लाइव न्यूज़ :

उत्तराखंड सरकार शराब पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में कदम उठाएः हाईकोर्ट

By भाषा | Updated: August 30, 2019 15:19 IST

उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने बृहस्पतिवार को राज्य सरकार को शराब पर क्रमिक रूप से प्रतिबंध लगाने के लिये नीतिगत निर्णय लेने के निर्देश दिये।

Open in App
ठळक मुद्देयाचिकाकर्ता डीके जोशी ने बताया कि उच्च न्यायालय ने इसके लिये राज्य सरकार को छह माह का समय दिया है।याचिका में दलील दी गयी थी कि सरकार के संरक्षण में बेची जा रही शराब प्रदेश में जिंदगियों को प्रभावित कर रही है।

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से प्रदेश में शराब पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में कदम उठाने को कहा है। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने बृहस्पतिवार को राज्य सरकार को शराब पर क्रमिक रूप से प्रतिबंध लगाने के लिये नीतिगत निर्णय लेने के निर्देश दिये।

याचिकाकर्ता डीके जोशी ने बताया कि उच्च न्यायालय ने इसके लिये राज्य सरकार को छह माह का समय दिया है। राज्य सरकार को आबकारी कानून की प्रतिबंध से संबंधित धारा 37 ए का अनुपालन करने के निर्देश देने के अलावा उच्च न्यायालय ने 21 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति को एल्कोहल की बिक्री न करने के कानून का भी सख्ती से पालन करने का आदेश दिया।

उच्च न्यायालय ने यह आदेश जोशी की जनहित याचिका पर दिया है। बागेश्वर जिले के गरुड क्षेत्र के निवासी और अधिवक्ता जोशी ने याचिका में शराब को पर्वतीय क्षेत्र में समाज में आयी गिरावट का कारण बताते हुए इस पर प्रतिबंध लगाये जाने का आदेश देने की प्रार्थना की थी।

याचिका में दलील दी गयी थी कि सरकार के संरक्षण में बेची जा रही शराब प्रदेश में जिंदगियों को प्रभावित कर रही है। इस सामाजिक बुराई से कई घर बर्बाद हो गये हैं और शराब पीने से मरने वालों के परिवारों, बीमार होने वालों या दुर्घटना का शिकार होने वालों को कोई मुआवजा भी नहीं मिलता।

याचिका में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने आबकारी कानून, 1910 को 1978 में 37 ए के जरिये संशोधित किया था लेकिन उत्तराखंड सरकार ने उस संशोधन को अपने यहां लागू नहीं किया। राज्य को बने 19 साल गुजर जाने के बाद भी शराब पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में कोई एहतियाती कदम नहीं उठाये गये हैं और इसके विपरीत राज्य सरकार राजस्व के नाम पर दुकानों की संख्या बढा दी गयी है।

याचिका में कहा गया है कि आबकारी नीति, 2019 के तहत जिलाधिकारी को यह सुनिश्चित करने के विशेष अधिकार दिये गये हैं कि जिले का कोई भी क्षेत्र शराब की दुकान से वंचित न रह जाये। इसके अलावा, राज्य में 21 वर्ष से कम उम्र के व्यक्तियों को शराब की बिक्री न किये जाने के प्रावधान की भी अनदेखी की जा रही है।

हालांकि, राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि 2002 में आबकारी नीति में कई प्रकार के नियंत्रण लगाये गये थे और उनका पालन किया जा रहा है । इस संबंध में उदाहरण देते हुए सरकार ने कहा कि हरिद्वार, ऋषिकेश, चारधाम, पूर्णागिरी और पिरान कलियर जैसे धार्मिक स्थानों पर शराब प्रतिबंधित है।

इसके अलावा स्कूल, कालेज, मंदिर और मस्जिदों से भी एक निर्धारित दूरी के नियम का पालन किया जाता है । याचिकाकर्ता की तरफ से पेश अधिवक्ता वीपी नौटियाल ने अदालत के इस आदेश को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे राज्य में शराब के सेवन की बढती प्रवृत्ति पर लगाम लगेगी। 

टॅग्स :उत्तराखण्डशराबत्रिवेंद्र सिंह रावतहाई कोर्ट
Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठभगवान हनुमान के अवतार माने जाते हैं बाबा नीम करोली?, कैंची में बनाया अपना धाम, हर साल जाते हैं करोड़ों लोग?

क्राइम अलर्टदेहरादून क्राइमः पुलिस हिरासत में पीआरडी जवान सुनील रतूड़ी की मौत, रायपुर थाना प्रभारी समेत 3 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, SSP प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने दिए जांच आदेश

भारत'पत्नी के साथ ‘अप्राकृतिक यौन संबंध’ के लिए पति पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता', एमपी हाईकोर्ट का फैसला

भारतChar Dham Yatra 2026: 19 अप्रैल से शुरू हो रही चार धाम यात्रा, सबसे पहले खुलेंगे यमुनात्री और गंगोत्री द्वार; पूरा शेड्यूल यहां

भारतउत्तराखंड सीएम धामी के मंत्रिमंडल में 5 नए मंत्री शामिल, देखिए किसे-किसे बनाया मंत्री

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया