नवरात्रि यानी 'नौ-रात'। हिन्दू धर्म में ये त्योहार वर्ष में चार बार आता है-चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघ। चैत्र में चैत्र नवरात्रि और अश्विन में इस पर्व को शारदीय नवरात्रि के नाम से जाना जाता है। इन दो नवरात्रि से ठीक पहले गुप्त नवरात्रि आते हैं, जिन्हें गुप्त एवं तांत्रिक साधनाओं के लिए जाना जाता है। लेकिन हिन्दू परिवारों में चैत्र और शारदीय नवरात्रि का महत्व है और इसे ही विशेष रूप से मनाया जाता है। Read More
पंचांग के अनुसार 5 अप्रैल 2019, दिन शुक्रवार दोपहर 01:36 बजे से ही नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि लग जाएगी जो कि अगले दिन यानी 6 अप्रैल को दोपहर 02:58 बजे तक रहेगी। ...
धर्म शास्त्रों के अनुसार वर्ष में चार बार नवरात्रि का पर्व आता है, किन्तु इनमें से दो नवरात्रि - चैत्र और आषाढ़ ही लोगों के बीच लोकप्रिय है। पुराणों के अनुसार चैत्र नवरात्रों का समय बहुत ही भाग्यशाली बताया गया है। इसका एक कारण यह भी है कि प्रकृति में ...
पंचांग के अनुसार 5 अप्रैल 2019, दिन शुक्रवार दोपहर 01:36 बजे से ही नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि लग जाएगी जो कि अगले दिन यानी 6 अप्रैल को दोपहर 02:58 बजे तक रहेगी। परंतु नवरात्रि का प्रारंभ 6 अप्रैल को सूर्य उदय होने के बाद से ही माना जाएगा। ...
धर्म शास्त्रों के अनुसार वर्ष में चार बार नवरात्रि का पर्व आता है, किन्तु इनमें से दो नवरात्रि - चैत्र और आषाढ़ ही लोगों के बीच लोकप्रिय है। पुराणों के अनुसार चैत्र नवरात्रों का समय बहुत ही भाग्यशाली बताया गया है। इसका एक कारण यह भी है कि प्रकृति में ...