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आत्मनिर्भर भारत पैकेज में आज कृषि, मछली पालन, खाद्य प्रसंस्करण समेत किसके लिए क्या है?  जानें घोषणा से जुड़ी बड़ी बातें 

By अनुराग आनंद | Updated: May 15, 2020 17:02 IST

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की मानें तो लॉकडाउन अवधि के दौरान 74,300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि से अनाज का न्यूनतम समर्थन मूल्य खरीद हुई है।

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ठळक मुद्देनिर्मला सीतारमण के मुताबिक कृषि का आधारभूत ढ़ांचा बनाने के लिए 1 लाख करोड़ की योजना लाई गई है।इसके अलावा, 20 हजार करोड़ की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, जिसकी घोषणा बजट में की गई है।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मंगलवार (12 मई) को घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज के चरण के तहत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज (15 मई) प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रही हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रेस कांफ्रेंस का आज तीसरा चरण है।  इस प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने किसानों के फायदे के लिए कई कदम उठाए हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान भी किसान काम करते रहे। लॉकडाउन के दौरान 2 माह में फसल बीमा योजना के तहत किसानों ने 6400 करोड़ रुपये निकाले हैं। 

लॉकडाउन अवधि के दौरान 74,300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि से अनाज का न्यूनतम समर्थन मूल्य खरीद हुई है। 18700 करोड़ रुपये का पीएम किसान निधि हस्तांतरण किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि देश में कुल 53 करोड़ पशुओं के लिए 13,000 करोड़ रुपये खर्च होगा। इसके साथ ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के मुताबिक कृषि का आधारभूत ढ़ांचा बनाने के लिए 1 लाख करोड़ की योजना लाई गई है।

इसके अलावा, 20 हजार करोड़ की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, जिसकी घोषणा बजट में की गई है। कोरोना की वजह से इसे तत्काल लागू किया जा रहा है। मछुआरों को नई नौकाएं दी जाएंगी, 55 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। इससे भारत का निर्यात दोगुना बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपये का हो जाएगा। अगले 5 साल में 70 लाख टन अतिरिक्त मत्स्य उत्पादन होगा।]

वित्त मंत्री ने कहा कि माइक्रो फूड इंटरप्राइज के लिए 10,000 करोड़ क स्कीम लाई गई है। उदाहरण देते हुए निर्मला सीतारमण ने बताया कि बिहार में मखाना के क्लस्टर, केरल में रागी, कश्मीर में केसर, आंध्र प्रदेश में मिर्च, यूपी में आम से जुड़े क्लस्टर बनाए जा सकते हैं। इसका फायदा करीब 2 लाख माइक्रो फूड इंटरप्राइज को मिलेगा।

मधुमक्खी पालन के लिए 500 करोड़ रुपये की सहायता किसानों को दी जाएगी इससे 2 लाख पालकों की आय बढ़ेगी। इसके साथ ही हर्बल पौधों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 4,000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इन पौधों की ग्लोबल डिमांड है। लगभग 10 लाख हेक्टेयर में हर्बल प्रोड्क्टस की खेती होगी। इससे 5,000 करोड़ की आय किसानों को होगी। गंगा के किनारे 800 हेक्टेयर भूमि पर हर्बल प्रोडक्ट्स के लिए कॉरिडोर बनाया जाएगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि एनिमल हसबैंड्री इन्फ्रास्ट्रक्चर डेलेवपमेंट फंड में 15,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। दूध उत्पादन, वैल्यू एडिशन के लिए खर्च किए जाएंगे।

आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 में लागू हुआ था, अब देश में प्रचुर उत्पादन होता है हम निर्यात करते हैं। इसलिए इसमें बदलाव जरूरी है। अब अनाज, तिलहन, प्याज, आलू आदि को इससे मुक्त किया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन ग्रीन का विस्तार टमाटर, प्याज और आलू के अलावा बाकी सभी फल और सब्जियों के लिए भी किया जाएगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि मधुमक्खी पालन के लिए 500 करोड़ रुपये की सहायता। इससे मधुमक्खी पालन के लिए आधारभूत संरचना का निर्माण किया जाएगा। इससे 2 लाख पालकों की आय बढ़ेगी।

बता दें कि कोरोना संकट से निपटने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये का पैकेज के पहले चरण में बुधवार (13 मई) को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई ऐलान किए, जिनसे करीब 5.94 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज देने की बात की गई है।वहीं दूसरे चरण में  3.16 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की गई है।  

जानें इससे पहले आर्थिक पैकेज के दूसरे चरण में कल क्या-क्या ऐलान हुआ था? 

सरकार ने 'लॉकडाउन' के प्रभाव से अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज के दूसरे चरण में प्रवासी मजदूरों को मुफ्त अनाज, किसानों को सस्ता कर्ज और रेहड़ी पटरी वालों को कार्यशील पूंजी कर्ज उपलब्ध कराने के लिये 3.16 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की। 

महामारी के मद्देनजर देश को आत्म-निर्भर बनाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा को आगे बढ़ाते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतामण ने बीते दिन (14 मई) आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों को दो महीने के लिए 5 किलो प्रति व्यक्ति अनाज और प्रति परिवार एक किलो दाल (चना) मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी। 

साथ ही देश व्यापी लॉकडाउन के कारण बेरोजगार हुए 50 लाख रेहड़ी पटरी वालों को 10,000-10,000 रुपये तक कार्यशील पूंजी कर्ज उपलब्ध कराया जायेगा। उन्होंने यह भी कहा कि 2.5 करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के जरिये 2 लाख करोड़ रुपये का रियायती कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा। 

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