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उत्तरकाशीः बादल फटने से मची तबाही वाले इलाके में राहत सामग्री लेकर जा रहा हेलीकॉप्टर क्रैश, तीन शव हुए बरामद

By रामदीप मिश्रा | Updated: August 21, 2019 14:08 IST

उत्तरकाशी में भारी बारिश के चलते प्रदेश की छोटी-बड़ी सभी नदियां उफान पर हैं और हरिद्वार में गंगा खतरे के निशान को पार कर गई है। बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं में आराकोट, माकुडी, मोल्डा, सनेल, टिकोची और द्विचाणु में कई मकान ढह गए थे।

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ठळक मुद्देउत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में दो दिन पहले बादल फटने और भूस्खलन से मची तबाही वाले क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्य जोरों पर है। बुधवार (21 अगस्त) को राहत सामग्री लेकर जा रहा एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना का शिकार हो गया है।

उत्तराखंड के आपदाग्रस्त उत्तरकाशी जिले में बचाव और राहत कार्यों में लगे एक हेलीकॉप्टर के बुधवार को मोल्डी के निकट दुर्घटनग्रस्त होने से उसमें सवार एक पायलट समेत सभी तीन व्यक्तियों की मौत हो गई। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अशोक कुमार ने बताया कि निजी कंपनी का यह हेलीकॉप्टर राहत सामग्री लेकर आपदा प्रभावित क्षेत्र मोरी में एक गांव से दूसरे गांव जा रहा था कि तभी वह मोल्डी गांव के पास तारों में उलझकर क्रैश हो गया। 

उन्होंने बताया कि इस दुर्घटना में पायलट, सह—पायलट और एक स्थानीय व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। उत्तरकाशी जिले के मोरी क्षेत्र में गत रविवार को बादल फटने और लगातार भारी बारिश से हुए भूस्खलन की घटनाओं में 70 किलोमीटर क्षेत्र के कुल 51 गांव प्रभावित हुए तथा कई भवन ढह गए जिसमें 15 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई। इन घटनाओं में छह अन्य व्यक्ति लापता भी हो गए। आठ अन्य व्यक्ति इनमें घायल भी हुए हैं जिनका प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है। 

उत्तरकाशी में भारी बारिश के चलते प्रदेश की छोटी-बड़ी सभी नदियां उफान पर हैं और हरिद्वार में गंगा खतरे के निशान को पार कर गई है। बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं में आराकोट, माकुडी, मोल्डा, सनेल, टिकोची और द्विचाणु में कई मकान ढह गए थे। अधिकारियों ने बताया था कि भारतीय वायु सेना के चार हेलीकॉप्टरों की सहायता से खाने के पैकेट, राशन और जरूरी दवाइयों समेत राहत सामग्री प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचायी गई हैं। 

इधर, मौसम विभाग ने राज्य के अधिकांश स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान जताया है, जिसके मद्देनजर प्रदेश के 13 में से नौ जिलों में सोमवार को स्कूल, कॉलेज तथा अन्य शिक्षण संस्थान बंद रहे। प्रदेश के अधिकतर स्थानों पर लगातार बारिश के कारण गंगा और यमुना सहित सभी छोटी-बड़ी नदियां उफान पर हैं और खतरे के निशान के नजदीक बह रही हैं। 

हरिद्वार में गंगा नदी खतरे के निशान 294.450 मीटर को पार कर गई है, जिसके कारण लक्सर क्षेत्र के कई गांवों में धान और गन्ने की 30 हजार बीघा फसलों को नुकसान पहुंचा है। जिलाधिकारी दीपेंद्र चौधरी ने बताया था कि इस क्षेत्र के 30 गांवों के लोगों को सतर्क करने के साथ ही बाढ़ चौकियों को भी अलर्ट रहने को कहा गया है। 

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