दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में 97 भारत से होने का मतलब

By निशांत | Updated: April 30, 2026 05:13 IST2026-04-30T05:13:52+5:302026-04-30T05:13:52+5:30

अप्रैल 2026 के आखिरी हफ्तों में कई दिनों तक दुनिया के 100 में से भारत के 92 से 98 शहर इस सूची में रहे.

imdb weather heatwave What does mean have 97 world's 100 hottest cities in India blog Nishant Saxena | दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में 97 भारत से होने का मतलब

file photo

Highlightsदुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में 97 भारत के थे. यह कोई एक दिन की बात नहीं है.पश्चिम से आने वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस इस बार जल्दी कमजोर पड़ गए.सिस्टम आमतौर पर उत्तर और मध्य भारत में हल्की बारिश और ठंडक लाते हैं.

अप्रैल की दोपहर है. सड़क पर हवा चल रही है, लेकिन ठंडक नहीं, जैसे किसी ने गर्म हवा को ही पंखे पर चढ़ा दिया हो. इसी बीच एक आंकड़ा आता है, जो इस गर्मी को सिर्फ एहसास नहीं, एक सच्चाई बना देता है. 28 अप्रैल 2026 को एक्यूआईडाॅटइन के रियल टाइम डाटा के मुताबिक, दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में 97 भारत के थे. यह कोई एक दिन की बात नहीं है.

अप्रैल 2026 के आखिरी हफ्तों में कई दिनों तक दुनिया के 100 में से भारत के 92 से 98 शहर इस सूची में रहे. यानी यह एक घटना नहीं, एक पैटर्न है. मौसम विभाग ने अप्रैल से जून के बीच देश के बड़े हिस्से में सामान्य से ज्यादा हीटवेव दिनों की आशंका जताई थी. अब वही हो रहा है. इसके पीछे एक नहीं, कई वजहें हैं. सबसे पहले, पश्चिम से आने वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस इस बार जल्दी कमजोर पड़ गए.

यही सिस्टम आमतौर पर उत्तर और मध्य भारत में हल्की बारिश और ठंडक लाते हैं. इस बार आसमान साफ रहा, धूप बिना रुकावट के जमीन पर गिरती रही. दूसरा, एक तरह का ‘हीट डोम’ बना हुआ है. यानी ऊपरी हवा में हाई प्रेशर का ऐसा घेरा, जो गर्म हवा को नीचे ही फंसा देता है. बादल नहीं बनते, और दिन भर की गर्मी जमा होती जाती है. तीसरा, प्री मानसून बारिश कम रही. मिट्टी सूखी है.

जब जमीन में नमी नहीं होती तो सूरज की ऊर्जा पानी उड़ाने में नहीं, सीधे हवा को गर्म करने में लगती है. यही वजह है कि तापमान तेजी से चढ़ता है. लेकिन यह पूरी कहानी नहीं है. असल बदलाव धीरे-धीरे पृष्ठभूमि में हुआ है. पिछले चार दशकों में भारत का औसत तापमान लगभग 0.5 से 0.9 डिग्री तक बढ़ा है. यही ‘बेसलाइन वार्मिंग’ अब हर हीटवेव को और तेज बना रही है.

शहरों में यह असर और बढ़ जाता है. कांक्रीट, कम हरियाली और घनी बसाहट वाले शहर जैसे लखनऊ, दिल्ली, नागपुर या हैदराबाद दिन में ज्यादा गर्म होते हैं और रात में भी ठंडे नहीं हो पाते. इसे अर्बन हीट आइलैंड कहा जाता है. और अब एक नया खतरा जुड़ रहा है, रात की गर्मी. पहले दिन की तपिश के बाद रात राहत देती थी. अब नहीं. गर्म रातें शरीर को रिकवरी का मौका नहीं देतीं.

नींद पूरी नहीं होती, थकान जमा होती रहती है, और अगला दिन पहले से ज्यादा भारी लगता है. यह गर्मी सिर्फ मौसम की नहीं, हमारी आदतों की कहानी भी बनती जा रही है. एक दिलचस्प विरोधाभास है. बाहर 44 डिग्री है, लेकिन कमरे के अंदर हम 20 डिग्री की तलाश में हैं. एयर कंडीशनर अब सिर्फ सुविधा नहीं, आदत बन चुका है.

जबकि इसी मौसम में, खासकर सूखी गर्मी वाले इलाकों में, एयर कूलर जैसी तकनीक बहुत कम ऊर्जा में काम कर सकती है. एक सामान्य एसी जहां 1 से 1.5 किलोवॉट बिजली लेता है, वहीं कूलर 100 से 300 वॉट में काम कर सकता है. यानी 60 से 80 प्रतिशत तक कम खपत. अगर लाखों घरों में गर्मी के शुरुआती महीनों में यही पैटर्न अपनाया जाए तो पीक बिजली मांग पर सीधा असर पड़ सकता है.

लेकिन हमने आराम की परिभाषा बदल दी है. अब आराम का मतलब मौसम के साथ तालमेल नहीं, बल्कि उसे हराना हो गया है. और यही इस कहानी का सबसे दिलचस्प, और शायद सबसे असहज हिस्सा है. एक तरफ जलवायु बदल रही है, धीरे-धीरे, लगातार. दूसरी तरफ हमारा व्यवहार बदल रहा है,

तेजी से, लगभग बिना सोचे. अप्रैल 2026 की यह गर्मी सिर्फ एक हीटवेव नहीं है. यह एक संकेत है कि मौसम अब पुराने तरीके से नहीं चलेगा. और यह भी कि शायद हमें भी अपने तरीके बदलने होंगे. क्योंकि अंत में सवाल सिर्फ यह नहीं है कि तापमान कितना बढ़ेगा. सवाल यह है कि हम उसके साथ कैसे जीना सीखेंगे.

Web Title: imdb weather heatwave What does mean have 97 world's 100 hottest cities in India blog Nishant Saxena

भारत से जुड़ीहिंदी खबरोंऔर देश दुनिया खबरोंके लिए यहाँ क्लिक करे.यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Pageलाइक करे