जनतांत्रिक व्यवस्था में राजनीति का लक्ष्य सत्ता पाना नहीं, सत्ता के सहारे वर्तमान को सुधारना होता है, ताकि भविष्य को ठोस आधार मिल सके। पर हम चुनाव से चुनाव तक की राजनीति के शिकार हो रहे हैं। ...
आपकी चुप्पी इन्हें नजर आ रही है। यही वो लोग हैं जो निहारते रहते हैं आपके चेहरे की तल्खियां, मुस्कुराहटें और लोकतांत्रिक तर्कों पर होठों तक सिमटती विजयी मुस्कान! ...
बुद्धिजीवी वर्ग इतराता है ड्राइंग रूम में सजे गलीचे को देख, जो किसी मासूम के कोमल हाथों की कारीगरी है। चाय की चुस्कियों में खो जाता है, उस अबोध राजू के द्वारा परोसे गए प्याले में। ...
चुनाव आयोग की मंजूरी का इंतजार कर रहे इस समूह ने अपने राजनीतिक संगठन का नाम ‘बहुजन आजाद पार्टी ’ (बीएपी) रखा है। बिहार विधानसभा चुनाव से करेंगे आगाज। ...
Maulana Abul kalam Azad Death Anniversary: मौलाना अबुल कलाम आजाद का 22 फरवरी सन् 1958 को निधन हो गया। 75 साल पहले कही गई उनकी बातें आज भी मौजूं हैं... ...