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किसान आंदोलन से अलग हुए दो बड़े संगठन, वीएम सिंह ने राकेश टिकैत पर लगाए बड़े आरोप, जानें पूरा मामला

By विनीत कुमार | Updated: January 27, 2021 18:33 IST

दिल्ली में ट्रैक्टर रैली के दौरान हुए व्यापक हिंसा के बीच किसान आंदोलन को भी झटका लगा है। भारतीय किसान यूनियन (भानु) और राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने इस आंदोलन से खुद को अलग करने का फैसला किया है।

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ठळक मुद्देराष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने दिल्ली के बॉर्डर जारी किसान आंदोलन से खुद को अलग कियाभारतीय किसान यूनियन (भानु) के अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने भी किसान आंदोलन से खुद को अलग करने का ऐलान कियावीएम सिंह ने राकेश टिकैत पर लगाए आरोप, कहा- हम यहां लोगों को शहीद करने या पिटवाने नहीं आए हैं

कृषि कानूनों के खिलाफ बीते दो महीनों से जारी किसान आंदोलन को बड़ा झटका लगा है। ट्रैक्टर रैली के दौरान दिल्ली में 26 जनवरी को हुए हिंसा के बाद राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष वीएम सिंह ने आंदोलन से अलग होने का फैसला किया है। 

उन्होंने कहा कि उनके दल का आंदोलन अब यहां से खत्म हो रहा है। वहीं, भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने भी किसान आंदोलन से अलग होने का फैसला किया है। भारतीय किसान यूनियन (भानु) के अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने चिल्ला बॉर्डर पर कहा, 'दिल्ली में कल जो हुआ उससे आहत हूं। इसलिए हमारा 58 दिनों से चला आ रहा धरना खत्म हो रहा है।

वहीं, वीएम सिंह ने कहा, 'ये राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन का फैसला है न कि ऑल इंडिया किसान संघर्ष कॉर्डिनेशन कमिटी का। ये वीएम सिंह, राष्ट्रीय किसान मजदूर और हमारे लोगों का फैसला है।'  

उन्होंने साथ ही कहा, 'मैं प्रदर्शन को उन लोगों के साथ आगे नहीं ले जा सकता जिनकी दिशा ही अलग हो। मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं और राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन खुद को इससे अलग करता है।'

राकेश टिकैत पर वीएम सिंह ने लगाए आरोप

वीएम सिंह ने साथ भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत पर भी आरोप लगाए हैं। वीएम सिंह ने कहा कि इस रूप में आंदोलन नहीं चल सकता है। उन्होंने कहा, 'हम यहां पर लोगों शहीद कराने या पिटवाने नहीं आए हैं। राकेश टिकैत मीटिंग में गए लेकिन उन्होंने यूपी के गन्ना किसानों की बात एक बार भी उठाई? उन्होंने धान की बात की क्या? हम केवल समर्थन देते रहें और कोई नेता बनता रहे, ये हमारा काम नहीं है।'

बता दें कि किसानों की मांगों के मद्देनजर मंगलवार को निकाली गयी ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा के कारण अराजक दृश्य पैदा हो गए थे। बड़ी संख्या में उग्र प्रदर्शनकारी बैरियर तोड़ते हुए लालकिला पहुंच गए और उसकी प्राचीर पर उस स्तंभ पर एक धार्मिक झंडा लगा दिया जहां 15 अगस्त को भारत का तिरंगा फहराया जाता है। 

ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली का आईटीओ एक संघर्ष क्षेत्र की तरह दिख रहा था जहां गुस्साये प्रदर्शनकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त करते हुए नजर आए।

(भाषा इनपुट)

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