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लोकसभा चुनाव 2019: जमशेदपुर सीट किसी भी पार्टी का गढ़ नहीं, महागठबंध में इस सीट को लेकर मत्था-पच्ची

By पल्लवी कुमारी | Updated: March 17, 2019 09:38 IST

जमशेदपुर लोकसभा सीट को किसी भी पार्टी का गढ़ नहीं कहा जा सकता है। इस सीट से कांग्रेस भी चार बार जीत चुकी है। वहीं, पॉंच बार बीजेपी जीत चुकी है।  जमशेदपुर लोकसभा सीट से तीन बार झारखंड मुक्ति मोर्चा की पार्टी भी जीती है।

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ठळक मुद्देजमशेदपुर लोकसभा सीट से ही झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा थे। जमशेदपुर लोकसभा सीट से इस बार कड़ा मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी के साथ है।

झारखंड की 14 लोकसभा सीट में से जमशेदपुर लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बिद्युत बरन महतो हैं। बिद्युत बरन महतो 2014 में मोदी लहर में पहली बार जीतकर आए थे। जमशेदपुर लोकसभा सीट को किसी भी पार्टी का गढ़ नहीं कहा जा सकता है। इस सीट से कांग्रेस भी चार बार जीत चुकी है। वहीं, पॉंच बार बीजेपी जीत चुकी है।  जमशेदपुर लोकसभा सीट से तीन बार झारखंड मुक्ति मोर्चा की पार्टी भी जीती है। 2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर 66.33 प्रतिशत मतदान हुए थे। जमशेदपुर लोकसभा सीट से ही झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा थे। 

जमशेदपुर लोकसभा सीट से इस बार कड़ा मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी के साथ है। कांग्रेस ने 2019 की लोकसभा चुनाव के लिए झारखंड में महागठबंधन का ऐलान किया है। लोक सभा चुनाव में कांग्रेस 7 सीटों पर तो झामुमो 4 झाविमो 2 और राजद 1 सीट पर चुनाव लड़ेंगे। वहीं, बीजेपी आजूस के साथ गठबंधन में है। बीजेपी झारखंड की 14 लोकसभा सीटों में से 13 सीटों पर चुनाव लड़ने जा रही है, वहीं आजूस एक सीट पर चुनाव लड़ेगी।   

जमशेदपुर लोकसभा सीट का परिचय 

जमशेदपुर पूर्व सिंहभूमि का एक बड़ा हिस्सा है। इस लोकसभा सीट के तहत छह विधानसभा क्षेत्र आते हैं। जो निम्म इस प्रकार हैं- बहरागोरा, पोटका, जुगसलाई, जमशेदपुर पूर्व और जमशेदपुर पश्चिम और घातसिला। इन छह विधानसभा क्षेत्रों में से घातसिला और पोटका क्षेत्र अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीट है। इसके अलावा बाकी सीटों पर शहरी लोग ज्यादा हैं। जमशेदपुर एक बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है। जमशेदपुर पूर्व से ही झारखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास विधायक हैं। 

जमशेदपुर की अधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, जिले का क्षेत्रफल 3533 वर्ग मीटर. किमी. है। जिले की जनसंख्या 2291032 है। जिसमें पुरुष 1175696 हैं और महिलाएं  1115336 हैं। जिले में 1810 गांव है। यहां मुख्यत हिंदी भाषा बोली जाती है। कुछ इलाकों में संथाली और खोट्टा बोली जाती है। 

जमशेदपुर लोकसभा सीट का राजनीतिक परिचय 

जमशेदपुर लोकसभा सीट पर पहली बार चुनाव साल 1957 में हुआ। 1957 में यहां कांग्रेस के मोहिंद्र कुमार घोष जीते थे। 1962 में उदिकर मिश्रा जीते, जो भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता थे। 1967 एस. सी. प्रसाद, 1971 में सरदार स्वर्ण सिंह सोखी जीते। ये दोनों उम्मीदवार कांग्रेस से थे। 1977 में यहां से रुद्र प्रताप सारंगी जीते, जो भारतीय लोक दल के नेता थे। 1980 में भी रुद्र प्रताप सारंगी जीते लेकिन इस बार वो जनता पार्टी की ओर से थे। 1984 में यहां फिर से कांग्रेस आई और गोपेश्वर जीते। 

1989 में यहां से पहली बार झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपना खाता खोला था और शैलेंद्र महतो जीते थे। 1991 में भी झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से शैलेंद्र महतो जीते थे। 1996 में यहां जमशेदपुर लोकसभा सीट से पहली बार 1996 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार नीतीश भारद्वाज जीते। 1998 में बीजेपी की आभा महतो, 1999 में भी बीजेपी की ओर आभा महतो जीती थी। 2004 में यहां से झारखंड मुक्ति मोर्चा के सुनील महतो जीते थे। 2009 में फिर से बीजेपी आई और अर्जुन मुंडा जीते। बता दें कि अर्जुन मुंडा झारखंड के जानें-मानें नेताओं में से एक हैं। अर्जुन मुंडा झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं।  2014 में मोदी लहर में फिर से इस सीट पर बीजेपी के बिद्युत बरन महतो जीते थे। 

झारखंड में बीजेपी और आजसू का गठबंधन

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने लोकसभा 2019 के लिए आजसू से गठबंधन किया है। बीजेपी झारखंड के 14 लोकसभा सीटों में से 13 लोकसभा सीट पर अपने प्रत्याशी उतारेगी। वहीं, आजसू सिर्फ एक लोकसभा सीट गिरिडीह से चुनाव लड़ेगी। हालांकि बीजेपी ने अभी उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है।

झारखंड महागठबंधन: कांग्रेस, झामुमो,  झाविमो और राजद का समीकरण 

झारखंड लोक सभा चुनाव में महागठबंधन के फैसला 2019 के फरवरी में ही हो गया था लोकसभा चुनाव में कांग्रेस 7 सीटों पर तो झामुमो 4 झाविमो 2 और राजद 1 सीट पर चुनाव लड़ेंगे। लेकिन विधानसभा में सबसे ज्यादा सीटे झामुमो को दी जाएगी। गठबंधन के बाद सामने आई जानकारियों को मुताबिक (अभी तक) 14 लोक सभा सीटों में से राजमहल, दुमका और गिरिडीह से झामुमो है। कांग्रेस लोहरदगा, खूंटी, रांची, धनबाद और जमशेदपुर से प्रत्याशी खड़े करेगी। बाकी सीटों पर अभी फैसला नहीं आया है।' स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस सीट के लिए महागठबंधन में रार है।  झामुमो इस सीट से चुनाव लड़ना चाहती है लेकिन कांग्रेस ने पहले ही अपना दावा पेश कर दिया है। 

सात चरण में 11 अप्रैल से 19 मई तक होंगे लोकसभा चुनाव

चुनाव आयोग ने 17वीं लोकसभा का चुनाव सात चरण में, 11 अप्रैल से 19 मई के बीच कराने का फैसला किया है। सातों चरण के मतदान के बाद 23 मई को मतगणना होगी। झारखंड में चौथे चरण में चुनाव शुरू होगा

झारखंड (14 सीट)

चरण    चुनाव की तारीख    संसदीय क्षेत्र का नामचौथा चरण     29 अप्रैल    चतरा, लोहरदग्गा,पालामूपांचवां चरण    6 मई    कोडरमा, रांची, खूंटी, हजारीबागछठवां चरण    12 मई    गिरिडीह, धनबाद, जमशेदपुर, सिंहभूमसातवां चरण     19 मई    राजमहल, दुमका, गोड्डा

टॅग्स :लोकसभा चुनावझारखंड मुक्ति मोर्चाझारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक)भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)कांग्रेसजमशेदपुर लोकसभा सीट
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