लाइव न्यूज़ :

विधानसभा में धर्मांतरण रोधी विधेयक पारित नहीं होने देंगे: सिद्धरमैया

By भाषा | Updated: December 17, 2021 16:47 IST

Open in App

बेलगावी (कर्नाटक), 10 दिसंबर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धरमैया ने कर्नाटक में सत्तारूढ़ भाजपा पर लोगों का असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ‘लव जिहाद, धर्मांतरण रोधी’ जैसे भावनात्मक मुद्दे उठाने का शुक्रवार को आरोप लगाया जिनका मकसद भगवा दल का ‘छुपा एजेंडा’ लागू करना है।

वर्ष 2023 में होने वाले विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस के सत्ता में आने का विश्वास व्यक्त करते हुए, विधानसभा में विपक्ष के नेता ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी धर्मांतरण विरोधी विधेयक को पारित नहीं होने देगी जिसे सरकार विधानमंडल के मौजूदा शीतकालीन सत्र के दौरान पेश करने की योजना बना रही है।

सिद्धरमैया ने कहा, “सौ फीसदी हम (2023 के विधानसभा चुनावों के बाद सत्ता में) वापस आएंगे। स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्रों से एमएलसी चुनावों के दौरान हमें कुल 94,000 मतों में से लगभग 44,000 मत मिले, जबकि भाजपा को करीब 37,000, जद (एस) को तकरीबन 10,000 वोट मिले।”

यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दर्शाता है कि लोग चाहते हैं कि कांग्रेस सत्ता में आए।

उन्होंने आरोप लगाया कि असल मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए सरकार धर्मांतरण रोधी विधेयक लाने जैसी कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, ‘इसकी जरूरत क्या है? इसकी कोई जरूरत नहीं है। अगर जबरन धर्मांतरण होता है तो इसमें शामिल लोगों के खिलाफ शिकायत दें और उन्हें सज़ा दें। कानून पहले से ही है।”

कांग्रेस नेता ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह "लव जिहाद, धर्मांतरण विरोधी" जैसे भावनात्मक मुद्दों को उठाकर अपने “छुपे हुए एजेंडे" को लागू करने की कोशिश कर रही है।

पूछा गया कि कांग्रेस की सरकार बनने पर क्या कानून को रद्द दिया जाएगा तो सिद्धरमैया ने कहा, “हम पहले कानून को पारित होने से रोकेंगे... देखते हैं (सत्ता में आने पर क्या किया जाता है अगर यह पारित हो जाता है)।"

प्रस्तावित धर्मांतरण विरोधी विधेयक का ईसाई समुदाय के नेता भी विरोध कर रहे हैं। इसे सोमवार को कैबिनेट के सामने रखे जाने की उम्मीद है और एक बार वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसे विधानसभा और विधान परिषद में पेश किए जाने की संभावना है।

इस बीच प्रस्तावित धर्मांतरण विरोधी विधेयक का बचाव करते हुए, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और विधायक सी टी रवि ने कहा कि धर्म परिवर्तन वोट हासिल करने का तरीका नहीं बनना चाहिए। उन्होंने सिद्धरमैया सहित कांग्रेस नेताओं से इतिहास पढ़ने और इस बारे में महात्मा गांधी के विचारों को जानने का आग्रह किया।

रवि ने दावा किया कि महात्मा गांधी ने भी धर्मांतरण का विरोध किया था।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठPanchang 07 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 07 April 2026: आज नौकरी में तरक्की, धन-संपत्ति में बढ़ोतरी के शुभ योग

स्वास्थ्यविश्व स्वास्थ्य दिवसः वैज्ञानिक सोच से बदलेगी सेहत की तस्वीर

विश्वयदि ईरान पर जमीनी हमला हुआ तो...

ज़रा हटकेVIDEO: पूजा करने गया था श्रद्धालु, मंदिर में ही हो गई पिटाई – CCTV फुटेज वायरल

भारत अधिक खबरें

भारतWest Bengal: विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल की वोटर लिस्ट से करीब 90 लाख नाम हटाए गए

भारतAssam Opinion Poll 2026: बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए और भी बड़े बहुमत के साथ सत्ता में बना रहेगा, Matrize का अनुमान

भारतयूपी में सरकारी वकीलों की फीस 50% तक बढ़ाएगी सरकार, सरकारी खजाने पर बढ़ेगा 120 करोड़ रुपए का बोझ

भारत'मेरे पति 40 साल के हैं, मैं 19 की': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में महिला ने अपने प्रेमी के साथ रहने का अधिकार जीता

भारत'IIT बाबा' अभय सिंह ने कर्नाटक की इंजीनियर से शादी की, पत्नी के साथ हरियाणा में अपने पैतृक गांव पहुंचे