लाइव न्यूज़ :

देश में अब तक टीके की 9.40 करोड़ से अधिक खुराक दी गईं

By भाषा | Updated: April 9, 2021 00:02 IST

Open in App

नयी दिल्ली, आठ अप्रैल देश में अब तक कोविड-19 रोधी टीके की 9.40 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

रात आठ बजे की रिपोर्ट के अनुसार अब तक टीके की कुल 9,40,96,689 खुराक दी जा चुकी हैं।

इनमें टीके की पहली खुराक लेने वाले 89,74,122 स्वास्थ्य कर्मी और दूसरी खुराक लेने वाले 54,48,206 स्वास्थ्य कर्मी शामिल हैं।

इसके अलावा अग्रिम मोर्चे के 98,09,525 कर्मियों को पहली खुराक और 45,41,636 कर्मियों को दूसरी खुराक दी जा चुकी है।

मंत्रालय ने बताया कि 45 साल से 59 साल के बीच की उम्र के 2,59,55,762 लाभार्थियों को पहली खुराक और इसी आयु वर्ग के 5,20,339 लाभार्थियों को दूसरी खुराक दी जा चुकी है।

इसके अलावा 60 वर्ष की आयु से अधिक के 3,74,95,435 लाभार्थियों को पहली और 13,51,664 लाभार्थियों को टीके की दूसरी खुराक दी जा चुकी है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

विश्वIran-Israel War: क्या इस्लामाबाद वार्ता बचा पाएगी शांति? लेबनान हमले और कीर स्टार्मर के खाड़ी दौरे से जुड़ी हर अपडेट, जानें यहां

भारतराज्यसभा सांसद के तौर पर आज शपथ लेंगे नीतीश कुमार, शामिल होंगे सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा; दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन

कारोबारPetrol-Diesel Price Today: ग्लोबल टेंशन के बीच तेल कंपनियों ने जारी किए नए दाम, जानें आज कितनी ढीली होगी जेब

भारतWest Bengal Assembly Eelections 2026: AIMIM ने हुमायूं कबीर की पार्टी से तोड़ा गठबंधन, बंगाल में स्वतंत्र लड़ने का एलान

विश्वअविश्वास के घने कोहरे में विश्वास की खोज !

भारत अधिक खबरें

भारतआरएसएस-भाजपाः लगातार बढ़ते पेड़ पर अनगिनत फल लगे हैं?

भारतगुजरात की पार्षद ने BJP छोड़ी, कांग्रेस में शामिल हुईं, फिर कुछ ही घंटों में ही कर ली 'घर वापसी'

भारतAssembly Elections 2026: असम में 85.65% में मतदाताओं की भागीदारी, केरल में 78.24%, तो पुडुचेरी में 89.08% रही वोटिंग

भारतअपने जन्मदिन से पहले, अनंत अंबानी ने गुजरात के सालंगपुर मंदिर स्थित गौशाला को दान किए ₹10 करोड़

भारतपरिसीमन 2026: ‘I-YUVA फॉर्मूला’ के साथ संतुलित लोकतंत्र की नई दिशा