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केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन पर कांग्रेस हमलावर, जानिए क्या है मामला

By भाषा | Updated: January 2, 2020 15:15 IST

केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने राहुल गांधी के लिखे पत्र को सार्वजनिक कर दिया जिसमें उन्होंने ‘लोका केरल सभा’ के लिए मुख्यमंत्री को हार्दिक बधाई दी थी। ‘लोका केरल सभा’ प्रवासियों की एक बैठक है। राज्य में कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्ष केएलएस का बहिष्कार कर रहा है।

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ठळक मुद्देमहासचिव के सी वेणुगोपाल और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीतला विजयन के विरोध में उतर आए।वेणुगोपाल ने त्रिशूर में कहा कि पत्र के जरिये विवाद खड़ा करने की कोई जरूरत नहीं थी।

केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने केरल लोका सभा (केएलएस) को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी द्वारा लिखे पत्र को टैग करते हुए अपने ट्विटर पेज पर पोस्ट किया, जिससे कांग्रेस मुख्यमंत्री पर हमलावर है।

विजयन ने राहुल गांधी के लिखे पत्र को सार्वजनिक कर दिया जिसमें उन्होंने ‘लोका केरल सभा’ के लिए मुख्यमंत्री को हार्दिक बधाई दी थी। ‘लोका केरल सभा’ प्रवासियों की एक बैठक है। राज्य में कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्ष केएलएस का बहिष्कार कर रहा है।

विजयन ने पत्र का जिक्र करते हुए ट्वीट किया, ‘‘अपने संदेश में राहुल गांधी ने कहा कि ‘‘लोका केरल सभा’’ प्रवासियों से संपर्क का एक बड़ा मंच है और उन्होंने उनके योगदान को स्वीकारा।’’ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव के सी वेणुगोपाल और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीतला विजयन के विरोध में उतर आए और कहा कि वह राहुल गांधी के पत्र के जरिए विवाद पैदा करना चाहते हैं जो महज एक शिष्टाचार था। राहुल केरल में वायनाड से सांसद हैं।

चेन्नीतला ने कहा कि राहुल ने यह पत्र 12 दिसंबर को भेजा था जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष ने 20 दिसंबर को केएलबी से दूर रहने का फैसला किया था। वेणुगोपाल ने त्रिशूर में कहा कि पत्र के जरिये विवाद खड़ा करने की कोई जरूरत नहीं थी क्योंकि यह यूडीएफ के इसमें हिस्सा नहीं लेने का फैसला करने से कई दिन पहले भेजा गया था।

चेन्नीतला ने कहा कि बैठक के लिए मुख्यमंत्री के निमंत्रण पत्र के जवाब में राहुल गांधी का जवाब लिखना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि इससे विवाद पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है जो दुर्भाग्यपूर्ण है। यूडीएफ ने कथित खर्चीले ढंग से आयोजित हो रही इस बैठक के बहिष्कार का फैसला किया है। उसके मुताबिक, यह ऐसे समय में आयोजित हो रही है जब राज्य सरकार के पास वेतन देने तक के पैसे नहीं हैं। 

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