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UP Election 2022: शिवपाल सिंह को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने दिया टिकट, इस सीट से चुनाव लड़ेंगे मुलायम सिंह के छोटे भाई

By सतीश कुमार सिंह | Updated: January 22, 2022 19:46 IST

UP Election 2022 Shivpal Singh Yadav Jaswantnagar Seat: समाजवादी पार्टी के महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने अखिलेश यादव के मैनपुरी जिले की करहल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की अधिकृत तौर पर घोषणा की।

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ठळक मुद्देमुलायम सिंह यादव मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।22 लाख युवाओं को आईटी क्षेत्र में रोजगार दिया जाएगा।करहल विधानसभा क्षेत्र में तीसरे चरण में 20 फरवरी को मतदान होगा।

UP Election 2022 Shivpal Singh Yadav Jaswantnagar Seat:  सपा महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने शनिवार को अखिलेश यादव के मैनपुरी की करहल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की अधिकृत घोषणा की। इस बीच सपा ने बड़ी घोषणा की है।

सपा प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल सिंह यादव जसवंतनगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के भाई इस सीट से 5 बार विधायक रह चुके हैं। आपको बता दें कि 2017 में अखिलेश और शिवपाल के बीच मतभेद हुए थे। शिवपाल सिंह को सपा से बाहर कर दिया गया था। 

शिवपाल ने पिछली 22 नवंबर को सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन पर सपा से आगामी विधानसभा चुनाव में 403 में से 100 सीटें मांगी थी। हालांकि सपा के सूत्रों के मुताबिक पार्टी शिवपाल के दल को करीब 10 सीटें ही देने को तैयार है।

गौरतलब है कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव से ऐन पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल के बीच तल्खी अपने चरम पर पहुंच गई थी और दोनों के बीच मनमुटाव प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के गठन के साथ अंजाम तक पहुंच गया था।

वर्ष 2016 के अंत में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनके चाचा तथा कैबिनेट मंत्री शिवपाल के बीच सत्ता और संगठन पर वर्चस्व की जंग शुरू हो गई थी। इसके बाद अखिलेश ने शिवपाल तथा उनके विश्वासपात्र मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया था। विधानसभा चुनाव से ऐन पहले एक जनवरी 2017 को अखिलेश को सपा अध्यक्ष बना दिया गया था।

बाद में शिवपाल ने सपा से अलग होकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का गठन कर लिया था। सपा से अलग होकर नई पार्टी बनाने के बाद शिवपाल ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में फिरोजाबाद से सपा प्रत्याशी अक्षय यादव को चुनौती दी थी हालांकि शिवपाल 90 हजार से कुछ अधिक वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे थे लेकिन इससे हुए नुकसान के कारण सपा को अपनी सीट गंवानी पड़ी थी।

पिछले लोकसभा चुनाव में शिवपाल की पार्टी भले ही अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी लेकिन उसने अनेक सीटों पर सपा प्रत्याशियों का नुकसान किया था। विधानसभा चुनाव की सरगर्मी शुरू होने के बीच शिवपाल ने एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के साथ बैठकें की थीं।

यहां तक कि वह कांग्रेस के भी संपर्क में रहे। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को कड़ी चुनौती पेश करने का दावा कर रहे अखिलेश राष्ट्रीय लोक दल और ओमप्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के साथ पहले ही गठबंधन कर चुके हैं।

(इनपुट एजेंसी)

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