हिंदू धर्म में व्रत और त्योहारों की बहुत मान्यता है। होली से लेकर दीपावली, दुर्गा पूजा आदि हिंदुओं के कुछ सबसे बड़े त्योहार हैं। वैसे, हिदुओं से जुड़े पंचांग को देखें तो व्रत और त्योहारों की संख्या काफी ज्यादा है। हर दिन किसी न किसी मायने में विशेष होता है। कई व्रत और त्योहार तो ऐसे भी हैं जिनका क्षेत्रीय आधार पर महत्व बहुत ज्यादा होता है। इसमें छठ व्रत, गणेश चतुर्थी, तीज, ओणम जैसे त्योहार शामिल हैं। Read More
प्रयागराज में शुक्रवार तड़के माघ मेला 2026 की औपचारिक शुरुआत हो गई। भोर होते ही संगम तट की ओर श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा, जहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम में स्नान कर लोगों ने पुण्य लाभ प्राप्त किया। ...
इस महीने मकर संक्रांति (जो धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पर्व है) और लोहड़ी पर्व मनाया जाएगा। मकर संक्रांति के दिन स्नान-दान का महत्व होता है, तो वहीं लोहड़ी पंजाब और उत्तरी भारत का महत्वपूर्ण लोक सांस्कृतिक पर्व है। ...
साल 2025 का समापन एक अत्यंत पावन तिथि के साथ होने जा रहा है। यह दिन है पौष पुत्रदा एकादशी, जो न सिर्फ वर्ष की अंतिम एकादशी है, बल्कि संतान सुख और सौभाग्य प्रदान करने वाली मानी जाती है। ...
साल 2026 में प्रत्येक अमावस्या अपने विशेष महत्व और शुभ कार्यों के लिए अवसर प्रदान करेगी। तो चलिए जानते हैं नए साल में अमावस्या कब-कब है और हर माह की अमावस्या तिथि और उनका धार्मिक महत्व क्या है। ...
मान्यता है कि एकादशी का व्रत रखने से पापों का नाश होता है और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। पुराणों के अनुसार एकादशी व्रत सभी व्रतों में श्रेष्ठ माना गया है। नए साल 2026 के सभी एकादशी व्रतों की तारीख का जानने के लिए देखें एकादशी व्रत कैलेंडर ...
यह दृश्य केवल भावनात्मक नहीं था बल्कि एक सांस्कृतिक-राजनयिक संकेत था कि विश्व अब भारतीय परंपराओं को न केवल समझने बल्कि संरक्षित करने और साझा करने की इच्छा भी रखता है. ...
इस साल पड़ने वाले दूसरे खरमास की बात करें, तो ग्रहों के राजा सूर्य 16 दिसंबर को धनु राशि में प्रवेश कर जाएंगे `और इसके साथ ही पूरे एक माह के लिए खरमास आरंभ हो जाएंगे। ...