भारतीय संसद का उच्च सदन राज्यसभा को कहते हैं। भारतीय संविधान के मुताबिक राज्यसभा में अधिकतम 250 सदस्य हो सकते हैं। मौजूदा समय में 245 सदस्यों का प्रावधान है। इसमें अधिकांश सदस्यों को जनता अप्रत्यक्ष रूप से चुनती है वहीं 12 सदस्यों को राष्ट्रपति नामित करते हैं। ये सदस्य कला, साहित्य, विज्ञान और समाज सेवा के क्षेत्र में हो सकते हैं। राज्यसभा सांसद का कार्यकाल 6 साल का होता है। वहीं प्रत्येक दो साल में एक तिहाई सदस्य रिटायर हो जाते हैं। लोकसभा की तरह राज्यसभा कभी भंग नहीं होती। उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति होता है। राज्यसभा के वर्तमान सभापति वेंकैया नायडू और उपसभापति नवनिर्वाचित हरिवंश हैं। Read More
नई दिल्ली: दुनियाभर में 90 देशों में कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से 4,300 से ज्यादा मौतें हो चुकी है। कोरोना वायरस को WHO ने महामारी घोषित की है। भारत में कोरोना के 60 केसों की पुष्टी हो चुकी है। इसके लेकर राज्य सरकारों को अलर्ट जारी किया गया ...
बीजेपी ने मध्य प्रदेश से ज्योतिरादित्य सिंधिया को राज्यसभा प्रत्याशी बनाया है। जबकि सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री सीपी ठाकुर के बेटे विवेक ठाकुर को बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है। ...
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव होना है. महागठबंधन की ओर से एक सीट के लिए दिशोम गुरू ने तो नामांकन दाखिल कर दिया, लेकिन दूसरे नाम पर अभी भी संशय बरकरार है. कहा जा रहा है कि दूसरे सीट के प्रत्याशी के लिए महागठबंधन के अंदर अंतर्विरोध चल रह ...
ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे का पत्र सोशल मीडिया में वायरल हो गया है. मध्य प्रदेश सियासी संकट में सिंधिया अहम किरदार बनकर उभरे हैं. उन्होंने लेटर में लिखा है कि अब नए रास्ते पर चलने का वक्त आ गया है. ...
Coronavirus: नब्बे से अधिक देशों में कोरोना वायरस से 1,10,041 लोग संक्रमित पाये गये हैं और इससे 4000 लोगों की मौत हुई है। ईरान में लगभग 2,000 भारतीय रह रहे हैं, जहां सात हजार लोग इस वायरस से संक्रमित पाये गये है और 237 लोगों की मौत हुई है। ...
इससे पहले मध्यप्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी डी शर्मा द्वारा बुलाई गई बैठक में पार्टी के दो विधायक नारायण त्रिपाठी और शरद कोल शामिल नहीं हुए थे। इन दोनों विधायकों ने पिछले साल जुलाई में विधानसभा सत्र के दौरान एक विधेयक पर मतदान में कांग्रेस का साथ दिया था। ...
आमतौर पर एक वित्त वर्ष में सांसदों के वेतन और भत्तों पर चार सौ से पांच सौ करोड़ खर्च होते हैं. दोनों सदनों का व्यय एक हजार करोड़ रु. से भी अधिक बैठता है. भारत जैसे देश के लिए यह खर्च अगर एक तरह से अनुत्पादक कार्यो पर हो रहा है तो इसे विडंबना ही कहा ज ...