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मैक्रों के आरोप पर ऑस्ट्रेलिया का जवाब, ‘‘हमने एफिल टावर बदनुमा नहीं किया’’

By भाषा | Updated: November 1, 2021 17:11 IST

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रोम, एक नवंबर (एपी) ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने आरोपों से इनकार किया कि उन्होंने अमेरिका और ब्रिटेन के साथ एक पनडुब्बी सौदे पर गुपचुप वार्ता करते हुए फ्रांसीसी राष्ट्रपति से कोई झूठ बोला था। इस आरोप ने ऑस्ट्रेलिया के अचानक एक फ्रांसीसी सौदे को रद्द करने के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच दरार और बढ़ा दी है।

ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री बरनाबी जॉयस ने कहा कि फ्रांस इसे ज्यादा ही तूल दे रहा है, ‘‘हमने एफिल टावर बदनुमा नहीं किया।’’

मैक्रों ने रविवार देर रात को रोम में ऑस्ट्रेलियाई पत्रकारों से बातचीत की। एक पत्रकार ने मैक्रों से पूछा था कि क्या उन्हें लगता है कि मॉरिसन ने उनसे झूठ बोला था, इस पर फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘मुझे लगता नहीं है, बल्कि मुझे पता है कि उन्होंने झूठ बोला।’’ जी20 देशों के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दोनों देशों के नेता रोम पहुंचे थे। मैक्रों ने कहा कि नया गठबंधन ‘‘ऑस्ट्रेलिया की विश्वसनीयता के लिए बहुत बुरी खबर है और ऑस्ट्रेलिया के साथ साझेदारों के भरोसे के लिए बहुत बुरी खबर है।’’

रोम में मौजूद मॉरिसन ने कहा कि उन्होंने मैक्रों से झूठ नहीं बोला, जबकि ऑस्ट्रेलिया की सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने मामूली विवाद को तूल देने के लिए फ्रांसीसी नेता की आलोचना की। जॉयस ने सोमवार को कैनबरा में कहा, ‘‘हमने किसी द्वीप की चोरी नहीं की, हमने एफिल टॉवर बदनुमा नहीं किया, यह एक अनुबंध था। अनुबंध में नियम और शर्तें होती हैं और उन नियमों और शर्तों और प्रस्तावों में से एक यह है कि आप अनुबंध से बाहर हो सकते हैं। हम उस अनुबंध से बाहर हो गए।’’

जॉयस के कार्यालय ने यह नहीं बताया कि क्या ‘‘चोरी के इस द्वीप’’ का जिक्र इंग्लिश चैनल के छोटे ‘सार्क आईलैंड’ के संदर्भ में था, जिसे बेरोजगार फ्रांसीसी परमाणु भौतिक विज्ञानी आंद्रे गार्डेस ने 1990 में एक राइफल से उखाड़ फेंकने का प्रयास किया था।

ऑस्ट्रेलिया के कैबिनेट मंत्री डेविड लिटिलप्राउड ने मॉरिसन के लिए मैक्रों की आलोचना को ‘‘अनुचित’’ बताया।

ऑस्ट्रेलिया ने सितंबर में डीजल-इलेक्ट्रिक फ्रांसीसी पनडुब्बियों को खरीदने के लिए कई अरब डॉलर का अनुबंध रद्द कर दिया था और इसके बजाय अमेरिकी परमाणु संचालित पनडुब्बियों का खरीदने का फैसला किया।

यह निर्णय ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और अमेरिका के बीच हुए एक नए हिंद प्रशांत समझौते ‘औकस’ का हिस्सा था। इस फैसले ने फ्रांस को नाराज कर दिया और फ्रांस ने अमेरिका तथा ऑस्ट्रेलिया में तैनात अपने राजदूतों को वापस बुला लिया।

ऑस्ट्रेलिया द्वारा फ्रांसीसी पनडुब्बी का अनुबंध रद्द करने के बाद पहली बार मैक्रों और मॉरिसन ने बृहस्पतिवार को बात की। दोनों नेता 20 देशों के समूह के जी20 के शिखर सम्मेलन के लिए रोम में थे, लेकिन उनके बीच द्विपक्षीय बैठक नहीं हुई।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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