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दिल्ली में यमुना का रौद्र रूप जारी, सुप्रीम कोर्ट की ओर पहुंचने वाला है बाढ़ का पानी

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: July 14, 2023 08:47 IST

दिल्ली में बाढ़ की भयावह स्थिति अब भी बरकरार है। बीते गुरुवार को बाढ़ का पानी सुप्रीम कोर्ट के करीब पहुंच गया और मथुरा रोड सहित भगवान दास रोड के कुछ हिस्से पानी में डूब गये।

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ठळक मुद्देदेश की राजधानी दिल्ली में इस समय यमुना के बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ हैयमुना के निकटवर्ती इलाकों से अब तक 23,692 प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया हैबाढ़ का पानी सुप्रीम कोर्ट के करीब पहुंचा, मथुरा रोड और भगवान दास रोड पानी में डूबे

दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में इस समय यमुना के बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है। शुक्रवार को मिली ताजा जानकारी के अनुसार यमुना का जलस्तर सुबह 6 बजे घटकर 208.46 मीटर पर पहुंच गया लेकिन इसके बावजूद दिल्ली को रातह नहीं है क्योंकि बाढ़ का पानी लगातार खतरे के निशान 205.33 से ऊपर बना हुआ है।

दिल्ली सरकार की ओर से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दिन-रात राहत कार्य जारी है और बीते गुरुवार को यमुना के निकटवर्ती इलाकों से 23,692 प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

समाचार वेबसाइट हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक बाढ़ के कारण अब भी भयावह स्थिति बनी हुई है। यमुना के भारी उफान के कारण राजधानी की कई सड़कें नदियों में बदल गईं हैं। जिसके कारण यमुना के सीमावर्ति इलाकों के कई घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इस बीच गुरुवार को सचिवालय सहित दिल्ली की कई सड़कें बाढ़ के पानी में डूब गईं और कई इलाकों में बाढ़ के पानी से आम लोगों का जीवन हलकान बना रहा। शुक्रवार की सुबह में राजघाट के पास जलभराव हो गया। आईटीओ रोड पर भारी जलभराव देखने को मिला। बाढ के कारण नालों से पानी बैकफ्लो हो रहा है। गुरुवार की रात में बाढ़ का पानी सुप्रीम कोर्ट के करीब पहुंच गया और मथुरा रोड सहित भगवान दास रोड के कुछ हिस्से पानी में डूब गये।

दिल्ली सरकार ने बाढ़ की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करते हुए 16 जुलाई तक सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद कर दिया और गैर-आवश्यक सेवाओं के भारी माल वाहनों का प्रवेश दिल्ली में प्रतिबंधित कर दिया है। वहीं बाढ़ के कारण दिल्ली के तीन वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला को बंद करना पड़ा है। जिसकी वजह से पीने के पानी की सप्लाई पर असर पड़ा है। दिल्ली सरकार की मानें तो वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला के वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट बंद होने के कारण आपूर्ति में 25 फीसदी की भारी कटौती की गई है।

दिल्ली में लाल किले के पास बाहरी रिंग रोड, विश्वकर्मा कॉलोनी, यमुना बाजार, आईएसबीटी बस टर्मिनल, कश्मीरी गेट, शंकराचार्य रोड, मजनू का टीला, बटला हाउस, किरारी और किंग्सवे कैंप सहित कई अन्य क्षेत्र बाढ़ के पानी से जलमग्न थे। इस बीच दिल्ली नगर निगम ने बीते बुधवार को एक एडवाइजरी जारी करके दिल्ली के लोगों से अपील की कि वो अंतिम संस्कार के लिए निगमबोध घाट जाने से बचें। इतना ही नहीं यमुना का जलस्तर बढ़ने के कारण गीता कॉलोनी के श्मशान घाट को भी बंद कर दिया गया है।

बाढ के कारण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने गुरुवार को घोषणा की थी कि भारी बारिश और बाढ़ के मद्देनजर 13 जुलाई से 14 जुलाई की दूसरी छमाही तक लाल किला आम जनता और पर्यटकों के लिए बंद रहेगा।

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