आनंद मोहन सिंह बिहार के एक रसूखदार राजनीतिक परिवार से आते हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राम बहादुर सिंह तोमर आनंद मोहन के दादा थे। उनका जन्म 28 जनवरी 1954 को हुआ था। बिहार के सहरसा जिले के पचगछिया गांव से आने वाले आनंद मोहन ने इमरेजेंसी के दौरान कॉलेज की पढ़ाई छोड़ दी और महज 17 साल की उम्र में राजनीति के मैदान में कूद पड़े। Read More
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने आनंद मोहन की रिहाई का विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि बिहार में गैर संवैधानिक काम हो रहा है। जबकि पूर्व मंत्री नीरज कुमार सिंह बब्लू ने उनकी रिहाई का स्वागत किया है। ...
राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव लगभग नौ महीने के बाद शुक्रवार को वापस पटना लौट रहे हैं। उनके बिहार वापसी को आनंदमोहन की रिहाई से जोड़ कर देखा जा रहा है। ...
1994 में गोपालगंज के तत्कालीन जिलाधिकारी कृष्णैया को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था। हत्या की घटना के वक्त आनंद मोहन मौके पर मौजूद थे, जहां वह दुर्दांत गैंगस्टर छोटन शुक्ला की शवयात्रा में शामिल हो रहे थे। शुक्ला की मुजफ्फरपुर शहर में गोली मार कर हत्य ...
आईएएस अधिकारी जी. कृष्णैया की हत्या के मामले में उम्र कैद की सजा काट रहे पूर्व सांसद आनंद मोहन को रिहा किए जाने के फैसले पर सेंट्रल आईएएस एसोसिएशन ने नाराजगी जाहिर की है। ...