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कचरा जमा करने वाले वाहनों पर रखी जाएगी कड़ी नजर, गाड़ियों में लगेगी GPS प्रणाली

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: October 19, 2019 07:51 IST

शहर में कचरा जमा करने के लिए घंटा गाड़ी, मनपा के एवं निजी ट्रैक्टर उपलब्ध हैं, उसके बावजूद समस्या बरकरार रहती है. मोटर वाहन विभाग की व्यवस्था में सुधार की दृष्टि से आयुक्त ने सख्ती बरतने का निर्णय लिया है. मनमानी बर्दाश्त नहीं कचरा जमा करने के बाद संबंधित वाहन मोटर वाहन विभाग में जमा करना अनिवार्य है.

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ठळक मुद्देकचरा गाड़ियों में जीपीएस प्रणाली लगाने का निर्णय लिया गया है. आचार संहिता खत्म होते ही जीपीएस की निविदा प्रक्रिया पर अमल किया जाएगा.

महापालिका का कचरा जमा करने वाले वाहनों पर नजर रखने में लापरवाही बरत रहे मोटर वाहन विभाग की पोल खोलने तथा वाहन चालकों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए मनपा आयुक्त संजय कापड़णीस ने कचरा गाड़ियों में जीपीएस प्रणाली लगाने का निर्णय लिया है.

मनपा की कचरा गाड़ियों द्वारा कचरा बटोरने में कोताही बरतने की खबर के बाद आयुक्त द्वारा उक्त निर्णय लिए जाने की जानकारी है. विधानसभा चुनाव की आचार संहिता खत्म होते ही जीपीएस की निविदा प्रक्रिया पर अमल किया जाएगा. नगर वासियों के घर-घर जाकर कचरा जमा करने के लिए महापालिका प्रशासन ने करीब 125 घंटा गाडि़यां मुहैया कराई हैं.

इन वाहनों द्वारा शहर के अस्पताल, होटल, भोजनालय, दुकान, बाजार आदि स्थानों से कचरा जमा किया जाना अपेक्षित है. उसके लिए मनपा ने वाहन चालकों की भी नियुक्ति की है. सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक इन वाहनों द्वारा करा जमा कर, उसे नायगांव स्थित डम्पिंग ग्राउंड पर डालने का निर्देश प्रशासन ने दिया है.

दोपहर 2 बजे के बाद उक्त वाहन मोटर वाहन विभाग में जमा किए जाने चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है. वर्ष 2016 में इन वाहनों पर नियुक्त वाहन चालकों की मनमानी बढ़ जाने से रात 11 बजे तक ये वाहन घूमते पाए जा रहे हैं. महापालिका के ईंधन का दुरुपयोग कर, होटलों एवं अन्य व्यावसायिक केंद्रों का कचरा जमा कर, वाहन चालक अपनी जेब भरने में जुटे नजर आ रहे हैं.

ये वाहन मोटर वाहन विभाग में जमा करने की बजाय सीधे वाहन चालकों के घर के सामने खड़े किए जा रहे हैं. कई बार लावारिस स्थिति में खड़े कर दिए जाते हैं. 'लोस' द्वारा उक्त स्थितियां सामने लाए जाने से आयुक्त कापड़णीस ने घंटा गाड़ियों पर जीपीएस लगाने का निर्णय लिया है.  मोटर वाहन विभाग भी निशाने पर आयुक्त ने मोटर वाहन विभाग के कामकाज पर भी नाराजगी जताई है.

शहर में कचरा जमा करने के लिए घंटा गाड़ी, मनपा के एवं निजी ट्रैक्टर उपलब्ध हैं, उसके बावजूद समस्या बरकरार रहती है. मोटर वाहन विभाग की व्यवस्था में सुधार की दृष्टि से आयुक्त ने सख्ती बरतने का निर्णय लिया है. मनमानी बर्दाश्त नहीं कचरा जमा करने के बाद संबंधित वाहन मोटर वाहन विभाग में जमा करना अनिवार्य है.

मनपा के ईंधन एवं वाहन का निजी कार्य के लिए उपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इसे रोकने के लिए जीपीएस प्रणाली कार्यान्वित की जाएगी. 

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