मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल है। राज्य की सीमाएं पांच राज्यों से मिलती हैं। इसके उत्तर में उत्तर प्रदेश, पूर्व में छत्तीसगढ़, दक्षिण में महाराष्ट्र, पश्चिम में गुजरात और उत्तर-पश्चिम में राजस्थान है। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव दिसंबर 2023 में हो रहा है। हर 5 साल पर इलेक्शन होता है। यहां पर विधानसभा में सीटों की संख्या 230 हैं। Read More
ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल होने से मध्य प्रदेश में सियासी तूफान खड़ा हो गया है। मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार पूरी कोशिश कर रही है कि बागी विधायकों को मना लिया जाए लेकिन फिलहाल यह मुश्किल जान पड़ता है। हालांकि विधायकों के ...
प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता और सिंधिया समर्थक पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि सिंधिया जी के खिलाफ बदले की भावना से जो ईओडब्ल्यू की प्रक्रिया की जा रही है। उससे कुछ होने वाला नहीं है। ...
तन्खा ने कहा कि मंत्री जीतू पटवारी और लाखन सिंह बेंगलुरु में बागी विधायकों से मिलने गए थे, जहां पर पुलिस ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और मारपीट भी की. उन्होंने कहा कि बेंगलुरु पुलिस विधायकों को छोड़ना नहीं चाहती है, इसके चलते हम न्यायालय की शरण में जाए ...
राज्य की कमलनाथ सरकार में सिंधिया समर्थक तुलसीराम सिलावट, गोविंद राजपूत, इमरती देवी, महेन्द्र सिंह सिसोदिया, प्रभुराम चौधरी और प्रद्युम्न सिंह तोमर मंत्री थे. इन मंत्रियों ने बैंगलुरु से विधायकों के साथ मेल से विधानसभा अध्यक्ष नर्मदाप्रसाद प्रजापति क ...
राहुल ने कहा कि सिंधिया को अपना राजनीतिक भविष्य की चिंता सता रही थी. हालंकि मेरा मानना है कि जिस दल में वह गए हैं वहां उनको न इज्जत मिलने वाली है और न ही उस चिंता की भरपाई ही होगी. ...
सरताज सिंह ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी और स्थाई सरकार बनेगी. सिंह ने कहा कि जो सरकार बनेगी वो 25 साल तक चलेगी. उन्होंने कहा कि सिंधिया के भाजपा में शामिल होने से मध्यप्र देश कांग्रेस को बहुत बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा. ...
भाजपा में शामिल होने के बाद पहली बार भोपाल आगमन पर आयोजित स्वागत समारोह में सिंधिया ने कहा, ‘‘आज मेरा सौभाग्य है कि मेरी दादी ने जिस दल को अपने पसीने से सींचा, पहली बार जनसेवा का पद बना कर मेरे पूज्य पिताजी चले, आज उसी दल में ज्योतिरादित्य सिंधिया सब ...