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जर्मनीः 16 साल के कार्यकाल के बाद एंजेला मर्केल की विदाई, ओलाफ स्कोल्ज होंगे नए चांसलर

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: December 8, 2021 15:48 IST

जर्मनी की 16 साल से चांसलर एंजेला मर्केल ने इस बार पद के लिए अपनी रुचि नहीं दिखाई। मर्केल का मध्य दक्षिणपंथी ‘यूनियन ब्लॉक’ चुनाव में हार के बाद विपक्ष की भूमिका में रहेगा।

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ठळक मुद्देपहली बार सरकार बनाने के लिए तीनों दलों ने समझौता किया है। तीन दलों के बीच समझौता अपेक्षाकृत जल्दी और सौहार्दपूर्ण माहौल में हुआ है। सरकार को कोरोना वायरस संक्रमण की उच्च दर को कम करने के तत्काल कदम उठाने की जरूरत होगी।

बर्लिनः जर्मनी की संसद ने एंजेला मर्केल के 16 साल के कार्यकाल के बाद उनके स्थान पर ओलाफ स्कोल्ज को चांसलर निर्वाचित किया है। तीन-पक्षीय सरकार का नेतृत्व करेंगे। मर्केल के 31 साल के राजनीतिक करियर का अंत है। 

जर्मनी की संसद ने द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद देश के नौवें चांसलर के तौर पर ओलाफ स्कोल्ज को निर्वाचित किया। इसके साथ ही एंजेला मर्केल के 16 साल के कार्यकाल के बाद यूरोपीय संघ के सबसे घनी आबादी वाले देश में एक नए युग की शुरुआत हो गयी है।

स्कोल्ज सरकार जर्मनी के आधुनिकीकरण और जलवायु परिवर्तन से लड़ने की भारी उम्मीदों के बीच कार्यभार संभालने जा रही है लेकिन अभी उसके सामने देश में कोरोना वायरस महामारी से निपटने की चुनौती है। स्कोल्ज को बुधवार को 395 सांसदों का समर्थन मिला।

उनके तीन दलों वाले गठबंधन के पास 736 सीट वाले संसद के निचले सदन में 416 सीटें हैं। जर्मनी के राष्ट्रपति चांसलर के तौर पर स्कोल्ज के नाम की औपचारिक घोषणा करेंगे और संसद के अध्यक्ष आज ही उन्हें शपथ दिलाएंगे।

जर्मनी में लंबे समय से चांसलर एंजेला मर्केल की जगह लेने वाले ओलाफ स्कोल्ज के नाम को मंजूरी से एक दिन पहले देश के तीन दलों ने प्रगतिशील गठबंधन बनाने को लेकर मंगलवार को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। ओलाफ स्कोल्ज की मध्य वाम पार्टी ‘सोशल डेमोक्रेट्स’, पर्यावरण के मुद्दों को उठाने वाली पार्टी ‘ग्रीन्स’ और कारोबार समर्थक ‘फ्री डेमोक्रेट्स’ के बीच हुए समझौते को तीन पार्टियों के सदस्यों से हाल के दिनों में मजबूत समर्थन मिला। समझौते से संसद में चुने जाने का रास्ता साफ हो गया है क्योंकि तीनों दलों के पास ठोस बहुमत है।

पहली बार सरकार बनाने के लिए तीनों दलों ने समझौता किया है। ओलाफ स्कोल्ज निवर्तमान वित्त मंत्री एवं वाइस चांसलर हैं। गठबंधन समझौते का शीर्षक ‘‘वेंचर मोर प्रोग्रेस’’ है। तीनों दलों के नेताओं ने बर्लिन के फ्चुरियम संग्रहालय में समझौते पर हस्ताक्षर किए। नयी सरकार के लिए, खासकर ग्रीन्स पार्टी के लिए जलवायु परिवर्तन से निपटने को लेकर कदम उठाना शीर्ष प्राथमिकता है।

अन्य प्राथमिकताओं में यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का आधुनिकीकरण और अधिक उदारवादी सामाजिक नीतियों की पेशकश करना शामिल है। इन सबसे ऊपर, सरकार को कोरोना वायरस संक्रमण की उच्च दर को कम करने के तत्काल कदम उठाने की जरूरत होगी।

‘फ्री डेमोक्रेट्स’ के नेता और भावी वित्त मंत्री क्रिश्‍चियन लिंडनेर ने कहा, ‘‘हमने कहा कि हम और अधिक प्रगति करना चाहते हैं और इस सप्ताह से हम प्रगति पर काम करना चाहते हैं। हमें कोई भ्रम नहीं है। हमें बड़ी चुनौतियों का सामना करना है।’’

टॅग्स :जर्मनीAngela Merkel
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