Union Ministers Prakash Javadekar, Nitin Gadkari and Narendra Tomar address the media in Delhi on Union Cabinet's decisions | Modi Cabinet Meeting Briefing: कैबिनेट ने 14 खरीफ फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य 50 से 83% तक बढ़ाया, MSME के लिए 20 हजार करोड़ के पैकेज का ऐलान
प्रकाश जावड़ेकर, नितिन गडकरी और नरेंद्र सिंह तोमर ने कैबिनेट बैठक के फैसलों की जानकारी दी। (फोटो सोर्स- एएनआई)

Highlightsमंत्रिमंडल ने 14 खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को मंजूरी दी है।लॉकडाउन की वजह से सरकार ने किसानों को कर्ज चुकाने के लिए समय 31 अगस्त कर दिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल के एक साल पूरे होने के बाद सोमवार को कैबिनेट की पहली बैठक हुई, जिसमें कई फैसले लिए गए। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, नितिन गडकरी और नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बैठक में हुए फैसलों की जानकारी दी।

प्रकाश जावडे़कर ने कहा कि किसानों, MSMEs और रेहड़ी पटरी वालों पर एक परिवर्तनकारी प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने आज एमएसएमई की परिभाषा को और विस्तार दिया है। सूक्ष्म उद्योगों के लिए सीमा एक करोड़ रुपये का निवेश और पांच करोड़ रुपये का टर्नओवर होगी। 10 करोड़ का निवेश और 50 करोड़ रुपये का टर्नओवर वाले उद्योग छोटे उद्योमों के अंतर्गत आएंगे। वहीं, 20 करोड़ रुपये निवेश और 250 करोड़ रुपये टर्नओवर वाले उद्योग मध्यम उद्योगों की श्रेणी में आएंगे।

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि किसानों की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य की कुल लागत का डेढ़ गुना ज्यादा रखने का वादा सरकार पूरा कर रही है। खरीफ फसल 20-21 के 14 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य जारी कर दिया गया है। इन 14 फसलों पर किसानों को लागत का 50-83% तक ज्यादा दाम हासिल होगा। उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने स्ट्रीट वेंडर के लिए क्रेडिट स्कीम को अपनी मंजूरी दे दी है।

14 खरीफ फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य 50 से 83% तक बढ़ाया

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों को लेकर हुए फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गेंहू की खरीद 360 लाख मीट्रिक टन हो चुकी है। धान की 95 लाख मीट्रिक टन खरीद हो चुकी है और साथ ही 16.07 लाख मीट्रिक टन दालों ओर तिलहन की खरीद हो चुकी है। उन्होंने बताया कि 14 फसलों के लिए जो समर्थन मूल्य की सिफारिश थी, उसे मान लिया गया है। अब किसानों को लागत का 50 से 83 प्रतिशत अधिक मिलेगा।

उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने धान की एमएसपी 1,868 रुपये, ज्वार की 2,620 रुपये, बाजरा की 2,150 रुपये प्रति क्विंटल तय की है। साथ ही मक्का की एमएसपी में 53 फीसद, मूंगफली में 50 फीसद, सूरजमुखी में 50 फीसद, सोयाबीन में 50 फीसद और कपास में 50 फीसद की वृद्धि हुई है।

नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि यदि किसान अपना कर्ज समय पर चुकाता है तो उसे अगली बार 4 फीसदी में ही कर्ज मिलता है। लॉकडाउन की वजह से सरकार ने किसानों को कर्ज चुकाने के लिए समय को 31 मार्च से बढ़ाकर 31 मई तक समय दिया था, लेकिन अब उसे और बढ़ाया गया है। अब किसान 31 अगस्त तक कर्ज चुका सकते हैं, उन्हें अगली बाद 4 फीसदी में ही कर्ज दिया जाएगा।

सरकार अच्छा काम कर रही एमएसएमई में खरीदेगी इक्विटी

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि 10,000 करोड़ का एक फंड बनाया गया है, जिसे बाद में 50,000 करोड़ तक बढ़ाया जाएगा। इस फंड से सरकार अच्छा काम कर रही एमएसएमई में इक्विटी खरीदेगी। इससे उन्हें मजबूती मिलेगी और शेयर मार्केट से उस शेयर को और मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि हमारे देश में 6 करोड़ एमएसएमई है, जिससे 11 करोड़ रोजगार मिलता है। माइक्रो में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर को एक कर दिया गया है। एक्सपोर्ट के टर्नओवर को एमएसएमई की लिमिट से बाहर किया गया है। इससे 2 लाख एमएसएमई को फिर से शुरू करने में फायदा होगा।

नितिन गडकरी ने बताया कि एमएसएमई की परिभाषा को और संशोधित किया गया है और संकट में फंसे एमएसएमई को मदद दी जाएगी। इसके अलावा कैबिनेट ने तवावग्रस्त एमएसएमई के लिए 20 हजार करोड़ रुपये के सबऑर्डिनेट लोन की मंजूरी दे दी है, इससे 2 लाख एमएसएमई को लाभ मिलेगा। 

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