लाइव न्यूज़ :

Maha Shivratri 2026: कब है महाशिवरात्रि? नोट कर लें सही तारीख और शुभ मुहूर्त

By अंजली चौहान | Updated: February 6, 2026 13:04 IST

Maha Shivratri 2026: महाशिवरात्रि भगवान शिव को समर्पित एक पवित्र त्योहार है। भक्तों के लिए इसके पूजा के समय, निशिता काल, रीति-रिवाजों, व्रत के नियमों और आध्यात्मिक महत्व के बारे में जानें।

Open in App

Maha Shivratri 2026: हिंदू देवता भगवान शिव को समर्पित महाशिवरात्रि का त्योहार पवित्र हिंदू त्योहारों में से एक है। महाशिवरात्रि हर साल फरवरी-मार्च महीने के आस-पास आती है जो कि हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन महीने में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। यह त्योहार भक्ति, आत्म-अनुशासन और आध्यात्मिक जागृति का प्रतीक है।

इस साल महाशिवरात्रि फरवरी के मध्य में मनाई जाएगी, जिसमें विशेष पूजा का समय भक्तों के लिए बहुत शुभ माना जाता है। 

महाशिवरात्रि 2026 की तारीख

महाशिवरात्रि रविवार, 15 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी। यह त्योहार उस दिन मनाया जाता है जब रात में चतुर्दशी तिथि होती है, जो महाशिवरात्रि की सही तारीख तय करने का सबसे महत्वपूर्ण नियम है। 2026 में, यह शर्त पूरी तरह से पूरी होती है, जिससे 15 फरवरी सही तारीख है।

हिंदू पंचांग के अनुसार:

चतुर्दशी तिथि शुरू: 15 फरवरी 2026 को शाम 05:04 बजे

चतुर्दशी तिथि समाप्त: 16 फरवरी 2026 को शाम 05:34 बजे

चूंकि चतुर्दशी तिथि 15-16 फरवरी की पूरी रात रहती है, इसलिए महाशिवरात्रि रविवार, 15 फरवरी 2026 को सही ढंग से मनाई जाएगी।

महाशिवरात्रि 2026 निशिता काल पूजा का समय

निशिता काल, यानी आधी रात का समय, महाशिवरात्रि पर शिव पूजा करने के लिए सबसे शुभ समय माना जाता है।

निशिता काल पूजा का समय: 16 फरवरी 2026 को सुबह 12:09 बजे से 01:01 बजे तक

अवधि: 51 मिनट

भक्तों का मानना ​​है कि निशिता काल के दौरान भगवान शिव की पूजा करने से आध्यात्मिक शक्ति, मन की शांति और नकारात्मक ऊर्जाओं से मुक्ति मिलती है।

चार प्रहर पूजा का समय

महाशिवरात्रि की रात को चार प्रहरों में बांटा गया है, और प्रत्येक प्रहर में पूजा का विशेष महत्व है। 

पहला प्रहर: शाम 06:11 बजे से रात 09:23 बजे तक (15 फरवरी)

दूसरा प्रहर: रात 09:23 बजे से सुबह 12:35 बजे तक (16 फरवरी)

तीसरा प्रहर: सुबह 12:35 बजे से सुबह 03:47 बजे तक (16 फरवरी)

चौथा प्रहर: सुबह 03:47 बजे से सुबह 06:59 बजे तक (16 फरवरी)

भक्त अपनी क्षमता के अनुसार एक या सभी प्रहरों के दौरान अभिषेक, मंत्र जाप या ध्यान कर सकते हैं।

महाशिवरात्रि 2026 पारण का समय

पारण का मतलब है शिवरात्रि का व्रत तोड़ने का समय।

पारण का समय: 16 फरवरी 2026 को सुबह 06:59 बजे से दोपहर 03:24 बजे तक

व्रत सूर्योदय के बाद और चतुर्दशी तिथि पूरी होने के बाद ही तोड़ना चाहिए, इसलिए यह पारण का समय सही है।

दिन में मनाए जाने वाले ज़्यादातर हिंदू त्योहारों के विपरीत, महाशिवरात्रि रात में मनाई जाती है। मान्यता के अनुसार, भगवान शिव की पूजा रात के शांत घंटों में सबसे आसानी से की जा सकती है। जागते रहना, उपवास करना और ध्यान करना मन और शरीर को उच्च चेतना से जोड़ने के तरीके माने जाते हैं।

महाशिवरात्रि भगवान शिव और देवी पार्वती के दिव्य मिलन से भी जुड़ी है और इसे आध्यात्मिक परिवर्तन के लिए एक शक्तिशाली समय माना जाता है। 

टॅग्स :महाशिवरात्रिभगवान शिवहिंदू त्योहार
Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठHanuman Jayanti Puja Muhurat 2026: नोट कर लें बजरंगबली की पूजा के ये 2 सबसे शुभ मुहूर्त, बरसेगी पवनपुत्र की कृपा

पूजा पाठHanuman Jayanti 2026: बिना तामझाम ऐसे करें बजरंगबली की पूजा, चमक जाएगी आपकी किस्मत

पूजा पाठकैसे करें हनुमान बाहुक का पाठ?, मंगलवार-शनिवार को शुरू कर पाठ?, देखिए वीडियो

पूजा पाठHanuman Janmotsav 2026: रूद्र के अवतार हनुमान जी को अमरता का वरदान?, मंगलवार को जरूर करें बजरंग बाण?, वीडियो

पूजा पाठHanuman Jayanti 2026: 1 या 2 अप्रैल, कब मनाई जाएगी हनुमान जयंती? दूर करें अपना कन्फ्यूजन

पूजा पाठ अधिक खबरें

पूजा पाठPanchang 04 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 04 April 2026: कुंभ राशिवालों को अचानक धनलाभ मिलने की संभावना, जानें सभी राशियों का फल

पूजा पाठGrah Gochar April 2026: अप्रैल में 4 राशिवालों के लिए बनेंगे कई राजयोग, ये ग्रह गोचर दे रहे हैं शुभ संकेत

पूजा पाठPanchang 03 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 03 April 2026: आज अवसर का लाभ उठाएंगे कर्क राशि के लोग, जानें अन्य सभी राशियों का भविष्य