लाइव न्यूज़ :

गलवान में मारे गए चीनी सैनिकों की संख्या पर सवाल उठाने वाले ब्लॉगर पर भड़का चीन, सुनाई जेल की सजा

By विनीत कुमार | Updated: June 1, 2021 11:51 IST

चीन की एक अदालत ने उस ब्लॉगर को 8 महीने की जेल की सजा सुनाई है जिसने गलवान घाटी में मारे गए चीनी सैनिकों की संख्या को लेकर सवाल उठाए थे। इस ब्लॉगर को जनवरी में ही चीन ने हिरासत में ले लिया था।

Open in App
ठळक मुद्देचीनी ब्लॉगर को 8 महीने की जेल की सजा, सैनिकों के मारे जाने की संख्या पर उठाए थे सवालचीन की कोर्ट ने ब्लॉगर को 10 दिनों में अपने पोस्ट के लिए माफी भी मांगने को कहा हैचीन के ब्लॉगर क्यू जिमिंग के 25 लाख फॉलोअर हैं, जनवरी में इसे हिरासत में ले लिया गया था

भारतीय सैनिकों के साथ गलवान में चीनी सैनिकों की झड़प के बाद उसकी सेना को हुए नुकसान को लेकर टिप्पणी के आरोप में हिरासत में लिए गए चीन के एक बेहद लोकप्रिय ब्लॉगर को 8 महीने की सजा सुनाई गई है। इस ब्लॉगर को चीन में इसी साल की शुरुआत में हिरासत में ले लिया गया था।

न्यूज एजेंसी एएनआई ने चीन के अखबार ग्लोबर टाइम्स के हवाले से बताया है कि इस ब्लॉगर का नाम क्यू जिमिंग है और इंटरनेटट पर उनके 25 लाख फॉलोअर हैं। 

चीनी अखबार के अनुसार सोमवार को इस ब्लॉगर को 8 महीने की सजा सुनाई गई। चीन के क्रिमिनल लॉ में बदलाव के बाद ये पहला ऐसा मामला है। ब्लॉगर को 'चीन के शहीदों' को बदनाम करने का दोषी पाते हुए सजा सुनाई गई है।

चीनी कोर्ट का आदेश- 10 दिन में माफी मांगे ब्लॉगर

पूर्वी चीन के जियांग्सू प्रांत के नांनजिंग कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि ब्लॉगर को अगले 10 दिन में बड़े पोर्टल्स और नेशनल मीडिया के जरिए सार्वजनिक तौर पर माफी भी मांगनी होगी।

कोर्ट ने कहा कि चूकी क्यू जिमिंग ने सच्चाई से अपना दोष कबूल कर लिया है और भरोसा दिलाया है कि वह ऐसी गलती दोबारा नहीं करेगा, इसलिए उसे कम सजा दी जा रही है।

ग्लोबल टाइम्स के अनुसार ब्लॉग ने एक मार्च को भी चीन के राष्ट्रीय प्रसारणकर्ता सीसीटीवी के जरिए अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगी थी। इस 38 वर्षीय ब्लॉगर ने टीवी पर कहा था, 'मुझे अपने किए पर शर्मिंदगी है मैं इसके लिए माफी मांगता हूं।'

चीनी ब्लॉगर ने क्या कहा था, जिस पर हुआ बवाल

दरअसल चीनी ब्लॉगर की टिप्पणी चीन द्वारा आधिकारिक तौर पर गलवान में हुई झड़प में पहली बार उसके चार सैनिकों के मारे जाने और एक के गंभीर रूप से घायल होने की बात मानने के बाद आई थी।

ब्लॉगर क्यू ने इसके बाद दो पोस्ट प्रकाशित किए थे। इसमें कहा गया था कि कमांडर इस झड़प में बच गया क्योंकि वो वहां सबसे ऊंचे रैंक का अधिकारी था। साथ ही ब्लॉगर ने ये भी कहा था कि संभव है कि चीन के और भी सैनिक उस झड़प में मारे गए होंगे।

बता दें फरवरी में रूस की न्यूज एजेंसी TASS ने दावा किया था कि गलवान में हुई झड़प में चीन के 45 सैनिक मारे गए थे। गलवान की घटना 15-16 जून को हुई थी। इसमें 20 भारतीय जवान शहीद हुए थे। 

टॅग्स :चीनलद्दाखभारतीय सेना
Open in App

संबंधित खबरें

भारतफील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ: पाक पर 1971 की महाविजय के नायक

कारोबारअमेरिका-इजराइल ईरान युद्ध के बीच रूस का खामोश खेल

विश्वक्या जख्म पर मरहम लगाएंगे बालेन शाह?

कारोबारलद्दाखः रोमांच, खूबसूरती और प्यार?, एप्रीकोट ब्लासम फेस्टिवल का आनंद उठाने चले आईए?

भारतलद्दाख के ज़ोजिला दर्रे पर हिमस्खलन की चपेट में आने से वाहन दबे, 7 की मौत और कई घायल

विश्व अधिक खबरें

विश्ववैज्ञानिकों ने हमारे सौरमंडल के बाहर 45 पृथ्वी जैसे ग्रहों को खोज निकाला

विश्वकर्ज़ में डूबे पाकिस्तान के लिए भारी मुसीबत, यूएई ने इसी महीने 3.5 अरब डॉलर का लोन चुकाने को कहा

विश्वअसल समस्या ट्रम्प हैं या दुनिया का दरोगा बनने की अमेरिकी मनोदशा?

विश्वअबू धाबी में रोकी गई ईरानी मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से घायल 12 लोगों में 5 भारतीय शामिल

विश्व2027 में रिटायरमेंट और 2026 में जबरन हटाया?, सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज पर गाज?, ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी रक्षा में हलचल