लाइव न्यूज़ :

एशियन गेम्स: छह मुक्केबाज बाई मिलने से प्री क्वार्टरफाइनल में, सोनिया लाठेर पदक से एक जीत दूर

By भाषा | Updated: August 23, 2018 20:45 IST

दो बार के पदकधारी विकास कृष्ण और सरजूबाला देवी सहित छह भारतीय मुक्केबाज एशियाई खेलों के ड्रॉ के बाद बाई मिलने से प्री क्वार्टरफाइनल में पहुंचे।

Open in App

जकार्ता, 23 अगस्त। दो बार के पदकधारी विकास कृष्ण और सरजूबाला देवी सहित छह भारतीय मुक्केबाज एशियाई खेलों के ड्रॉ के बाद बाई मिलने से प्री क्वार्टरफाइनल में पहुंचे, जबकि एक को सीधे अंतिम आठ चरण में प्रवेश मिला।

विश्व और एशियाई रजत पदकधारी सोनिया लाठेर (57 किग्रा) ने एक भी बाउट लड़े बिना क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई और वह खेलों में पदक जीतने से महज एक जीत दूर हैं। एमसी मैरीकॉम ने पिछले चरण में मुक्केबाजी का एकमात्र स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। पुरुषों के ड्रॉ में से सात में से पांच को पहले दौर में बाई मिली है।

राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदकधारी गौरव सोलंकी (52 किग्रा) और राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदकधारी मनोज कुमार (69 किग्रा) ही दो मुक्केबाज हैं, जो शुक्रवार को राउंड 32 से शुरुआत करेंगे। गौरव अपने अभियान की शुरुआत जापान के रयोमेई तनाका के खिलाफ करेंगे जबकि मनोज का सामना भूटान के संगे वांगड़ी से होगा।

राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदकधारी अमित पांघल (49 किग्रा), कांस्य पदक विजेता मोहम्मद हसमुद्दीन (56 किग्रा) और धीरज रंगी (64 किग्रा) और विकास (75 किग्रा) 27 अगस्त को अपने वर्ग में अभियान शुरू करेंगे। विकास चारों में एकमात्र मुक्केबाज हैं जिनका प्रतिद्वंद्वी तय है। वह पाकिस्तान के अहमद तनवीर से भिड़ेंगे।

तीन बार के एशियाई पदकधारी शिव थापा (60 किग्रा) को भी बाई मिली, लेकिन वह अन्य चार से पहले चीन के जुन शान के खिलाफ अपना अभियान शुरू करेंगे। अगर वह जीत जाते हैं तो क्वार्टरफाइनल में उनकी भिड़ंत जूनियर विश्व और एशियाई पदकधारी 18 वर्षीय कजाखस्तान के समाटाली तोल्टायेव से होगी।

महिलाओं में सरजूबाला देवी (51 किग्रा) 26 अगस्त को प्रीक्वार्टरफाइनल में ताजिकिस्तान की मदिना घाफोरोवा से भिड़ेंगी। पवित्रा (60 किग्रा) का सामना 25 अगस्त को राउंड16 में पाकिस्तान की रूखसाना परवीन से होगा। 

एशियाई खेलों में सात पुरूष और तीन महिला वजन वर्ग हैं। भारत ने पिछले 2014 चरण में एक स्वर्ण और चार कांस्य पदक जीते थे। देश के पुरुष मुक्केबाजों ने अंतिम स्वर्ण पदक 2010 चरण में जीता था, जब विजेंदर सिंह (75 किग्रा) और विकास (तब 60 किग्रा में) शीर्ष पर रहे थे।

टॅग्स :एशियन गेम्समुक्केबाजी
Open in App

संबंधित खबरें

अन्य खेलइंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन, आईबीए के साथ मिलकर भारतीय बॉक्सिंग को सशक्त बनाने की दिशा में करेगा काम

भारतविश्व मुक्केबाजी कप फाइनल्स में 20 पदक, सोना ही सोना?, 09 स्वर्ण, 06 रजत और 05 कांस्य, भारतीय मुक्केबाजों ने चीन और इटली को धुना

भारतWorld Boxing Cup 2025: मीनाक्षी हुड्डा, प्रीति पवार ने वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल्स जीते गोल्ड मेडल

भारतकौन हैं जैस्मीन लंबोरिया?, विश्व खिताब जीतने वाली केवल तीसरी भारतीय मुक्केबाज

भारतअंडर-19 एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिपः 3 गोल्ड, 7 सिल्वर और 4 कांस्य पदक, टीम इंडिया ने कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और चीन को हराते हुए 14 मेडल पर कब्जा

अन्य खेल अधिक खबरें

अन्य खेलपुरुष हॉकी वर्ल्ड कप में एक ही ग्रुप में भारत-पाकिस्तान, मैदान में फिर भिड़ेंगी दोनों टीमें; जानें कब और कहाँ होगा महामुकाबला

अन्य खेलकश्मीर में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए गुलमर्ग छठे खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 के लिए तैयार

अन्य खेलएथलीट पीटी उषा के पति का निधन, 67 की उम्र में वी श्रीनिवासन ने ली अंतिम सांस

अन्य खेलतेजी से बदलती दुनिया में निजता का गंभीर सवाल...!

अन्य खेलविंटर ओलंपिक: बर्फ-गर्मी के बीच मुकाबला!