Highlightsआईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज होगा और जांच की जाएगी.आर्थिक अपराध इकाई ने बिहार के सभी विभागों के प्रधान सचिव व सचिव को पत्र लिखकर ऐसे किसी पोस्ट की शिकायत करने को कहा है.सांसद, विधायक और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर किसी प्रकार की आपत्तिजनक पोस्ट करने पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी.

पटनाः बिहार में आर्थिक अपराध इकाई द्वारा सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणी को लेकर कार्रवाई करने संबंधी पत्र जारी होने के बाद बिहार के राजनीति में फिर से वार-पलटवार का दौरा शुरू हो गया है.

इस पत्र ने पिछले कुछ दिनों से ठंडी चल रही बिहार की राजनीति में नई गर्माहट भर दी है और सूबे में बवाल मच गया है. विपक्षी दलों ने इस आदेश को तुगलकी फरमान बताते हुए सरकार पर आवाज दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. इसतरह से जहां विपक्ष के नेताओं द्वारा लगातार हमला किया जा रहा हैं, वहीं अब सत्ता पक्ष की तरफ से भी जवाब दिया जा रहा है.

महागठबंधन में पुरजोर इसका विरोध किया जा रहा

पत्र जारी करने के बाद महागठबंधन में पुरजोर इसका विरोध किया जा रहा है. राजद नेता तेजस्वी यादव के बाद अब कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा है कि तत्काल सरकार को यह पत्र वापस लेना होगा, क्योंकि सबसे ज्यादा अगर कोई सोशल मीडिया पर भड़काऊ खबरें फैल आती है तो वह है एनडीए की सरकार में. उन्होंने कई नेताओं के नाम ही लिए हैं, उन्होंने कहा है कि सबसे पहले नीरज कुमार सुशील कुमार मोदी और गिरिराज सिंह पर कार्रवाई करनी चाहिए जो आए दिन कमेंट करते हैं.

चाहे वह कांग्रेस की हो या रजद की सबसे पहले सरकार उन पर कार्रवाई करें. अगर ऐसा नहीं करती है तो यह पत्र वापस लेना होगा यह सरकार डरी हुई है और अपनी नाकामी को छुपाना चाहती है. वहीं, जदयू नेता अजय आलोक ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के ऊपर पलटवार करते हुए कहा है कि सोशल मीडिया पर कायरों की तरह मां बहन की गाली और धमकी देने वाले को अब सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी.

अजय आलोक ने कहा है कि अगर सोशल मीडिया पर अश्लीलता करोगे तो नपोगे

अजय आलोक ने कहा है कि अगर सोशल मीडिया पर अश्लीलता करोगे तो नपोगे. चाहे इसके लिए जो उखाड़ना है उखाड़ लो. उन्होंने कहा है कि तेजस्वी यादव आलोचना करना और अभद्र भाषा का प्रयोग करना इन दोनों के बीच अंतर है. इसे समझने के लिए आपको ज्ञान अर्जित करना पडे़गा, लेकिन किस में कितना ज्ञान है यह तो सबको पता है.

जदयू नेता ने कहा है कि जो ज्ञानी व्यक्ति इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला बता रहे हैं. उन्हें यह जानना चाहिए कि सोशल मीडिया पर कायरों की तरह मां बहन की गाली रेप करने की धमकी को अब बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. हालांकि टि्वटर पर तेजस्वी यादव को जवाब देते वक्त जदयू के नेता खुद यह भूल गए कि उन्होंने नेता प्रतिपक्ष पर पलटवार करते हुए आखिर किस भाषा का इस्तेमाल किया. जो उखाड़ना है, उखाड़ लो, जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अजय आलोक ने उस फैसले पर ही सवाल खड़ा कर दिया है. जो खुद उनकी पार्टी प्रशासन वाली सरकार का फैसला है.

लोगों को तेजस्वी यादव भड़का रहे हैं

वहीं इस पत्र को लेकर राजद-कांग्रेस द्वारा विरोध को लेकर जताने को लेकर भाजपा प्रवक्ता ने कहा यह लोग सरकार के खिलाफ लोगों को भड़का रहे हैं. प्रतिबंधित जगहों पर दो तीन दिन से लोगों के साथ बैठक किया जा रहा है, हुजूम इकट्ठा किया जा रहा है. लोगों को तेजस्वी यादव भड़का रहे हैं. जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

तेजस्वी यादव कानून से ऊपर नहीं हैं. अगर वह कानून तोड़ेंगे तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. आगामी 30 जनवरी को राजद के मानव शृंखला को लेकर भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि किसानों के हित के नाम पर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं, इससे कोई लाभ नहीं होगा. राज्य की जनता ने उन्हें नकार दिया है.

किसानों के हित के लिए जितना हमारी सरकार ने किया है, राजद उसके बराबरी कभी नहीं कर सकती

किसानों के हित के लिए जितना हमारी सरकार ने किया है, राजद उसके बराबरी कभी नहीं कर सकती है. उनकी मानव शृंखला पूरी तरह से नाकामयाब साबित होनेवाली है. यहां बता दें कि राज्य सरकार की आर्थिक अपराध शाखा की तरफ से गुरुवार को एक पत्र जारी किया गया था, जिसमें सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने पर कार्रवाई करने की बात कही गई है. वही इस पत्र को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तुलना हिटलर से करते हुए खुद को गिरफ्तार करने की चुनौती दी है.

इसबीच, विपक्ष के हमलावर रुख के बाद सरकार की तरफ से सफाई आ गई है. ईओयू जिसकी तरफ से इस संबंध में आदेश जारी किया गया उसके एडीजी सफाई में आगे आये हैं. उन्होंने कहा है कि ईओयू की तरफ से जो पत्र जारी की गई है, वह सिर्फ जानकारी देने के लिए भेजा गया है. अगर मामला बनेगा तब ही कार्रवाई होगी.

खान ने बताया कि विभाग के अधिकारी नोडल एजेंसी को अप्रोच कर सकते हैं

एडीजी नैयर हसनैन खान ने बताया कि विभाग के अधिकारी नोडल एजेंसी को अप्रोच कर सकते हैं. कानून सम्मत कार्रवाई उन्ही मामलों में होगी जो संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आते हैं. इसके अलावे किसी दूसरे मामले में कोई कार्रवाई नहीं होगी.

उन्होंने इतना जरूर कहा कि यह एडवाइजरी भेजने के पीछे मकसद यही है कि नोडल एजेंसी को लोग आपत्तिजनक सोशल मीडिया टिप्पणी के बारे में शिकायत कर सकते हैं. जांच के बाद अगर मामला सही पाया गया तो इस मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी. नैयर हसनैन खान ने कहा कि आईटी एक्ट आईपीसी के तहत जिन मामलों में संज्ञान लिया जा सकता है. उन्हीं मामलों में कार्रवाई होगी.

वहीं, इस आदेश को लेकर बिहार पुलिस ने स्थिति स्पष्ट की है. बिहार पुलिस ने साफ तौर पर कहा है कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले लोगों पर शिकायत मिलने के बाद आईटी एक्ट या फिर आईपीसी की धाराओं के तहत ही एक्शन लिया जाएगा.

एडीजी मुख्यालय जितेंद्र कुमार ने कहा है कि सोशल मीडिया पर टिप्पणी मर्यादित होनी चाहिए

बिहार पुलिस के प्रवक्ता एडीजी मुख्यालय जितेंद्र कुमार ने कहा है कि सोशल मीडिया पर टिप्पणी मर्यादित होनी चाहिए. एडीजी मुख्यालय ने कहा है कि अगर सोशल मीडिया पर कोई अफवाह फैलाता है या फिर गलत सूचना देता है तो वैसी परिस्थिति में उनके खिलाफ आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई हो सकती है.

एडीजी मुख्यालय ने कहा है कि सोशल मीडिया पर अगर अपमानजनक बातें कही जाती हैं तो इसके बारे में साइबर सेल को सूचित किया जा सकता है. साइबर सेल पहले से ही बिहार में काम कर रहा है. इस तरह की टिप्पणी आईटी एक्ट के तहत पहले ही दंडनीय अपराध की श्रेणी में रखा गया है.

Web Title: Bihar patna social media cm nitish kumar Congress RJD attack action Sushil Kumar Modi and Giriraj Singh

राजनीति से जुड़ी हिंदी खबरों और देश दुनिया खबरों के लिए यहाँ क्लिक करे. यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा लाइक करे