संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया के सबसे ताकतवर देशों में एक है। 50 राज्यों के संघ अमेरिका की आबादी करीब 33 करोड़ है। अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन है। यहां की करेंसी डॉलर है। न्यूयॉर्क, कैलिफोर्निया, टेक्सास, हवाई फ्लोरिडा यहां के मुख्य शहर हैं। Read More
वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि उन्होंने मंगलवार की रात अपने डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी जो बाइडेन के खिलाफ राष्ट्रपति पद के लिए होने वाली पहली बहस (प्रेसीडेंशियल डिबेट) जीत ली है। राष्ट्रपति पद के लिए होने वाली तीन बह ...
बाइडेन ने कहा, ‘‘सच्चाई यह है कि उन्होंने (ट्रम्प ने) अब तक जो भी कहा है, वह झूठ है। मैं यहां उनके बताए झूठ का जिक्र करने नहीं आया हूं। सभी लोगों को पता है कि वह झूठे हैं।’’ ...
83 वर्षीय शेख नवाफ लंबे अरसे तक सुरक्षा सेवा से जुड़े रहे। ऐसी उम्मीद नहीं है कि शेख नवाफ दिवगंत अमीर शेख सबाह के कूटनीतिक मार्ग से हटेंगे। बहरहाल, शेख नवाफ के अमीर बन जाने से इस बात को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है कि मुल्क का नया वली अहद कौन हो ...
बता दें कि अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव में बस कुछ ही दिन रह गए हैं। ऐसे में बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी के जो बाइडन अपनी पहली डिबेट में एक-दूसरे का मुकाबला कर रहे हैं। 3 नवंबर को होने वाले चुनाव में जनमत तय करने ...
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव में बस कुछ ही दिन रह गए हैं। ऐसे में बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी के जो बाइडन अपनी पहली डिबेट में एक-दूसरे का मुकाबला कर रहे हैं। ...
विदेश मंत्री रहने के दौरान शेख सबाह ने 1990 के खाड़ी युद्ध के बाद इराक के साथ करीबी रिश्ते कायम करने और अन्य क्षेत्रीय संकटों का समाधान निकालने के लिए काफी काम किया। शेख सबाह ने कतर और अन्य अरब देशों के बीच विवाद के कूटनीतिक हल के लिए भी कोशिशें कीं ...
बयान में उन्होंने कहा, “वे माता, पिता, पत्नी, पति, भाई और बहन थे। दोस्त और सहकर्मी थे। इस बीमारी के बरकरार रहने से दर्द कई गुना बढ़ गया है। संक्रमण के जोखिम की वजह से परिवार घरों में ही रह रहे हैं। और जीवन में दुख या आनंद मनाना अक्सर असंभव हो रहा है। ...
सिख-अमेरिकी वकील और ट्रम्प के वकीलों में से एक (को-चेयर) हरमीत ढिल्लों ने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता और स्वाधीनता सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की पहल के कारण इतने सारे सिख युवा आज अमेरिकी सेना में अपनी पगड़ी और दाढ़ी के साथ सेवा दे ...