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BSP नेता यूपी की राज्यपाल आंनदीबेन से मिले, कहा- CAA प्रदर्शन में गिरफ्तार निर्दोश लोगों को छोड़ा जाए

By एएनआई | Updated: January 6, 2020 18:22 IST

बीएसपी के प्रतिनिधिमंडल ने यूपी की राज्यपाल आंनदीबेन पटेल से मुलाकात की। इस संबंध में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने सोमवार को कहा कि उन्होंने राज्यपाल से अनुरोध किया कि जिन निर्दोश लोगों को सीएए प्रदर्शन दौरान जेलों में डाला गया है, उन्हें छोड़ा जाए।

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ठळक मुद्देबीएसपी के प्रतिनिधिमंडल ने यूपी की राज्यपाल आंनदीबेन पटेल से मुलाकात की। सतीश मिश्रा ने कहा कि हमने नागरिकता (संशोधन) कानून के विरोध में वोट डाला था।18  दिसंबर, 2019 को बीएसपी के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की थी।

बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार (06 जनवरी) को उत्तर प्रदेशी की राज्यपाल आंनदीबेन पटेल से मुलाकात की। इस संबंध में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि जिन निर्दोश लोगों को सीएए प्रदर्शन के दौरान जेलों में डाला गया है, उन्हें छोड़ा जाए।

समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, मिश्रा ने कहा, 'हम पहले ही कह चुके हैं कि हमनें नागरिकता (संशोधन) कानून के विरोध में वोट किया। आज हम राज्यपाल से मिले और उनसे सीएए प्रदर्शन के दौरान जेलों में डाले गए निर्दोश लोगों को छोड़ने का अनुरोध किया। प्रदर्शन के दौरान कई लोगों ने अपनी जान गवाईं। साथ ही साथ कुछ लोग अभी भी भुगत रहे हैं। इस कानून की वजह से उत्तर प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे भारत में प्रर्दशन देखा गया है।'

उन्होंने आगे कहा कि जो लोग इस हिंसा में शामिल थे उन लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन निर्दोश लोगों को रिहा किया जाना चाहिए। इसके अलावा जिन लोगों ने इस हिंसा में अपनी जान गवाई है उनके परिजनों को मुनासिब मुआवजा दिया जाना चाहिए।

आपको बता दें कि बीएसपी के नेता 18  दिसंबर, 2019 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिले थे और उनसे नागरिकता कानून को वापस लेने की मांग की थी।

इसके अलावा मिश्रा ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हुई हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि हम हमले कि निंदा करते हैं और यह स्वीकार करने के योग्य नहीं है। छात्रों को अपने कैंपस में सुरक्षित महसूस करना चाहिए और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही विस्तृत जांच की जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं नहीं हों। 

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