के साथ कोई समझौता भी नहीं करना पड़ेगा। यह शासन यमन में हूथियों से उन जहाजों पर हमला करवाने जैसे तरीकों पर भी विचार कर रहा है, जो बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य से गुज़रते हैं; इसका मकसद अमेरिका पर नौसैनिक नाकेबंदी हटाने का दबाव डालना है।