लाइव न्यूज़ :

अमेरिकी आयोग का भारत पर धार्मिक स्वतंत्रता उल्लंघन का आरोप, रूस-सीरिया के साथ विशेष चिंता वाली सूची में डालने की मांग

By विशाल कुमार | Updated: November 8, 2021 11:39 IST

भारत पर आयोग की फैक्टशीट कहती है कि 2020 और 2021 की शुरुआत में भारत सरकार ने उन नीतियों को लागू करना जारी रखा, जिन्होंने भारत के मुस्लिम, ईसाई, सिख, दलित और आदिवासी समुदायों के सदस्यों की धार्मिक स्वतंत्रता को प्रभावित किया.

Open in App
ठळक मुद्देअंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी आयोग ने विदेश विभाग को भेजी रिपोर्ट.रूस, सीरिया और वियतनाम के साथ भारत पर धार्मिक स्वतंत्रता उल्लंघन का आरोप.विशेष चिंता के देश के रूप में नामित करने की मांग की.

नई दिल्ली: अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी आयोग (यूएससीआईआरएफ) ने शुक्रवार को विदेश विभाग से रूस, सीरिया और वियतनाम के साथ भारत को धार्मिक स्वतंत्रता उल्लंघन के लिए 'विशेष चिंता के देश' के रूप में नामित करने की मांग की.

द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, भारत पर आयोग की फैक्टशीट कहती है कि 2020 और 2021 की शुरुआत में भारत सरकार ने उन नीतियों को लागू करना जारी रखा, जिन्होंने भारत के मुस्लिम, ईसाई, सिख, दलित और आदिवासी समुदायों के सदस्यों की धार्मिक स्वतंत्रता को प्रभावित किया.

इसमें भेदभावकारी नागरिकता संशोधन कानून, धर्मांतरण रोधी कानून, अंतरधार्मिक विवाद पर प्रतिबंध और कई राज्यों में गोहत्या रोधी कानून का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि इन्होंने नफरत, असहिष्णुता और भय का माहौल पैदा किया.

इसमें यह भी कहा गया कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल नफरत फैलाने, यूएपीए जैसे कानूनों का उपयोग व्यक्तियों और गैर सरकारी संगठनों को धार्मिक उत्पीड़न पर रिपोर्ट करने और उसका मुकाबला करने से रोकने या प्रतिबंधित करने और धार्मिक संगठनों और गतिविधियों के लिए समर्थन को सीमित करने के लिए किया गया.

पिछले साल भी की गई थी सिफारिश

आयोग ने यह सिफारिश ऐसे समय पर दोहराई गई है जब एक महीने के दौरान ही विदेश विभाग के 'विशेष चिंता का देश' और 'विशेष निगरानी सूची' को जारी करने की संभावना जताई जा रही है.

2020 में भी भारत को 'विशेष चिंता का देश' के लिए सिफारिश की गई थी, लेकिन विदेश विभाग ने असहमति जताई थी.

विदेश विभाग ने अपनी रिपोर्ट में भी जताई थी चिंता

इनमें से कई मुद्दों को पिछले साल अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर विदेश विभाग की अपनी रिपोर्ट में शामिल किया गया था. लेकिन इसने द्विपक्षीय संबंधों के अन्य पहलुओं को देखते हुए भारत को विशेष चिंता का देश नामित नहीं किया.

'विशेष चिंता का देश' नामित होने पर उन देशों पर अमेरिका आर्थिक प्रतिबंध लगाता है.

टॅग्स :भारतUSरूससीरियाVietnamSyria
Open in App

संबंधित खबरें

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

विश्वअबू धाबी में रोकी गई ईरानी मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से घायल 12 लोगों में 5 भारतीय शामिल

विश्वअमेरिका-इजरायल के वार बेअसर? हमलों के बावजूद ईरान की मिसाइल क्षमता बरकरार: रिपोर्ट

भारतमाफ कीजिए मुनिश्रीजी, आप गलत बोल गए

विश्वकौन कहता है कि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ता!

भारत अधिक खबरें

भारतFire Accident: ONGC मुंबई हाई प्लेटफॉर्म पर भीषण आग, 10 लोग घायल; राहत और बचाव कार्य जारी

भारतElection 2026: केरल में चुनावी हिंसा! शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन को भी पीटा, 5 धरे गए

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप