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Shukra Pradosh Vrat: इस खास रंग को पहन कर करें शिव की उपासना, नेत्र रोगियों को मिलेगी राहत

By मेघना वर्मा | Updated: October 11, 2019 08:45 IST

इस बार शुक्र प्रदोष 11 अक्टूबर को पड़ रहा है। शुक्रवार को पड़ने के वजह से इसे शुक्र प्रदोष भी कहते हैं।

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ठळक मुद्देहिन्दू धर्म में प्रदोष व्रत को भगवान शिव की महाकृपा पाने का दिन बताया गया है। 11 गुलाब के फूलों को गुलाबी धागे में बांधकर शिव को अर्पित करें।

हिन्दू धर्म में प्रदोष व्रत को भगवान शिव की महाकृपा पाने का दिन बताया गया है। वैसे दो हर महीने दो प्रदोष आते है मगर अश्विन मास में आने वाले प्रदोष की महत्ता सबसे ज्यादा बताई जाती है। इस बार ये प्रदोष 11 अक्टूबर को पड़ रहा है। शुक्रवार को पड़ने के वजह से इसे शुक्र प्रदोष भी कहते हैं। माना जाता है कि इस दिन व्रत करने और विधि विधान से पूजा पाठ करने वाले के जीवन से सभी तरह के कलह दूर हो जाते हैं। 

इस बार शुक्र प्रदोष पर पूजन तिथि हिंदू पंचाग के अनुसार सबसे शुभ योग 5 बजकर 52 मिनट से 8 बजकर 23 मिनट तक है। आप इन 2 घंटे 31 मिनट में शिव की उपासना कर सकते हैं। पूजा करने के लिए सुबह तड़के दैनिक कार्य करने के बाद शिव की उपासना करें। दिन भर व्रत जरूर करें। शाम को सूर्यास्त से पहले सफेद रंग के कपड़े पहनें। इसके बाद ईशान कोण पर एक जगह पूजा करने के लिए साफ-सफाई कर लें।

गंगाजल से उस जगह को शुद्ध करें और इसे गाय के गोबर से लीपें। इसके बाद कुश दिशा की ओर बैठकर भगवान शिव की उपासना करें। शिव का जलाभिषेक करें। विधि-विधान के साथ शिव की आरती करें इसके बाद प्रसाद सभी में बांट दें। 

शुक्र से संबधित बिमारियां होंगी दूर

अगर आपको शुक्र से संबंधित कोई भी बिमारी है जैसे नेत्र रोग या चेहरे का रोग तो इसके लिए आप सफेद चंदन में गंगाजल मिलाकर इसका लेप शुक्र प्रदोष के दिन शिवलिंग पर जरूर करें। इससे आपके रोगों में राहत मिलेगी। साथ ही 11 गुलाब के फूलों को गुलाबी धागे में बांधकर शिव को अर्पित करें इससे आपका दांपत्य जीवन में खुशहाली बनी रहेगी।

टॅग्स :प्रदोष व्रतभगवान शिवपूजा पाठ
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