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फिर राहुल के खिलाफ उतरेगी BJP की धाकड़ महिला प्रत्याशी? 2014 में बस इतना बचा था फासला

By जनार्दन पाण्डेय | Updated: September 1, 2018 11:19 IST

Smriti Fight Against Rahul Gandhi in Amethi Constituency: आंकड़े गवाह हैं, राहुल गांधी के चुनावी कॅरियर में अब तक की सबसे जबर्दस्त टक्कर स्‍मृति ईरानी से ही मिली है।

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अमेठी, 1 सितंबरः साल 2014 में राहुल गांधी के खिलाफ उत्तर प्रदेश की अमेठी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की टिकट चुनाव लड़कर राष्ट्रीय राजनीति में जबर्दस्त धमक देने वाली स्मृति ईरानी 2019 में फिर से कांग्रेस अध्यक्ष को टक्कर दे सकती हैं। शनिवार को वह अमेठी का दौरा कर रही हैं। इस दौरान वह केंद्र सरकार की एक योजना के तहत एक गांव में कई डिजिटल योजनाओं का उद्घाटन करेंगी। कई मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसा दावा किया जा रहा है कि स्मृति ईरानी इस गांव को पूरी तरह डि‌जिटल कर देंगी। इससे पहले भी स्मृति ईरानी की क्षेत्र में सक्रियता देखकर इसका अंजादा लगाया लगा रहा है वह फिर से बीजेपी की उम्मीदवार हो सकती हैं।

उल्लेखनीय है कि 2014 लोकसभा चुनावों में स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को करारी टक्कर दी थी। राहुल गांधी को पिछले लोकसभा चुनावों में कुल 408651 वोट मिले थे। जबकि स्मृति जुबिन ईरानी     को कुल 300748 वोट मिले थे। राहुल गांधी और स्मृति ईरानी के बीच वोटों का फासला महज 107903 ही बची थी। जबकि इसके बाद बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) उम्मीदवार धर्मेंद्र प्रताप सिंह को महज 57716 और धुआंधार प्रचार के बाद भी आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार कुमार विश्वास को 25527 वोट मिले थे।

जबकि इससे पहले के तीन लोकसभा चुनावों के परिणामों पर नजर डालें तो कांग्रेस उम्मीदवारों के सामने दूसरी पार्टियों के उम्मीदवार पूरी तरह से फ्लॉप रहे हैं। खासकर के राहुल गांधी के मैदान में उतरने के बाद से। लोकसभा चुनाव 2004 राहुल गांधी को मिले 390179 वोट, जबकि दूसरे नंबर रहे बीएसपी के चंद्र प्रकाश मिश्रा को मिले महज 99326 वोट। इसी तरह 2009 के लोकसभा चुनावों में     राहुल को 464195 वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर रहे बीएसपी उम्मीदवार अशीष मिश्रा को महज 93997 वोट ही मिले थे।

इस लिहाज से देखें तो स्‍मृति ईरानी, राहुल गांधी को सबसे तगड़ी टक्कर देने वाली उम्मीदवार हैं। हालांकि 2014 में अभूतपूर्व मोदी लहर के बावजूद वह राहुल गांधी को शिकस्त नहीं दे पाई थीं। लेकिन चुनाव में मिले उनको जबर्दस्त समर्थन को देखते हुए मोदी सरकार ने उन्हें पहले मानव संसाधन विकास मंत्री का दर्जा दिया। अब वह कपड़ा मत्रालय संभाल रही हैं और अभी भी मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री का दर्जा प्राप्त हैं। ऐसे में जब बीजेपी में कोई भी सांसद अपनी सीट पक्की नहीं मान रहा है, स्‍मृति ईरानी की अमेठी सक्रियता जता रही है कि उन्हें अंदरखाने ये बता दिया गया है कि उनका अगला टास्क क्या है।

इसी बाबत वह 1 सितंबर को अमेठी के पींडारा ठाकुर गांव पूरी तरह से डिजिटल बनाने पहुंचेंगी। उनके प्रतिनिधि विजय गुप्ता ने बताया कि ईरानी अपने एक दिन के अमेठी भ्रमण के दौरान वह मुसाफिरखाना के पींडारा ठाकुर गांव जाएंगी। यह गांव केन्द्र सरकार के प्रोग्राम ‘कॉमन सर्विस सेंटर’ के तहत चुना गया है। उसके अंतर्गत गांव में सूचना टेक्नोलॉजी सहित विकास के विभिन्न काम किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्मृति पूर्वाह्न 11 बजे पींडारा ठाकुर गांव में इन कार्यों का उदघाटन करेंगी। उसके बाद वह अमेठी नगर में डाक घर की डिजिटल इंडिया बैंकिंग सेवा का शुभारम्भ करेंगी। उसके बाद वह दिल्ली लौट जाएंगी।

टॅग्स :लोकसभा चुनावराहुल गांधीस्मृति ईरानी
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