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गुरु पूर्णिमा पर आज होगा सदी का सबसे बड़ा चन्द्रग्रहण, बन रहे हैं ये 5 बड़े महासंयोग

By मेघना वर्मा | Updated: July 27, 2018 09:53 IST

इस बार का ग्रहण पूर्ण खग्रास होगा अर्थात पूरा चंद्रग्रहण। यह चंद्रग्रहण इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि एक ही साल में यह दूसरा ब्लडमून चंद्रग्रहण होगा। 

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27 जुलाई को सदी का सबसे बड़ा चन्द्रग्रहण पड़ने जा रहा है। आज ही के दिन पूरा देश गुरु पूर्णिमा भी मना रहा है। मगर सदी का यह सबसे लंबे इस ग्रहण आज ही के दिन पड़ रहा है। 4 घंटे के इस ग्रहण को भारत के अलावा अंटार्कटिका, आस्ट्रेलिया, मध्य-पूर्व एवं दक्षिण अमेरिका, रशिया, अफ्रीका एवं एशिया में देखा जा सकेगा। ग्रहण का प्रारम्भ रात्रि 11:54:02 पर हो रहा है। पूर्ण ग्रहण की स्थिति मध्य रात्रि 01:51:08 पर होगी तथा मोक्ष की स्थिति रात्रि 03:49:03 बजे होगी। इस प्रकार ग्रहण की अवधि 3 घण्टे 55 मिनट की होगी एवं पूर्ण ग्रहण की स्थिति 1 घण्टे 43 मिनट तक रहेगी। मगर इस पूर्ण ग्रहण के साथ इस बार 5 महासंयोग भी बन रहे हैं। आप भी जानें कौन से हैं ये संयोग। 

1. 150 साल बाद लगेगा अब ऐसा चंद्रग्रहण

ज्योतिष और खगोलशास्रियों की मानें तो इस चन्द्रग्रहण का योग 18 साल बाद बना है। कहा यह भी जा रहा है कि अब ऐसा चन्द्रग्रहण 150 साल बाद देखा जाएगा। मतलब इस पूरी सदि में और आने वाली आधी सदी तक ऐसा ग्रहण देखने को नहीं मिलेगा। 

2. सदी का सबसे लंबा है यह ग्रहण

27 जुलाई को आधी रात से लगने वाले इस ग्रहण को सदी का सबसे लंबा ग्रहण बताया जा रहा है। खगोल शास्त्रियों का यह भी कहना है कि इससे लम्बा ग्रहण इस सदी में अब दुबारा नहीं लगेगा। आपको बता दें इस चन्द्रग्रहण का पूरा समय 3 घंटे 55 मिनट का है। 

ये भी पढ़ें - 27 जुलाई को होगा पूर्ण चन्द्र ग्रहण, बादल नहीं रहे तो आमजन भी देख सकेंगे ग्रहण

 3. ज्योतिष बता रहे हैं सबसे प्रभावशाली

कहते हैं ग्रहण चाहे जो हो सभी को सावधान रहना चाहिए। सदी के इस सबसे लंबे ग्रहण में भी सावधानियां रखनी जरूरी है। चंद्रग्रहण काल के दौरान मंगल पृथ्वी के बेहद करीब होगा। इस संयोग के कारण ज्योतिषी इस ग्रहण को काफी प्रभावशाली मान रहे हैं और कहते हैं कि इससे प्राकृतिक आपदाओं का भय रहेगा।

4. दूसरी बार दिखेगा ब्लडमून

इस बार का ग्रहण पूर्ण खग्रास होगा अर्थात पूरा चंद्रग्रहण। यह चंद्रग्रहण इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि एक ही साल में यह दूसरा ब्लडमून चंद्रग्रहण होगा। 

ये भी पढ़ें - मंगल ग्रह 15 वर्षों में पहली बार पृथ्वी के सबसे करीब पहुंचेगा

5. बन रहा है त्रिग्रही योग

चंद्रग्रहण के दौरान मंगल और केतु के बीच त्रिग्रही योग बनेगा। केतु के साथ मकर राशि में चंद्रमा के होने से भी ग्रहण योग बन रहा है। जब चंद्रमा और केतु किसी राशि में एकसाथ होते हैं तब ऐसा योग बनता है।

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