निर्मला सीतारमण भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता और वर्तमान में भारत की रक्षामंत्री हैं। 2017 में रक्षामंत्री का पदभार संभालने से पहले उनके पास वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार था। इसके अलावा वो वित्त एवं कारपोरेट मामलों की राज्यमंत्री भी रह चुकी हैं। निर्मला सीतारमण के विषय में कहा जाता है कि वो भारत की पहली पूर्णकालिक महिला रक्षामंत्री हैं। निर्मला का जन्म तमिलनाडु के मदुरै में हुआ था। उन्होंने मद्रास के तिरुचिरापल्ली से शुरुआती पढ़ाई की और उसके बाद सीतालक्ष्मी रामास्वामी कॉलेज से इकोनॉमिक्स में बीए की पढ़ाई की। इसके बाद जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से इकोनॉमिक्स में एमए की पढ़ाई की है। वो चंद्रबाबू नायडू की कम्यूनिकेशन एडवाइजर भी रह चुकी हैं और बाद में उन्होंने बीजेपी ज्वॉइन कर ली। Read More
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली सीसीएस रक्षा नीति और आंतरिक सुरक्षा समेत देश की सुरक्षा से जुड़े मामलों पर अंतिम निर्णय लेने वाली प्रभावशाली समिति है। समिति में प्रधानमंत्री के अलावा रक्षा मंत्री, गृह मंत्री, विदेश मंत्री और वित्त मंत्री ...
निर्मला सीतारमण के बाद एस जयशंकर दूसरे मंत्री होंगे जिन्होंने जवाहर लाल नेहरू विश्व (जेएनयू) विद्यालय दिल्ली से पढ़ाई की है। इसी साल 2019 में रिटायर हुए सुब्रह्मण्यम जयशंकर सबसे लंबी 36साल की विदेश सेवा के लिए जाने जाते हैं। ...
modi government cabinet ministers 2019: अमित शाह को गृह मंत्री बनाया गया है। निर्मला सीतारमण को वित्त मंत्रालय की विभाग सौंपा गया है। राजनाथ सिंह को रक्षा मंत्री बनाया गया। नितिन गडकरी को सड़क एवं परिवह मंत्री बनाया गया है ...
सीतारमण से पहले पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1975 और फिर 1980-1982 में प्रधानमंत्री रहते हुए रक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाला था। सीतारमण के रक्षामंत्री रहते ही भारत ने पुलवामा आतंकी हमले के तेरह दिन के भीतर पाकिस्तान के बालाकोट में हवा ...
शाह पहली बार केंद्रीय मंत्री बने हैं। तीन साल विदेश सचिव रहे एस जयशंकर को भी कैबिनेट मंत्री बनाया गया। रिटायर हो चुके एस जयशंकर को बीते मार्च में पद्मश्री सम्मान मिला था, आज वह मोदी मंत्रिमंडल में हुए। ...
दिल्ली विश्व विद्यालय के छात्र संघ की राजनीति से मुख्यधारा की राजनीति में प्रवेश करने वाले जेटली पेशे से अधिवक्ता रहे हैं। वह शुरू से ही सत्ता के सूत्र संचालन को अच्छी तरह समझे रहे है। वह 1990 के दशक के आखिरी वर्षों से दिल्ली में मोदी के आदमी माने जा ...
डीआरडीओ के इस सफल परीक्षण के बाद भारत भी अमेरिका और इजराइल के कतार में खड़ा हो गया है. इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम होने के कारण खराब विजिबिलिटी में भी यह अपने टारगेट को ढूंढ कर उस पर सटीक हमला करता है. ...