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राजद विधायक सुधाकर सिंह ने नीतीश कुमार के साथ-साथ राजद नेतृत्व की खोली पोल

By एस पी सिन्हा | Updated: February 1, 2023 18:43 IST

पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दिकी को भेजे गए पांच पन्नों के जवाब में सुधाकर सिंह ने नीतीश कुमार के साथ-साथ राजद नेतृत्व की पोल खोलकर रख दी है। 

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ठळक मुद्देउन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दिकी को पांच पन्नों का भेजा जवाबसुधाकर सिंह ने कहा है कि उन्हें मंत्री बनने की कोई इच्छा नहीं थी, पार्टी नेतृत्व ने मेरी अनिच्छा के बावजूद मुझे मंत्री बनाया

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ बोलने के लिए राजद की ओर से भेजे गए कारण बताओ नोटिस का जवाब पार्टी के विधायक और पूर्व मंत्री सुधाकर सिंह ने दे दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दिकी को भेजे गए पांच पन्नों के जवाब में सुधाकर सिंह ने नीतीश कुमार के साथ-साथ राजद नेतृत्व की पोल खोलकर रख दी है। 

उन्होंने कहा है कि मैं उन्हीं मुद्दों को उठा रहा हूं जो राजद का घोषित एजेंडा रहा है। लेकिन पार्टी के कई और नेता बहुत कुछ बोल रहे हैं। अकेले मुझे शो कॉज नोटिस भेजना ए- टू- जेड की नीति नहीं है। सुधाकर सिंह ने कहा है कि उन्हें मंत्री बनने की कोई इच्छा नहीं थी, पार्टी नेतृत्व ने मेरी अनिच्छा के बावजूद मुझे मंत्री बनाया था।

उन्होंने कहा, हमने मंडी कानून को लेकर सवाल उठाया। यह तो राजद के एजेंडे में है। जब हमने सवाल उठाया तो पार्टी मेरे साथ खड़ी नहीं हुई। आखिर किस राजनीतिक दबाव में ऐसा किया गया? उन्होंने कहा है कि किस तरह से राजद शुरू से ही नीतीश कुमार के मंडी कानून का विरोध करता रहा है। आज वही बात जब मैं कर रहा हूं तो पार्टी को एतराज किस बात का है। 

सुधाकर सिंह ने कहा कि पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में नीतीश कुमार की नीतियों के खिलाफ नहीं बोलने का कोई प्रस्ताव पास नहीं हुआ था। राजद के राष्ट्रीय अधिवेशन में पारित प्रस्ताव में राजद के किसी भी कार्यकर्ता को अन्य दल के कार्यकर्ताओं पर टिप्पणी करने के लिए न तो मना किया गया और ना ही रोक लगाई गई थी।

ऐसे में स्पष्ट होता है कि जदयू नेता नीतीश कुमार से संबंधित मेरे किसी बयान से राष्ट्रीय अधिवेशन में पारित प्रस्ताव की अवहेलना नहीं हुई। हमने नीतिगत मामलों पर सवाल उठाए थे। इसको विस्तार से समझा जाएगा तो स्पष्ट मालूम होगा। 

उन्होंने कहा है कि जब नीतीश कुमार बारबार ये बोलते हैं कि 2005 के पहले बिहार की हालत खराब थी तो मुझे बुरा लगता है। नीतीश कुमार लालू यादव और राबड़ी देवी पर ही तो निशाना साधते हैं। सुधाकर ने ये भी याद दिलाया है कि कैसे नीतीश कुमार ने तालिबानी पुलिस कानून का विरोध करने पर विधानसभा में पुलिस बुलाकर राजद औऱ दूसरी विपक्षी पार्टियों के विधायकों को पिटवाया था। 

सुधाकर ने कहा है कि उन्हें दुख इस बात का है कि जब वे पार्टी की नीतियों के मुताबिक किसानों-गरीबों की बात कर रहे थे तो जदयू के नेता उनके खिलाफ लगातार ओछे हमले कर रहे थे। उस समय राजद का कोई नेता उनके पक्ष में बोलने के लिए खड़ा नहीं हुआ।  

टॅग्स :आरजेडीबिहारनीतीश कुमार
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