लाइव न्यूज़ :

सुशांत सिंह राजपूत केसः शिवसेना ने कहा- शरद पवार की पार्थ पर की टिप्पणी को लेकर इतना बवाल क्यों? 

By भाषा | Updated: August 14, 2020 13:32 IST

शिवसेना नेता संजय राउत भी अपने बयानों और लेख के कारण चर्चा में रहे हैं। वे लगातार कहते रहे हैं कि मुंबई पुलिस की जांच सही दिशा में चल रही हैं। अब हालांकि, उन्होंने रुख नरमी दिखाई है।

Open in App
ठळक मुद्देराजपूत मौत के मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर शरद पवार ने सार्वजनिक रूप से पार्थ की निंदा की थी।शिवेसना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में न्यूज चैनलों पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘‘ वे मुद्दे को जबरदस्ती तूल दे रहे हैं’’। शरद पवार वरिष्ठ नेता हैं और राजनीतिक दल के मुखिया हैं, वह उसको डांट सकते हैं। बाल ठाकरे ने भी ऐसा कई बार किया था।

मुंबईः शिवसेना ने राकांपा अध्यक्ष शरद पवार के रिश्तेदार पार्थ पवार द्वारा सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग करने और शरद की उनकी आलोचना करने से पैदा हुए हुए विवाद पर, शुक्रवार को कहा कि इस पर इतना बवाल मचाने की क्या जरूरत है।

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मौत के मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर शरद पवार ने सार्वजनिक रूप से पार्थ की निंदा की थी। शिवेसना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में न्यूज चैनलों पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘‘ वे मुद्दे को जबरदस्ती तूल दे रहे हैं’’।

उसने कहा कि शरद पवार ने जो भी कहा, उसमें कुछ भी गलत नहीं है। सम्पादकीय में कहा गया, ‘‘ ये लोग (न्यूज चैनल) अपनी रोजी-रोटी के लिए बिना बात के बवाल पैदा करते हैं।’’ इसमें कहा गया,‘‘ शरद पवार वरिष्ठ नेता हैं और राजनीतिक दल के मुखिया हैं, वह उसको डांट सकते हैं। बाल ठाकरे ने भी ऐसा कई बार किया था।’’

संपादकीय में कहा गया, ‘‘ जब आपकी जबान नियंत्रण में नहीं होती, तो आपको इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। अजित पवार भी इस समस्या से गुजरे हैं।’’ इसमें कहा गया ‘‘ अब वह अपने आप पर नियंत्रण रखते हैं। उनके बेटे पार्थ राजनीति में नए हैं और इसलिए उनके बयानों से विवाद पैदा होते हैं। कई वरिष्ठ एवं अनुभवी राजनेताओं ने भी सीबीआई जांच की मांग की है।’’

यह इशारा भाजपा नेता देवेन्द्र फड़नवीस की ओर था। मराठी दैनिक पत्र ने कहा, ‘‘ पवार ने पार्थ को रोकने के लिए केवल यह टिपप्पणी की। इस पर इतना बवाल क्यों मचाया जा रहा है।’’ इससे पहले शरद पवार ने बुधवार को कहा था कि पार्थ द्वारा सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग का कोई महत्व नहीं है।

पवार ने पार्थ को ‘अपरिपक्व’ करार दिया था और उनके इस बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में जुबानी जंग शुरू हो गई थी। गौरतलब है कि 34 वर्षीय सुशांत सिंह राजपूत 14 जून को उपनगर बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत मिले थे। पार्थ 27 जुलाई को महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख से मिले थे और उन्होंने मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी।

टॅग्स :उद्धव ठाकरे सरकारशरद पवारशिव सेनाकांग्रेसभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)संजय राउतउद्धव ठाकरेअजित पवारदेवेंद्र फड़नवीस
Open in App

संबंधित खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

राजनीति अधिक खबरें

राजनीतिDUSU Election 2025: आर्यन मान को हरियाणा-दिल्ली की खाप पंचायतों ने दिया समर्थन

राजनीतिबिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलीं पाखी हेगड़े, भाजपा में शामिल होने की अटकलें

राजनीतिBihar voter revision: वोटरों की सही स्थिति का पता चलेगा, SIR को लेकर रूपेश पाण्डेय ने कहा

राजनीतिबिहार विधानसभा चुनावः बगहा सीट पर बीजेपी की हैट्रिक लगाएंगे रुपेश पाण्डेय?

राजनीतिगोवा विधानसभा बजट सत्रः 304 करोड़ की 'बिना टेंडर' परियोजनाओं पर बवाल, विपक्ष का हंगामा