लाइव न्यूज़ :

नक्सलियों के सबसे खूंखार नेता 'गगन्ना' को संगठन की कमान!

By लोकमत समाचार हिंदी ब्यूरो | Updated: March 13, 2018 18:34 IST

छत्तीसगढ़ के सुकमा स्थित किस्टाराम एरिया में नक्सलियों ने बड़ी वारदात को आने वाले समय की बड़ी वारदातों का ट्रेलर माना जा सकता है।

Open in App

छत्तीसगढ़ के सुकमा स्थित किस्टाराम एरिया में नक्सलियों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। इस वारदात में केंद्रीय सुरक्षा बल को बड़ी क्षति पहुंची है। इस वारदात को आने वाले समय की बड़ी वारदातों का ट्रेलर माना जा सकता है। क्योंकि विश्वसनीय जानकारी मिली है कि नक्सली संगठन की कमान सबसे खूंखार नक्सल नेता के हा‌थों में आ गई है।

बीमार चल रहा है 'गणपति'

अब तक नक्सल कमाल संभाल रहे मौजूदा जनरल सेक्रेटरी ‘गणपति’ घुटनों के दर्द से बीमार होने के चलते उनके स्थान पर नंबाला केशवराव संगठन ने संगठन की कमान अपने हाथों में ले ली है। उधर केशवराव के कमान संभालने की जानकारी भर से सुरक्षा एजेंसियों की भी चिंता बढ़ गई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि ऐसा हुआ है तो आने वाला समय बेहद चौकन्ना रहने का है। 

खतरनाक कार्रवाई के लिए जाना जाता है नक्सल नेता गगन्ना

उल्लेखनीय है कि अभी नक्सली संगठन की केंद्रीय कमेटी के जनरल सेक्रेटरी की कमान मुपल्ला लक्ष्मणराव उर्फ गणपति संभाल रहा है। लेकिन जानकारी मिली है कि वह बीमार है। ऐसे में संगठन की कमान दूसरे टॉप कैडर नंबाला केशवराव उर्फ गगन्ना ने संभाल ली है। हालांकि अभी ये अधिकृत रूप से घोषित नहीं हुआ है क्योंकि केंद्रीय कमेटी की बैठक में ही इस पर फैसला होगा। लेकिन नंबाला केशवराव ने फैसला होने के पूर्व ही कमान संभालने के चलते चिंता बढ़ गई है।

तस्वीर में दाहिनी ओर गगन्ना, बांई ओर गणपति

इसका कारण ये भी है कि अभी केशवराव संगठन में मिलिटरी कमिशन का इंचार्ज के तौर पर काम देख रहा था। उसे संगठन का सबसे खूंखार नेता माना जाता है। वो अपनी तेज और खतरनाक कार्रवाई के लिए भी जाना जाता है। उसे संगठन का खतरनाक रणनीतिकार भी माना जाता है। जबकि गणपति उसके मुकाबले में काफी शांत माना जाता रहा है। ऐसे में केशवराव के हाथ में कमान आने की खबर ही सुरक्षा एजेंसियों की चिंता का कारण बन गई है। 

नक्सल प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर हिंसक वारदातों को अंजाम दिया जाएगा

खुफिया एजेंसियों का मानना है कि गणपति के स्थान पर केशवराव को कमान मिलने का मतलब ये है कि आने वाले समय में नक्सल प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर हिंसक वारदातों को अंजाम दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ में मंगलवार को हुआ ये नक्सली हमला इसी नजरिये से देखा जा रहा है। उधर खुफिया एंजेसियों से मिल रही जानकारी के बाद से ही एंटी नक्सल ऑपरेशन से जुड़े अधिकारी अपने इलाकों में नक्सल विरोधी अभियान में ज्यादा सतर्कता बरतने की सूचना कर रहे है। 

हमें भी नक्सली संगठन की कमान को लेकर हुए इस बदलाव की जानकारी मिली है। लेकिन जबतक संगठन के केंद्रीय कमेटी की बैठक में ऐसा कोई फैसला नहीं हो जाता इस पर कुछ कहा नहीं जा सकता। हालांकि नंबाला केशवराव खूंखार नक्सली नेता के रूप में पहचाना जाता है। इसलिए हम अपने ऑपरेशन और गतिविधियों के दौरान ज्यादा सतर्क हो गए है। हमारी नजर केंद्रीय कमेटी की बैठक और उसमें होने वाले फैसले पर लगी है। -शरद शेलार, डीआईजी, एंटी नक्सल ऑपरेशन

रिपोर्ट- फहीम खान/लोकमत, नागपुर 

टॅग्स :नक्सल हमलानक्सल
Open in App

संबंधित खबरें

भारतछत्तीसगढ़ नक्सली समर्पणः सरकार चाहे तो कुछ भी असंभव नहीं!

भारत'मोदी सरकार ने नक्सलवाद को खत्म कर दिया': अमित शाह ने कांग्रेस से पूछा आदिवासियों का विकास क्यों नहीं हुआ?

भारतअमित शाह का अब नशे पर करारा प्रहार

भारतनक्सल अभियानः जनवरी 2024 से अब तक 500 से अधिक नक्सली ढेर, 1900 अरेस्ट और 2500 आत्मसमर्पण?, अमित शाह बोले-31 मार्च 2026 तक इस समस्या का खात्मा

भारतकांग्रेस की तुष्टिकरण राजनीति के कारण ही देश का विभाजन?, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा-बिना जाति धर्म देखे हम सबके लिए सोचते हैं...

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

क्राइम अलर्टपंजाब पुलिस ने सीमा पार से मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया, 2 गिरफ्तार, 4.13 किलोग्राम हेरोइन बरामद

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं