लाइव न्यूज़ :

भारत ने ईरान से अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के साथ सहयोग करने का किया आग्रह

By भाषा | Updated: July 1, 2021 11:01 IST

भारत ने ईरान से अपने परमाणु कार्यक्रम से संबंधित सत्यापन गतिविधियों और सभी लंबित मुद्दों के समाधान के लिए अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के साथ सहयोग जारी रखने को कहा है।

Open in App
ठळक मुद्देभारत ने ईरान से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के साथ सहयोग का आग्रह किया है। परमाणु कार्यक्रम से संबंधित गतिविधियों के सत्यापन और लंबित मुद्दों के समाधान की बात कही । जेसीपीओए को ईरान परमाणु समझौते के तौर पर जाना जाता है।

संयुक्त राष्ट्र: भारत ने ईरान से अपने परमाणु कार्यक्रम से संबंधित सत्यापन गतिविधियों और सभी लंबित मुद्दों के समाधान के लिए अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के साथ सहयोग जारी रखने को कहा है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी एस तिरुमूर्ति ने ईरान परमाणु मुद्दे पर प्रस्ताव 2231 (2015) के कार्यान्वयन पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि भारत संयुक्त व्यापक कार्य योजना (जेसीपीओए) और प्रस्ताव 2231 के पूर्ण तथा प्रभावी कार्यान्वयन का समर्थन करता है। जेसीपीओए को ईरान परमाणु समझौते के तौर पर जाना जाता है।

जेसीपीओए 14 जुलाई 2015 को ईरान तथा चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन, अमेरिका और जर्मनी के बीच विएना में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर हुआ एक समझौता है। अमेरिका के मई 2018 में इस समझौते से अलग होने के बाद इसके भविष्य पर सवाल खड़े होने लगे।

तिरुमूर्ति ने कहा, ‘‘हमने हमेशा कहा है कि जेसीपीओए से संबंधित सभी मुद्दे संवाद और कूटनीति के जरिए शांतिपूर्ण तरीके से हल होने चाहिए और हमने उन सभी प्रयासों को अपना समर्थन दिया है जो लंबित मुद्दों को सार्थक तरीके से हल करने में मदद करें।’’ उन्होंने कहा कि सभी पक्षकारों को इस प्रस्ताव के तहत अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत अनुरोध करता है कि ईरान अपनी सत्यापन गतिविधियों और सभी लंबित मुद्दों को हल करने के लिए आईएईए के साथ सहयोग करता रहे।

राजनीति और शांति स्थापना मामलों के अवर महासचिव रोजमैरी डिकार्लो ने ईरान परमाणु मुद्दे पर सुरक्षा परिषद को संबोधित करते हुए कहा कि जेसीपीओए और प्रस्ताव 2231 (2015) के कार्यान्वयन की स्थिति में पिछले साल के बाद से सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा कि विएना में जारी कूटनीतिक कोशिशें अमेरिका और ईरान दोनों को योजना तथा प्रस्ताव के पूर्ण तथा प्रभावी कार्यान्वयन पर लौटने का महत्वपूर्ण अवसर पेश करती हैं। यह एक स्वागत योग्य और महत्वपूर्ण प्रगति है।

ईरान के राजदूत और संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि माजिद तख्त रवांची ने कहा, ‘‘सुरक्षा परिषद का संदेश स्पष्ट है कि जेसीपीओए को लागू किया जाए और इसका कोई बेहतर विकल्प नहीं है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

टॅग्स :ईरानसंयुक्त राष्ट्र
Open in App

संबंधित खबरें

विश्वलेबनान में इजरायली हमला, 254 लोगों की मौत और 700 घायल, युद्धविराम के बावजूद अटैक जारी?

कारोबार1500 करोड़ रुपए का नुकसान?, युद्ध विराम की घोषणा और लखनऊ में प्लास्टिक, साबुन, गत्ता, बेकरी, टेक्सटाइल उद्योग के मालिक और कर्मचारियों ने ली राहत की सांस

भारतIran-US ceasefire: इरान और अमेरिका के बीच सीजफायर, कश्मीर और लद्दाख में लोग मना रहे जश्न; नेताओं ने दी प्रतिक्रिया

विश्वइजरायल ने किया अमेरिका के सीजफायर का समर्थन, मगर हिजबुल्लाह के खिलाफ जंग रहेगी जारी

विश्वझुके ट्रंप? अमेरिका के 2 हफ्तों के युद्धविराम को ईरान ने बताया ऐतिहासिक जीत, कही ये बात

विश्व अधिक खबरें

विश्वइस ड्रोन और उस ड्रोन में कितना फर्क है...!

विश्वहोर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर सहमत ईरान?, 14 दिन बमबारी और हमले रोकने को तैयार राष्ट्रपति ट्रंप?, पाकिस्तान के पीएम शरीफ क्या बोले?

विश्व'हम नए लॉन्च प्लेटफॉर्म्स के साथ अपने हमले दोगुने कर देंगे': ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का जवाब

विश्वजो खुद को नायक कहता है, खलनायक से भी अधिक भयावह लगता है!

विश्व'अगले 48 घंटों तक घर के अंदर ही रहें' : ईरान में मौजूद नागरिकों के लिए भारतीय दूतावास तत्काल सुरक्षा एडवाइज़री जारी की