26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू किया गया था। देश में कानून का राज स्थापित करने के लिए संविधान को 26 नवम्बर 1949 को भारतीय संविधान सभा द्वारा अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को इसे एक लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया था। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाये जाने का एक वजह यह थी कि 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने भारत को पूर्ण स्वराज घोषित किया था। साल 2019 में भारत अपना 70वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस दिन राजधानी दिल्ली में परेड का आयोजन किया जाता है जिसमें भारतीय सशस्त्र बलों की ताकत का प्रदर्शन होता है। Read More
नौशेरा सेक्टर में एक जनवरी को सेना द्वारा घुसपैठियों के एक समूह को रोकने के दौरान गोलाबारी में दो सैनिक शहीद हो गए थे। “पिछले वर्षों की तुलना में, इस बार हमारे साथ अधिक केंद्रीय अर्धसैनिक बल उपलब्ध हैं और खतरे को ध्यान में रखते हुए तैनाती की जा रही ह ...
दिल्ली से लगती सीमाओं से बुधवार को रात दस बजे बृहस्पतिवार दोपहर को रिहर्सल पूरी होने तक किसी भारी वाहन को प्रवेश नहीं करने दिया गया। भारी वाहनों को आईएसबीटी सराय काले खां और आईएसबीटी कश्मीरी गेट के बीच बृहस्पतिवार को सुबह साढ़े सात बजे से दोपहर डेढ़ ...
महाराष्ट्र सरकार ने भी 26 जनवरी से हर दिन सुबह की प्रार्थना सभा के बाद स्कूलों में संविधान की प्रस्तावना के पाठ को अनिवार्य कर दिया है। मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि संविधान की प्रस्तावना से संबंधित आदेश को प्रदेश में तत्काल प्रभा ...
सेना की कई टुकड़ियों को जम्मू शहर समेत उन इलाकों में सुबह शाम गश्त के लिए लगाया गया है, जहां गणतंत्र दिवस समारोहों का आयोजन होना है। हालांकि प्रशासन कहता है कि सेना को नागरिकों में भरोसा कायम करने के इरादों से बुलाया गया है जबकि सच्चाई यह है कि सेना क ...
दिल्ली छावनी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पंकज मोदी ने बुधवार को मीडिया से बातचीत की। यहां पर 26 जनवरी की परेड में शामिल होने वाली विभिन्न झांकियों को रखा गया है। ...
राज्य सरकार के एक परिपत्र में कहा गया है कि प्रस्तावना का पाठ ‘‘संविधान की संप्रभुत्ता, सबका कल्याण’’ अभियान का हिस्सा है। कांग्रेस विधायक और मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने यहां संवाददाताओं को बताया,‘‘छात्र संविधान की प्रस्तावना का पाठ करेंगे ताकि वे इसका ...