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महाराष्ट्र चुनावः UPA ने किया घोषणापत्र जारी, किसानों की कर्जमाफी से लेकर किए ये बड़े वादे

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: October 8, 2019 09:16 IST

Maharashtra assembly elections: यूपीए के घोषणापत्र में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की अहमियत को ध्यान में रखते हुए कृषि के लिए अलग से बजट पेश करने की घोषणा की गई है.

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ठळक मुद्देकांग्रेस-राकांपा की अगुवाई वाले संयुक्त प्रगतिशील मोर्चे (यूपीए) ने विधानसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है.घोषणापत्र को 'शपथपत्र' नाम दिया गया है. इसमें किसानों को आम कर्जमाफी, नए उद्योगों में भूमिपुत्रों (स्थानीय लोगों को) 80 प्रतिशत नौकरियां देने, शिक्षित बेरोजगारों को पांच हजार रु. मासिक भत्ता देने का वादा किया गया है.

प्रमोद गवलीकांग्रेस-राकांपा की अगुवाई वाले संयुक्त प्रगतिशील मोर्चे (यूपीए) ने विधानसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है. इसे 'शपथपत्र' नाम दिया गया है. इसमें किसानों को आम कर्जमाफी, नए उद्योगों में भूमिपुत्रों (स्थानीय लोगों को) 80 प्रतिशत नौकरियां देने, शिक्षित बेरोजगारों को पांच हजार रु. मासिक भत्ता देने का वादा किया गया है. साथ ही, पर्यावरण हानि को भी मुद्दा बनाया गया है.

घोषणापत्र में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की अहमियत को ध्यान में रखते हुए कृषि के लिए अलग से बजट पेश करने की घोषणा की गई है. घोषणापत्र जारी करते समय कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष बालासाहब थोरात, राकांपा प्रदेशाध्यक्ष जयंत पाटिल, सांसद सुप्रिया सुले, राकांपा प्रवक्ता नवाब मलिक और अन्य नेता मौजूद थे.

घोषणापत्र के अन्य महत्वपूर्ण पहलू इस प्रकार हैं-

- केजी से पीजी तक शिक्षा का उद्देश्य साध्य करने के लिए स्नातक तक शिक्षा नि:शुल्क दी जाएगी.

- उच्च शिक्षा के लिए जीरो ब्याज दर से कर्ज दिया जाएगा.

- राज्य का हर नागरिक स्वास्थ्य बीमा के दायरे में होगा.

- श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 21 हजार रु. निर्धारित किया जाएगा.

- मराठी भाषा विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा.

- सभी महानगरपालिकाओं की सीमा में 500 वर्गफुट क्षेत्र वाले मकानों का संपत्ति कर माफ किया जाएगा.

- मानव विकास सूचकांक बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास.

- ड्रिप और ट्विंकल सिंचाई के लिए 100 फीसदी अनुदान दिया जाएगा.

- दूध का दाम उत्पादन खर्च के आधार पर निश्चित किया जाएगा.

- औद्योगिक बिजली की दर अन्य राज्यों की तुलना में कम या स्पर्धात्मक रखी जाएगी.

- विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए और अधिक लचीली नीति अपनाई जाएगी.

- विदर्भ, मराठवाड़ा, उत्तर महाराष्ट्र, कोंकण और पश्चिम महाराष्ट्र के पिछड़ी तहसीलों में उद्योग बढ़ाने के लिए अलग से नीति बनाई जाएगी.

- नीम के तहत श्रमिकों को पूर्णकालिक श्रमिकों का दर्जा दिया जाएगा.

- अर्ध शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के स्नातक बेरोजगारों को न्यूनतम 100 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा.

- नए मोटर अधिनियम में दंड की राशि कम की जाएगी.

- कारखानों में काम करने वाले अनुबंधित कर्मचारियों को नियमित कर्मियों की तरह लाभ दिए जाएंगे.

- उपेक्षित, पिछड़े और आर्थिक रूप से पिछड़े परिवार के कम से कम एक सदस्य को नौकरी देने का प्रयास किया जाएगा.

- जाति जांच-पड़ताल की प्रक्रिया में पूरी तरह बदलाव कर उसे पारदर्शी बनाया जाएगा.

- महिला गृह उद्योगों के उत्पादों को जीएसटी से मुक्त करने का प्रयास किया जाएगा.

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