लाइव न्यूज़ :

गणेश चतुर्थी स्पेशल: कब और कैसे हुई 10 दिन के गणेशोत्‍सव की शुरुआत, जानें इतिहास

By गुलनीत कौर | Updated: September 12, 2018 13:54 IST

Ganesh Chaturthi history in hindi: भारत में पेशवाओं के समय से ही गणेशोत्‍सव मनाया जा रहा है।

Open in App

भगवान गणेश के अवतरण दिवस के रूप में मनाया जाने वाला गणेश चतुर्थी का पर्व इस बार 13 सितंबर से शुरू होकर 23 सितंबर तक चलने वाला है। 10 दिन के इस महोत्सव में देशभर में गणेश पूजन होता है, लोग पहले दिन बप्पा की मूर्ति को घर लाते हैं और फिर श्रद्धा अनुसार एक, तीन, पांच या पूरे 10 दिन बाद 11वें दिन धूमधाम से विसर्जन करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पहली बार गणेश महोत्सव कब मनाया गया था? किसने इसकी शुरुआत की थी?

पेशवा राज में गणेशोत्‍सव

10 दिन के गणेशोत्‍सव को महाराष्ट्र में सबसे अधिक उमंग के साथ मनाया जाता है। इसके पीछे कारण है कि इस महोत्सव की शुरुआत भी महाराष्ट्र से ही हुई थी। इतिहास के मुताबिक भारत में पेशवाओं के समय से ही गणेशोत्‍सव मनाया जा रहा है। पेशवा बहुत ही धूमधाम से गणपति का स्वागत करते थे। जितने दिन गणेशोत्‍सव रहता उतने दिन इलाके में बेहद रौनक रहती। 

कहते हैं कि सवाई माधवराव पेशवा के शासन से ही भाद्र मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से 10 दिन के गणेशोत्‍सव का आगाज किया जाता था। उनके शासन काल में पूना (तत्कालीन पुणे) के शनिवारवाड़ा महल में 10 दिन के महोत्सव का आयोजन किया जाता था। लेकिन बाद में अंग्रेजों ने जब पेशवाओं के राज्यों पर अपना अधिकार कर लिया तो गणेशोत्‍सव की यह चमक फीकी पड़ने लगी।

लेकिन फिर भी गणेशोत्‍सव की इस परंपरा को कोई बंद नहीं करवा सका। मगर अंग्रेजों के शासनकाल में धीरे-धीरे हिन्दू राजाओं में भी फूट पड़ने लगी। हिन्दू भावनात्मक और धार्मिक रूप से भी एक दूसरे के दुश्मन बनने लगे। धर्म के प्रति भी लोगों में कड़वाहट पैदा होने लगी।

ये भी पढ़ें: गणेश चतुर्थी: चतुर्थी का चांद देखने की मनाही क्यों होती है, जानें इसके पीछे की कहानी

अंग्रेजी शासन में गणेशोत्‍सव

तब महान क्रांतिकारी लोकमान्य तिलक ने एक तरीकब निकाली। उन्होंने महाराष्ट्र में 10 दिन तक गणेश उत्सव आयोजन किए जाने के लिए कहा। भाद्र मास के शुक्ल पक्ष की चुर्थी तिथि से अगले 10 दिन गणेश पूजन और फिर 11वें दिन गणेश विसर्जन किया। सन 1893 में पहली बार अंग्रेजी शासन में गणेशोत्‍सव मनाया गया। इसके बाद से ही आजतक गणेशोत्‍सव मनाया जाता है और अब महाराष्ट्र ही नहीं, पूरे देश और विदेश में भी इस उत्सव को धूमधाम से मनाया जाता है। 

टॅग्स :गणेश चतुर्थीहिंदू त्योहार
Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठHanuman Jayanti Puja Muhurat 2026: नोट कर लें बजरंगबली की पूजा के ये 2 सबसे शुभ मुहूर्त, बरसेगी पवनपुत्र की कृपा

पूजा पाठHanuman Jayanti 2026: बिना तामझाम ऐसे करें बजरंगबली की पूजा, चमक जाएगी आपकी किस्मत

पूजा पाठHanuman Jayanti 2026: 1 या 2 अप्रैल, कब मनाई जाएगी हनुमान जयंती? दूर करें अपना कन्फ्यूजन

कारोबारApril 2026 Festival List: बैसाखी से बिहू तक, अप्रैल 2026 में छुट्टियों का पिटारा, चेक करें त्योहारों की पूरी लिस्ट

पूजा पाठHappy Ram Navami 2026 Wishes: राम नवमी की हार्दिक शुभकामनाएं, दोस्तों और रिश्तेदारों को भेजें ये मैसेज

पूजा पाठ अधिक खबरें

पूजा पाठPanchang 05 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 05 April 2026: आज शत्रुओं की चाल से बचें वृषभ राशि के लोग, कर्क राशिवालों के जीवन में खुशियां

पूजा पाठGuru Nakshatra Parivartan 2026: अप्रैल में इन 5 राशिवालों का शुरू होगा गोल्डन पीरियड, मोटी कमाई की उम्मीद

पूजा पाठPanchang 04 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 04 April 2026: कुंभ राशिवालों को अचानक धनलाभ मिलने की संभावना, जानें सभी राशियों का फल