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मध्यप्रदेशः राजनाथ-विनय सहस्त्रबुद्धे तय करेंगे नेता प्रतिपक्ष, शिवराज को लगेगा एक और झटका?

By राजेंद्र पाराशर | Updated: January 5, 2019 07:45 IST

भाजपा में अब तक न तो विधायक दल की बैठक हुई है और न ही विधायक दल के नेता याने नेता प्रतिपक्ष के नाम का चयन हुआ है.

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ठळक मुद्देसंसदीय बोर्ड की बैठक में जब यह साफ हो गया कि छत्तीसगढ़ और राजस्थान के साथ-साथ मध्यप्रदेश में भी पूर्व मुख्यमंत्रियों को इस पद की कमान नहीं सौंपी जा रही है.वैसे इस पद पर प्रमुख दावेदार के रुप में पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव और डा. नरोत्तम मिश्रा हैं. भार्गव वरिष्ठता के क्रम में भाजपा के सभी 109 विधायकों में सबसे आगे हैं.

मध्यप्रदेश भाजपा अब तक नेता प्रतिपक्ष नहीं चुन पाई है. इस पद के लिए अब दिल्ली में हुई संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद आज पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के स्वर कुछ बदले-बदले नजर आए. आज उन्होंने यह तो साफ कर दिया कि वे नेता प्रतिपक्ष नहीं बन रहे हैं. मगर उनके इस बयान के बाद भाजपा में बिखराव भी साफ दिखाई दे रहा है. अब वे अपने समर्थक को इस पद पर आसीन कराना चाहते हैं, जबकि इस पद के लिए वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव एवं डा. नरोत्तम मिश्रा का नाम आगे है. मगर शिवराज सिंह की चली तो उनके समर्थक पूर्व गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह इस पद पर आसीन हो सकती है.

भाजपा में अब तक न तो विधायक दल की बैठक हुई है और न ही विधायक दल के नेता याने नेता प्रतिपक्ष के नाम का चयन हुआ है. गुरुवार को दिल्ली में संसदीय बोर्ड की बैठक में जब यह साफ हो गया कि छत्तीसगढ़ और राजस्थान के साथ-साथ मध्यप्रदेश में भी पूर्व मुख्यमंत्रियों को इस पद की कमान नहीं सौंपी जा रही है. इसके बाद शिवराज सिंह की सक्रियता भी नजर आई. उन्होंने आज यह स्पष्ट तो कर दिया कि वे नेता प्रतिपक्ष नहीं बन रहे हैं, बल्कि उनकी भूमिका दूसरी रहेगी. मगर वे इस पद पर अपने समर्थक को ही बैठाना पसंद करते हैं. उनके समर्थकों में भूपेन्द्र सिंह का नाम लिया जा रहा है. चौहान सिंह की पसंद हैं. वहीं भूपेन्द्र सिंह को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह का भी समर्थन मिला हुआ है. भूपेन्द्र सिंह के नाम पर अगर सहमति नहीं बनी तो शिवराज सिंह की दूसरी पसंद पूर्व मंत्री राजेन्द्र शुक्ल भी हैं.

वैसे इस पद पर प्रमुख दावेदार के रुप में पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव और डा. नरोत्तम मिश्रा हैं. भार्गव वरिष्ठता के क्रम में भाजपा के सभी 109 विधायकों में सबसे आगे हैं. जबकि डा. नरोत्तम मिश्रा इन दिनों दिल्ली में सक्रिय रहकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के सहारे इस पद के लिए प्रयास कर रहे हैं. शाह भी मिश्रा को पसंद करते हैं, हाल ही में उन्होंने मिश्रा को उत्तरप्रदेश का सहप्रभारी भी नियुक्त किया है. वहीं नेता प्रतिपक्ष चयन के लिए शिवराज सिंह चौहान को इस बार केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर का समर्थन नहीं मिला है. सूत्रों की माने तो तोमर खुद यह नहीं चाहते थे कि शिवराज सिंह को नेता प्रतिपक्ष बनाया जाए.

रविवार को होगा फैसला

भाजपा में अगला नेता प्रतिपक्ष कौन होगा इसका फैसला अब केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथसिंह और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे पर है. वे 6 जनवरी रविवार को भोपाल पहुंचकर विधायक दल की बैठक में यह फैसला करेंगा. दोनों ने नेता यह चाहेंगे कि विधायकों की किसी एक नाम पर सहमति बन जाए, अगर ऐसा नहीं हुआ तो भाजपा में भी नेता प्रतिपक्ष के नाम की घोषणा दिल्ली में ही होगी. वैसे माना जा रहा है कि दोनों नेता दिल्ली से ही किसी नाम को लेकर आएंगे.

टॅग्स :मध्य प्रदेशशिवराज सिंह चौहान
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