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Nag Panchami 2019: 'सांपों का एक गांव' जहां घरों में साथ-साथ रहते हैं कोबरा और आम लोग

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: August 5, 2019 10:30 IST

Nag Panchami 2019: यह बात हैरान करने वाली है लेकिन सच है। यहां के गांव वाले कहते हैं कि आज तक किसी सांप ने यहां किसी इंसान को नहीं काटा है।

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ठळक मुद्देमहाराष्ट्र के शेतफल गांव में रोज होती है सांपों की पूजा इस गांव में हैं सापों के कई मंदिर, लोग नहीं पहुंचाते इन्हें नुकसान

Nag Panchami 2019: हिंदू धर्म में सापों को भी पूजने की परंपरा है। भगवान शिव से जुड़ाव के कारण धार्मिक रूप से नागों का महत्व और भी बढ़ जाता है। यही कारण भी है कि हर साल भारत में नाग पंचमी का पर्व खूब उल्लास और तैयारियों के साथ मनाया जाता है। सावन के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाया जाने वाले नाग पंचमी का पर्व आज मनाया जा रहा है। मान्यता है कि इस दिन नागों का दर्शन करने और उनका पूजन करने से घर में खुशहाली आती है और कालसर्प दोष भी कम होता है।

हालांकि, एक सच ये भी है कि सापों को लेकर एक डर भी हर किसी के मन में बना रहता है। वैसे, आज हम आपको भारत के एक ऐसे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं जहां सापों और खासकर कोबरा को एक तरह से पाला जाता है। सापों को यहां कोई भी नहीं मारता और उनके लिए हर घर में खास जगह भी बनाई जाती है।     

महाराष्ट्र में मौजूद है 'सांपों का गांव' 

महाराष्ट्र के पुणे से करीब 200 किलोमीटर दूर सोलापुर जिले में मौजूद है शेतफल गांव जिसे आप 'सापों का गांव' भी कह सकते हैं। इस गांव की आबादी करीब 3000 है। यहां कोबरा जैसे विषैले सांप देखना एक आम बात है और इनके लिए हर घर में एक खास जगह बनाई जाती है। दिलचस्प ये भी है कि यहां हर रोज सांपों की पूजा की जाती है और इनका घर में आना शुभ माना जाता है। यही कारण है कि इनके देखे जाने पर भी कोई इन्हें मारने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं करता है। 

शेतफल गांव के लोग सांपों को अपना देवता मानते हैं। इसलिए यहां परपरा है कि जब भी कई नये घर का निर्माण करता है तो एक खास कोना इन सर्पों के लिए छोड़ा जाता है। घर के इस हिस्से में कोई नहीं जाता है। यह ऐसी जगह है जहां सांप आकर आराम से रह सकते हैं। 

शेतफल गांव में इंसानों को नहीं काटते सांप!

यह बात हैरान करने वाली है लेकिन सच है। यहां के गांव वाले कहते हैं कि आज तक किसी सांप ने यहां किसी इंसान को नहीं काटा है। इस गांव में सांपों के कई मंदिर भी मौजूद हैं।

Nag Panchami 2019: सापों से यहां बच्चे भी नहीं डरते

यह दिलचस्प है कि इस गांव में आने के बाद आपको अक्सर सांप के साथ बच्चे खेलते नजर आ जाएंगे। गांव में स्कूल में पढ़ाई के दौरान भी कई बार सांप क्लास में आ जाते हैं लेकिन इससे किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता। गांव में चलते-फिरते भी आपको कई बार सांप आराम से घूमते या फिर एक घर से दूसरे घर में जाते नजर आ जाएंगे और यहां के लोग भी इसे एक आम बात मानते हैं।

टॅग्स :नाग पंचमीसावनभगवान शिव
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