America Iran interfering presidential election threatens voters sending fake emails | अमेरिका का आरोप, राष्ट्रपति चुनाव में हस्तक्षेप कर रहा ईरान, फर्जी ईमेल भेज मतदाताओं को धमकी दिया
एफबीआई के निदेशक क्रिस रे ने कहा कि अमेरिका 2020 अमेरिकी चुनाव में हस्तक्षेप करने वाले देशों पर जुर्माना लगाएगा।

Highlightsईरान ने चुनाव में हस्तक्षेप करने के मकसद से कुछ मतदाता पंजीकरण आंकड़े भी हासिल किये हैं।लक्ष्य डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बाइडेन के खिलाफ चुनाव मुकाबले में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नकुसान पहुंचाना है।ट्रंप की छवि धूमिल करना है क्योंकि ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव को लेकर प्रथम बहस के दौरान ‘प्रॉउड ब्वाइज’ की स्पष्ट रूप से निंदा नहीं की थी।

बोस्टनः अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान पर राष्ट्रपति चुनाव में हस्तक्षेप करने और मतदाताओं को धमकाने के इरादे से फर्जी ईमेल भेजने का आरोप लगाया है।

 

अधिकारियों ने राष्ट्रपति चुनाव से 13 दिन पहले आनन-फानन में बुलाये गये संवाददाता सम्मेलन में बुधवार देर शाम यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि ईरान, न सिर्फ मतदाताओं को धमकाने बल्कि डेमोक्रेटिक मतदाताओं को फर्जी ईमेल भेजने और तथा कई राज्यों में अशांति के लिए जिम्मेदार है।

वहीं, ईरान ने चुनाव में हस्तक्षेप करने के मकसद से कुछ मतदाता पंजीकरण आंकड़े भी हासिल किये हैं। सरकार के राष्ट्रीय खुफिया विभाग के निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने कहा कि इसका लक्ष्य डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बाइडेन के खिलाफ चुनाव मुकाबले में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नकुसान पहुंचाना है।

एक संभावना यह है कि संदेश देने का इरादा मतदाताओं के मन में ट्रंप की छवि धूमिल करना है क्योंकि ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव को लेकर प्रथम बहस के दौरान ‘प्रॉउड ब्वाइज’ की स्पष्ट रूप से निंदा नहीं की थी। प्रॉउड ब्वाइज, अमेरिका स्थित एक धुर दक्षिणपंथी समूह है। हालांकि, अधिकारियों ने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया कि धमकी भरे ईमेल के सिलसिले में वे ईरान तक कैसे पहुंचे हैं। एफबीआई के निदेशक क्रिस रे ने कहा कि अमेरिका 2020 अमेरिकी चुनाव में हस्तक्षेप करने वाले देशों पर जुर्माना लगाएगा।

उन्होंने कहा कि ईरान और रूस की इस हरकत के बावजूद अमेरिकी भरोसा रखें कि उनका वोट सुरक्षित है। रैटक्लिफ ने कहा, ‘‘ यह हताश विरोधियों द्वारा की गई हताशा भरी कोशिश है।’’ दोनों अधिकारियों ने मतदाता पंजीकरण की जानकारी प्राप्त करने के लिए रूस और ईरान पर निशाना साधा, हालांकि इस तरह के डाटा को कभी-कभी आसानी से हासिल किया जा सकता है। अधिकारियों ने उन पर देश के ‘डाटाबेस’ को ‘हैक’ करने का कोई आरोप नहीं लगाया है।

फ्लोरिडा और पेंसिल्वेनिया सहित चार प्रांतों में डेमोक्रेटिक मतदाताओं को धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद यह संवाददाता सम्मेलन बुलाया गया था । ये वे राज्य हैं, जहां रूझान स्पष्ट नहीं है और चुनाव में डेमोक्रेटिक या रिपब्लिकन, किसी की भी जीत हो सकती है। 

Web Title: America Iran interfering presidential election threatens voters sending fake emails

विश्व से जुड़ी हिंदी खबरों और देश दुनिया खबरों के लिए यहाँ क्लिक करे. यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा लाइक करे