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बिहार में थमने का नाम नहीं ले रहा है जहरीली शराब से मरने का सिलसिला, बेतिया जिले में हुई सात लोगों की मौत

By एस पी सिन्हा | Updated: January 20, 2025 20:46 IST

मृतकों की उम्र 30 से 58 वर्ष के बीच बताई जा रही है और इनमें से अधिकांश युवा हैं। इस घटना ने पूरे गांव में दहशत का माहौल बना दिया है।

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पटना:बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी कानून के बावजूद जहरीली शराब से मौत का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य के बेतिया जिले के लौरिया थाना क्षेत्र के मठिया गांव में चार दिनों के भीतर सात लोगों की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई है। यह घटना 15 जनवरी से शुरू हुई, जब पहली मौत हुई थी। मृतकों की उम्र 30 से 58 वर्ष के बीच बताई जा रही है और इनमें से अधिकांश युवा हैं। इस घटना ने पूरे गांव में दहशत का माहौल बना दिया है।

मरने वालों में मठिया पंचायत के वार्ड 6 निवासी 30 वर्षीय मनीष चौधरी, 50 वर्षीय सुरेश चौधरी, 35 वर्षीय नेयाज साह, वार्ड नं चार निवासी 30 वर्षीय प्रदीप कुमार गुप्ता, वार्ड नं 7 निवासी 58 वर्षीय शिव राम सहित अन्य शामिल हैं। परिजनों ने इनका अंतिम संस्कार कर दिया है। इन पांच लोगों को पोस्टमार्टम नहीं हुआ है। 

मृतकों के परिजनों का कहना है कि इनकी मौत शराब पीने के बाद हुई, लेकिन पुलिस ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है। प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, कुछ मृतकों को शराब और नशीले पदार्थों का सेवन करने की आदत थी। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों का सही कारण पता चलेगा। 

गांववालों ने बताया कि इस तरह की अचानक मौतें पहले कभी नहीं देखी गई थीं। स्थानीय लोगों का मानना है कि ये मौतें जहरीली शराब पीने से हो सकती हैं। हालांकि, प्रशासन ने इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और कहा है कि जांच जारी है। जिला प्रशासन ने मेडिकल टीम को गांव में तैनात किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 

एसडीएम सूर्यप्रकाश गुप्ता ने जानकारी दी कि कुछ मामलों में पुरानी बीमारियों जैसे दमा और लकवा भी शामिल हैं, लेकिन कई अन्य मामलों में मौतों का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। अब इस मामले में कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा ने कहा कि शराबबंदी अच्छी बात है, लेकिन बिहार में अधिकारियों के मिलीभगत से शराब होती है। ये मुख्यमंत्री भी ये जानते हैं। 

उन्होंने कहा कि शराबबंदी हटनी चाहिए। शराबबंदी अच्छी चीज है, लेकिन बिहार में पूर्णतया लागू नहीं है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से हम बार बार कह रहे है कि शराब से बंदी हटाइये और दोगुनी कीमत में बेचिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के मिलीभगत से यह स्थिति हमेशा देखने को मिलती है। नीतीश कुमार को पता है अधिकारी भी मिले रहते हैं और जब मौत होती है तो छुपाने के लिए कुछ भी बयान दे देते हैं।

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