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पीएम मोदी के हाथों में पहुंची 'सबके राम' अनूठी कॉफी टेबल बुक, पढ़ भी सकते हैं और हिंदी व अंग्रेजी में सुन भी सकते हैं

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: April 19, 2024 14:34 IST

इस पुस्तक में आप भारत की ऐसी महान विभूतियों के राम नाम पर विचार पढ़ सकते हैं और सुन सकते हैं जो देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर में जाने जाते हैं। इस पुस्तक के माध्यम से आपको पता चलेगा कि क्यों प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी अयोध्या को राष्ट्रीय अभिमान कहते थे।

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ठळक मुद्दे इस पुस्तक में राम मंदिर की नींव में दबे समर्पण, त्याग, बलिदान और सामाजिक चेतना के उद्घोष की अनकही कहानियां हैंपाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर और भारत प्रकाशन के प्रबंध निदेशक अरुण गोयल ने पीएम मोदी को भेंट की पुस्तकइस पुस्तक को आप पढ़ भी सकते हैं और हिंदी व अंग्रेजी में सुन भी सकते हैं

नई दिल्ली: पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर और भारत प्रकाशन के प्रबंध निदेशक अरुण गोयल ने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को  "सबके राम" कॉफी टेबल बुक भेंट की। खास बात यह है कि इस पुस्तक को आप पढ़ भी सकते हैं और हिंदी व अंग्रेजी में सुन भी सकते हैं।  भारत के कण कण में राम हैं। आध्यत्म, इतिहास, मिथक या विज्ञान क्या है राम जन्म भूमि और जन्म तिथि का सच, अयोध्या के इतिहास को उसके वर्तमान से जोड़ता अध्याय, ऐसी तमाम बातों को कहती एक अनुठी पुस्तक है "सबके राम। अयोध्या में राम मंदिर के लिए 500 वर्षों का संघर्ष अब सार्थक हो गया है। दुनिया भर के करोड़ों रामभक्तों का अपने आराध्य की जन्मभूमि पर मंदिर का सपना साकार हो चुका है। इस पुस्तक में राम मंदिर की नींव में दबे समर्पण, त्याग, बलिदान और सामाजिक चेतना के उद्घोष की अनकही कहानियां हैं।

संघर्षों की कहानियों, प्रभु राम से जुड़ी आ​स्थाओं, पौराणिक कथाओं से जुड़े इतिहास और तथ्यों को इस पुस्तक में ज्ञान की प्रामणिकता के साथ एक नए स्वरूप में लाया गया है। इस किताब में  आपको आडियो के रूप में प्रभु राम से जुड़ी वह सारी जानकारी मिलेगी जो उनके विराट रूप को सिर्फ भारत में नहीं बल्कि पूरे विश्व के लिए आदर्श का प्रतीक बनाता है। पीएम मोदी ने आह्वान किया कि राष्ट्र की सभी प्रमुख विभूतियों और अलग-अलग देश में सभी भारतवंशियों तक सदियों के संघर्ष और सत्य की जीत की यह गाथा पहुंचे 

इस पुस्तक में आप भारत की ऐसी महान विभूतियों के राम नाम पर विचार पढ़ सकते हैं और सुन सकते हैं जो देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर में जाने जाते हैं। इस पुस्तक के माध्यम से आपको पता चलेगा कि क्यों प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी अयोध्या को राष्ट्रीय अभिमान कहते थे। राम राज्य, राम रीति और रा​म नीति को पीएम मोदी, राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय, सरसंघचालक मोहन भागवत, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जूना आखाड़ा के आचार्य महामंडलेवर स्वामी अवधेशानंद गिरि कैसे देखते हैं यह इस पुस्तक के माध्यम से आप जान पाएंगे। ये सभी राम मंदिर संघर्ष के साक्षी रहे हैं। इस पुस्तक में भगवान राम और उनकी अयोध्या के बारे में वैज्ञानिकता से देखने का प्रयास किया गया है। यह किताब साक्ष्यों के आधार पर आपके अनेकों अनसुलझे प्रश्नों का उत्तर देगी।

टॅग्स :नरेंद्र मोदीअयोध्याराम मंदिरLord Ram
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